बेटियों को समर्पित है बाटी चोखा रेस्टोरेंट: बिना बिटिया के यहां नहीं मिलती एंट्री, महिलाएं परोसती हैं खाना
लजीज व्यंजनों का स्वाद, हांडी की खीर के साथ वाराणसी- शक्तिनगर राजमार्ग पर लतीफपुर में मौजूद बेटियों के रेस्टोरेंट में लिया सकता है। जहां घर की तरह महिलाएं आपको व्यंजन परोसती मिलेंगी। बेटियों को रोजगार से जोड़ने के लिए किए गए इस कारोबार में मध्यकालीन युग की भोजन शैली की विशेषताएं मिलेंगी।
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एक ऐसा रेस्टोरेंट जहां महिला वेटर के साथ ही स्वागत से लेकर सुरक्षा तक की जिम्मेदारी महिलाएं संभालती हैं। यहां स्वाद लेना है तो परिवार में महिला सदस्य का होना जरूरी है। कुछ ऐसी ही अलग खूबियों वाला यह रेस्टोरेंट आज कल चर्चा में है।
ऐसे लजीज व्यंजनों का स्वाद, हांडी की खीर के साथ वाराणसी- शक्तिनगर राजमार्ग पर लतीफपुर में मौजूद बेटियों के रेस्टोरेंट में लिया सकता है। जहां घर की तरह महिलाएं आपको व्यंजन परोसती मिलेंगी। बेटियों को रोजगार से जोड़ने के लिए किए गए इस कारोबार में मध्यकालीन युग की भोजन शैली की विशेषताएं मिलेंगी। ग्रामीण परिवेश की भीनी-भीनी माटी की खुशबू और बेटियों को प्रोत्साहित करने वाला यह रेस्तरां बेटियों को समर्पित है। यहां बेटियों के बगैर प्रवेश निषिद्ध है।
रेस्टोरेंट का प्रभार संभाल रहे ललित तिवारी ने बताया कि यह रेस्टोरेंट बेटियों को समर्पित है। जहां डॉटर्स डे को बेटियों को प्रोत्साहित किया जाता है। स्वास्थ्यवर्धक भोजन परोसने की रसोई बनाई गई है। जाते में पीसी गई चने की सत्तू, ओखली में हाथ से कूटा मसाला तैयार कर बनाया जाता है।