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Mirzapur News: इमरजेंसी पैथोलॉजी बंद, अब केंद्रीय पैथोलॉजी में 24 घंटे होगी जांच
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मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल में मरीजों के लिए संचालित इमरजेंसी पैथोलॉजी को बंद कर दिया गया है। अब रात में आने वाले मरीजों की भी जांच केंद्रीय पैथोलॉजी में ही होगी। केंद्रीय पैथोलॉजी 24 घंटे संचालित किए जाने से मरीजों को रात में जांच के लिए निजी पैथोलॉजी सेंटरों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध मंडलीय अस्पताल में अभी तक केंद्रीय पैथोलॉजी में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक जांच की सुविधा थी। रात 8 बजे के बाद इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को जरूरी जांच के लिए बाहर निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर जाना पड़ता था। देर रात कई बार निजी सेंटरों पर भी जांच की सुविधा नहीं मिल पाती थी। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।
इमरजेंसी मरीजों की समस्या को देखते हुए अस्पताल में इमरजेंसी पैथोलॉजी शुरू की गई थी। यहां रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक जरूरी जांच की जाती थी। इससे रात में इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों को राहत मिल रही थी। अब केंद्रीय पैथोलॉजी में ही 24 घंटे जांच की सुविधा शुरू किए जाने के बाद इमरजेंसी पैथोलॉजी को बंद कर दिया गया है।
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केंद्रीय पैथोलॉजी में रोजाना करीब 200 से 250 लोगों की जांच होती हैं। अब 24 घंटे संचालित किए जाने से दिन के साथ ही रात में आने वाले इमरजेंसी मरीजों की भी जांच अस्पताल में ही हो सकेगी। इससे जांच रिपोर्ट के लिए मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा और इलाज में भी सहूलियत होगी। अस्पताल में प्रमुख रूप से सीबीसी, मधुमेह, किडनी और लीवर संबंधी जांच, थायराइड व हार्मोनल जांच, विटामिन संबंधी जांच, डेंगू एनएस-1, हेपेटाइटिस ए, फाइलेरिया, डिप्थीरिया, स्टूल, ब्लड फ्लूड कल्चर, एसपीएसए और टीओआरसीएच-आईजीएम आदि समेत 80 से अधिक जांच होती है। मंडलीय अस्पताल में रात आठ बजे के बाद जांच की सुविधा नहीं होने से इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को निजी पैथोलॉजी पर भेजना पड़ता था। गंभीर मरीजों के लिए समय पर जांच होना इलाज की दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। केंद्रीय पैथोलॉजी में 24 घंटे सुविधा मिलने से अब इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। मंडलीय अस्पताल के सीएमएस डाॅ.सचिन किशोर का कहना है कि मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए केंद्रीय पैथोलॉजी का 24 घंटे संचालन किया जा रहा है। 24 घंटे संचालन से इमरजेंसी पैथोलॉजी को बंद कर दिया गया है। सारी जांच अब यहीं 24 घंटे होगी।
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मेडिकल कॉलेज से संबद्ध मंडलीय अस्पताल में अभी तक केंद्रीय पैथोलॉजी में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक जांच की सुविधा थी। रात 8 बजे के बाद इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को जरूरी जांच के लिए बाहर निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर जाना पड़ता था। देर रात कई बार निजी सेंटरों पर भी जांच की सुविधा नहीं मिल पाती थी। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।
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इमरजेंसी मरीजों की समस्या को देखते हुए अस्पताल में इमरजेंसी पैथोलॉजी शुरू की गई थी। यहां रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक जरूरी जांच की जाती थी। इससे रात में इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों को राहत मिल रही थी। अब केंद्रीय पैथोलॉजी में ही 24 घंटे जांच की सुविधा शुरू किए जाने के बाद इमरजेंसी पैथोलॉजी को बंद कर दिया गया है।
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केंद्रीय पैथोलॉजी में रोजाना करीब 200 से 250 लोगों की जांच होती हैं। अब 24 घंटे संचालित किए जाने से दिन के साथ ही रात में आने वाले इमरजेंसी मरीजों की भी जांच अस्पताल में ही हो सकेगी। इससे जांच रिपोर्ट के लिए मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा और इलाज में भी सहूलियत होगी। अस्पताल में प्रमुख रूप से सीबीसी, मधुमेह, किडनी और लीवर संबंधी जांच, थायराइड व हार्मोनल जांच, विटामिन संबंधी जांच, डेंगू एनएस-1, हेपेटाइटिस ए, फाइलेरिया, डिप्थीरिया, स्टूल, ब्लड फ्लूड कल्चर, एसपीएसए और टीओआरसीएच-आईजीएम आदि समेत 80 से अधिक जांच होती है। मंडलीय अस्पताल में रात आठ बजे के बाद जांच की सुविधा नहीं होने से इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को निजी पैथोलॉजी पर भेजना पड़ता था। गंभीर मरीजों के लिए समय पर जांच होना इलाज की दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। केंद्रीय पैथोलॉजी में 24 घंटे सुविधा मिलने से अब इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। मंडलीय अस्पताल के सीएमएस डाॅ.सचिन किशोर का कहना है कि मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए केंद्रीय पैथोलॉजी का 24 घंटे संचालन किया जा रहा है। 24 घंटे संचालन से इमरजेंसी पैथोलॉजी को बंद कर दिया गया है। सारी जांच अब यहीं 24 घंटे होगी।