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Mirzapur News: प्रसव के बाद भेजा घर, हालत बिगड़ने पर आई अस्पताल तो कर दिया रेफर, रास्ते में हुई मौत
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संतनगर थाना क्षेत्र के कंहईपुर एएनएम सेंटर पर प्रसव होने के आठ घंटे बाद प्रसूता को घर भेज दिया गया, दो दिन बाद हालत बिगड़ी तो परिजन पटेहरा पीएचसी लेकर आए। आरोप है कि पटेहरा पीएचसी पर इलाज न कर रेफर कर दिया गया। रेफर किए जाने पर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
संतनगर क्षेत्र के क्षेत्र के कन्हईपुर निवासी अनिल ने बताया कि उसकी पत्नी रुबी (26) नौ जनवरी शुक्रवार की रात प्रसव पीड़ा होेने पर गांव के एनएम सेंटर में ले गए। वहां पर एएनएम ने प्रसव कराया।
प्रसव के आठ घंटे बाद शनिवार को जच्चा बच्चा दोनों को घर भेज दिया गया। रविवार को सब ठीक था पर सोमवार की रात अचानक रूबी की तबीयत बिगड़ने लगी। मंगलवार भोर चार बजे उसे परिजन उसे लेकर पटेहरा पीएचसी आए।
आरोप है कि वहां पर इलाज न कर जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन महिला को जिला अस्पताल ले गए। वहां से वाराणसी ट्रामा सेंटर के लिए रेफर किया गया पर परिजनों वापस उसे घर लेकर चले आए।
दोपहर 12 बजे महिला को कर पुनः पीएचसी पटेहरा लेकर पहुंचे। जहां से उसे वापस जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल में इलाज नहीं किया गया। जिस कारण मौत हो गई।
पीएचसी पटेहरा प्रभारी डाॅ. अभिषेक जायसवाल ने बताया कि प्रसव के बाद जच्चा बच्चा को 48 घंटे रखा जाता है। अगर उसे पहले भेजा गया तो उसकी जांच की जाएगी कि किन कारणों से भेजा गया। बाद में महिला आई तो उसे झटका आ रहा था। जिस कारण उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था पर रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
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संतनगर क्षेत्र के क्षेत्र के कन्हईपुर निवासी अनिल ने बताया कि उसकी पत्नी रुबी (26) नौ जनवरी शुक्रवार की रात प्रसव पीड़ा होेने पर गांव के एनएम सेंटर में ले गए। वहां पर एएनएम ने प्रसव कराया।
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प्रसव के आठ घंटे बाद शनिवार को जच्चा बच्चा दोनों को घर भेज दिया गया। रविवार को सब ठीक था पर सोमवार की रात अचानक रूबी की तबीयत बिगड़ने लगी। मंगलवार भोर चार बजे उसे परिजन उसे लेकर पटेहरा पीएचसी आए।
आरोप है कि वहां पर इलाज न कर जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन महिला को जिला अस्पताल ले गए। वहां से वाराणसी ट्रामा सेंटर के लिए रेफर किया गया पर परिजनों वापस उसे घर लेकर चले आए।
दोपहर 12 बजे महिला को कर पुनः पीएचसी पटेहरा लेकर पहुंचे। जहां से उसे वापस जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल में इलाज नहीं किया गया। जिस कारण मौत हो गई।
पीएचसी पटेहरा प्रभारी डाॅ. अभिषेक जायसवाल ने बताया कि प्रसव के बाद जच्चा बच्चा को 48 घंटे रखा जाता है। अगर उसे पहले भेजा गया तो उसकी जांच की जाएगी कि किन कारणों से भेजा गया। बाद में महिला आई तो उसे झटका आ रहा था। जिस कारण उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था पर रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।