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Mirzapur News: युद्धग्रस्त ईरान में फंसे मिर्जापुर के दो लोगों को रेस्क्यू ऑपरेशन का इंतजार
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अदलहाट के नैठी गांव में अपने बेटों के साथ सैयद के पिता गुलाम अब्बास
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मिर्जापुर। मिर्जापुर के दो लोग युद्ध ग्रस्त ईरान में फंसे हुए हैं। वे सुरक्षित तो हैं पर फ्लाइट बंद और सीमाओं के सील होने की वजह से उन्हें केंद्र सरकार की ओर से रेस्क्यू का इंतजार है।
जिला प्रशासन ने युद्धग्रस्त देशों में कार्य कर रहे जिले के लोगों का डेटा एकत्रित किया है। लिस्ट के हिसाब से तीन लोग ईरान में मौजूद हैं। जिनमें अदलहाट के नैठी गांव में एक ही परिवार के दो और सीखड़ के रुदैली गांव के एक व्यक्ति का जिक्र है। अदलहाट में सैयद मोहम्मद के ईरान में फंसे होने की जानकारी मिली जबकि उनका भाई ईरान से बाहर दूसरे देश में है। वहीं सीखड़ का एक व्यक्ति भी है। परिवार चिंता में है और उन्हें सरकार पर बेटे को ईरान से बाहर निकालने को लेकर भरोसा है।
अमेरिका-इस्राइल और ईरान में युद्ध भीषण युद्ध के बीच क्षेत्र के नैठी गांव का सैयद मोहम्मद आदिल वहां फंसने से परिवार के लोग काफी चिंतित हैं। उन्होंने सरकार से अपने बेटे को निकालने की गुहार लगाई है। परिजनों ने बेटे से शनिवार को बातचीत कर जानकारी ली। अदलहाट के नैठी गांव निवासी गुलाम अब्बास के पुत्र सैयद मोहम्मद आदिल लगभग तीन माह पूर्व ईरान में शिक्षा व दर्शन (जयारत) के लिए गए थे। जो ईरान के कुम शहर में फंसे हुए हैं। परिजनों से बातचीत में बताया कि वे ठीक हैं। वहां लड़ाई चल रही है यहां से निकलने के लिए कोई फ्लाइट नहीं है।
सभी फ्लाइट बंद है। वहां से निकलने का कोई साधन अभी नहीं है। भारत सरकार ही निकलने में उनकी मदद कर सकता है। मां नाजमी आब्दी परिवार के साथ अपने बेटे की जल्द भारत वापसी के लिए अल्लाह से मस्जिद में दुआएं कर रही हैं।
पिता गुलाम अब्बास ने बताया कि बेटे से लगभग हर दिन बातचीत हो जाती है। सैयद पांच बेटों में सबसे बड़ा है। लखनऊ विश्वविद्यालय से एमए विषय (परसियन) से करने के बाद वह ईरान धार्मिक शिक्षा के लिए गया है। उसको पांच माह का एक बेटा भी है। भारत सरकार से परिजनों ने अपील की है कि बेटे को ईरान से निकालने में मदद करे जिससे मेरा बेटा परिवार में वापस लौट सके। उसके वतन वापसी का पूरा परिवार इंतजार कर रहा है। यह भी बताया कि दूसरा बेटा सैयद असद अब्बास दुबई में दो महीने पूर्व दार्शनिक यात्रा पर घूमने गया है।
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जिला प्रशासन ने युद्धग्रस्त देशों में कार्य कर रहे जिले के लोगों का डेटा एकत्रित किया है। लिस्ट के हिसाब से तीन लोग ईरान में मौजूद हैं। जिनमें अदलहाट के नैठी गांव में एक ही परिवार के दो और सीखड़ के रुदैली गांव के एक व्यक्ति का जिक्र है। अदलहाट में सैयद मोहम्मद के ईरान में फंसे होने की जानकारी मिली जबकि उनका भाई ईरान से बाहर दूसरे देश में है। वहीं सीखड़ का एक व्यक्ति भी है। परिवार चिंता में है और उन्हें सरकार पर बेटे को ईरान से बाहर निकालने को लेकर भरोसा है।
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अमेरिका-इस्राइल और ईरान में युद्ध भीषण युद्ध के बीच क्षेत्र के नैठी गांव का सैयद मोहम्मद आदिल वहां फंसने से परिवार के लोग काफी चिंतित हैं। उन्होंने सरकार से अपने बेटे को निकालने की गुहार लगाई है। परिजनों ने बेटे से शनिवार को बातचीत कर जानकारी ली। अदलहाट के नैठी गांव निवासी गुलाम अब्बास के पुत्र सैयद मोहम्मद आदिल लगभग तीन माह पूर्व ईरान में शिक्षा व दर्शन (जयारत) के लिए गए थे। जो ईरान के कुम शहर में फंसे हुए हैं। परिजनों से बातचीत में बताया कि वे ठीक हैं। वहां लड़ाई चल रही है यहां से निकलने के लिए कोई फ्लाइट नहीं है।
सभी फ्लाइट बंद है। वहां से निकलने का कोई साधन अभी नहीं है। भारत सरकार ही निकलने में उनकी मदद कर सकता है। मां नाजमी आब्दी परिवार के साथ अपने बेटे की जल्द भारत वापसी के लिए अल्लाह से मस्जिद में दुआएं कर रही हैं।
पिता गुलाम अब्बास ने बताया कि बेटे से लगभग हर दिन बातचीत हो जाती है। सैयद पांच बेटों में सबसे बड़ा है। लखनऊ विश्वविद्यालय से एमए विषय (परसियन) से करने के बाद वह ईरान धार्मिक शिक्षा के लिए गया है। उसको पांच माह का एक बेटा भी है। भारत सरकार से परिजनों ने अपील की है कि बेटे को ईरान से निकालने में मदद करे जिससे मेरा बेटा परिवार में वापस लौट सके। उसके वतन वापसी का पूरा परिवार इंतजार कर रहा है। यह भी बताया कि दूसरा बेटा सैयद असद अब्बास दुबई में दो महीने पूर्व दार्शनिक यात्रा पर घूमने गया है।