Moradabad: शिवालयों में आस्था का सैलाब, तड़के चार बजे से जलाभिषेक शुरू, सीसीटीवी और जटायु ड्रोन से निगरानी
सावन के पहले सोमवार को मुरादाबाद के शिवालय बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठे। हरिद्वार और ब्रजघाट से गंगाजल लेकर लौटे कांवड़ियों ने चौरासी घंटा मंदिर समेत विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक किया।
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विस्तार
मुरादाबाद में सावन के पहले सोमवार पर तड़के से ही शहर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह चार बजे से मंदिरों में भगवान शिव का जलाभिषेक शुरू हो गया। चौरासी घंटा मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िये गंगाजल लेकर पहुंचे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष गूंजते रहे। उधर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीसीटीवी कैमरों और जटायु ड्रोन से निगरानी की जा रही है। प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है।
हरिद्वार, ब्रजघाट और अन्य गंगाघाटों से कांवड़ में गंगाजल लेकर लौटे कांवड़ियों ने सुबह से ही अपने-अपने आराध्य शिवालयों में जलाभिषेक किया। कई कांवड़िये डाक कांवड़ लेकर भी मंदिर पहुंचे। चौरासी घंटा मंदिर में सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई थी। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को गंगाजल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
चामुंडा मंदिर समेत कई शिवालयों में लगी कतार
बांग्ला गांव स्थित चामुंडा मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। नट बाबा मंदिर में भी कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्रद्धालु कांवड़ में लाए गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करने के लिए मंदिर पहुंचे।
आवास विकास स्थित सत्यम शिव मंदिर में भी सुबह से जलाभिषेक का सिलसिला चलता रहा। रेलवे कॉलोनी स्थित मनोकामना मंदिर में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा की। शहर के अलग-अलग इलाकों से पहुंचे श्रद्धालुओं के कारण मंदिरों में सुबह से ही माहौल भक्तिमय बना रहा।
देर रात तक मंदिरों में पहुंचते रहे कांवड़िये
सावन के पहले सोमवार को जलाभिषेक के लिए रविवार को ही शहर के कटघर, खुशहालपुर, लाइनपार, बुद्धि विहार समेत कई इलाकों से श्रद्धालु कांवड़ लेकर गंगाघाटों की ओर रवाना हुए थे। कांवड़ यात्रा के दौरान कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
रास्तेभर शिव भजनों और बम-बम भोले के जयघोष से माहौल शिवमय रहा। हरिद्वार और ब्रजघाट से गंगाजल लेकर लौटे कांवड़िये रविवार देर रात और सोमवार तड़के तक शहर में पहुंचते रहे। इसके बाद कांवड़ियों ने चौरासी घंटा मंदिर, झारखंडी मंदिर, महाकालेश्वर धाम, गंगा मंदिर समेत विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक किया।
फूलों से सजे मंदिर
पहले सोमवार को लेकर शहर के प्रमुख शिवालयों को फूलों से सजाया गया। मंदिर समितियों की ओर से श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पेयजल, सफाई, बैरिकेडिंग और अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई। कई मंदिरों में भजन-कीर्तन, रुद्राभिषेक और विशेष पूजन के आयोजन भी किए गए।
राष्ट्रीय पुजारी परिषद के संस्थापक श्याम कृष्ण रस्तौगी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिरों में आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया और जलाभिषेक का क्रम जारी है।
सावन के चार सोमवार, आज पहला
इस वर्ष सावन का पहला सोमवार तीन अगस्त को है। इसके बाद 10, 17 और 24 अगस्त को सावन के सोमवार पड़ेंगे। पहले सोमवार को लेकर कई दिन से श्रद्धालुओं में उत्साह था। गंगाजल लेकर लौटे कांवड़ियों और स्थानीय श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने से शहर के शिवालयों में सुबह से ही आस्था का सैलाब नजर आया।