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Muzaffarnagar News: बेटियों को छात्रावास का तोहफा...ट्रामा सेंटर में मिलेंगी सुविधाएं
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फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रत्येक जनपद में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की है। घर से बाहर रहकर पढ़ाई करने वाली छात्राओं को बेहतर आवासीय सुविधा मिलेगी। सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने पिछले साल संसद के शून्य काल में यह मुद्दा उठाया था।
हॉस्टलों का निर्माण सरकारी पूंजी के माध्यम से किया जाएगा। ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी और कॉलेजों से ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी।
सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने बताया कि पिछले साल 15 दिसंबर को उन्होंने यह मुद्दा उठाया था। केंद्रीय वित्त मंत्री ने उनकी मांग पर ध्यान दिया। देशभर की लड़कियों के सामने सबसे बड़ी समस्या शहर में आने के बाद आवासीय व्यवस्था की होती है। मांग स्वीकृत हो जाने के बाद सांसद ने वित्त मंत्री का आभार भी जताया है।
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ट्रामा सेंटर में बढ़ेंगी सुविधा
जिले का ट्रामा सेंटर खतौली में स्थित है। बजट में प्रत्येक जिले के लिए व्यवस्था की गई है। उम्मीद जगी है कि यहां पर स्टाफ की तैनाती होगी और लोगों को बड़ी स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिलेगा।
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छात्रावास से बेटियां रहेंगी सुरक्षित : गोयल
फोटो
महिला श्वेता गोयल का कहना है कि बजट में सरकार ने देश की महिलाओं और छात्राओं के लिए सचमुच खुशियों का पिटारा खोल दिया है। विशेष रूप से वह बेटियां जो पढ़ाई के लिए शहर से बाहर जाती हैं, उनके लिए हॉस्टल सुविधाओं पर दिया गया।माता-पिता भी संतोष महसूस करेंगे। यह पहल महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है।
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सम्मान निधि के बढ़ने का इंतजार करते रह गए किसान
मुजफ्फरनगर। किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की धनराशि में बढ़ोत्तरी की उम्मीद थी लेकिन निराशा हाथ लगी। आरटीआई कार्यकर्ता किसान सुमित मलिक ने बताया कि चौपाल आयोजित की गई। किसानों ने कहा कि फसलों के उन्नत बीज को लेकर काई खास व्यवस्था बजट में नहीं की गई। जबकि उर्वरक पर सब्सिडी भी नहीं बढ़ाई। इसके आम किसान आशा कर रहा था कि किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दर कम की जाएगी। इस मौके पर बंटी, सुरेंद्र, मयंक, शुभम, विकास, इकबाल शामिल रहे।
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बजट में किसानों के हाथ खाली : पूरण सिंह
फोटो
किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर सिंह का कहना है बजट में किसानों के हाथ खाली है। उन्हें कुछ नहीं मिला। किसान सम्मान निधि की राशि दुगुनी होने उम्मीद को झटका लगा। केंद्र सरकार विकसित भारत 2047 की सपना देख रही है, लेकिन किसान को राहत की जरूरत अब है। ऐसी स्थिति में उसकी जमीन बिक जाएगी।
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मुजफ्फरनगर। केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रत्येक जनपद में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की है। घर से बाहर रहकर पढ़ाई करने वाली छात्राओं को बेहतर आवासीय सुविधा मिलेगी। सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने पिछले साल संसद के शून्य काल में यह मुद्दा उठाया था।
हॉस्टलों का निर्माण सरकारी पूंजी के माध्यम से किया जाएगा। ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी और कॉलेजों से ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी।
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सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने बताया कि पिछले साल 15 दिसंबर को उन्होंने यह मुद्दा उठाया था। केंद्रीय वित्त मंत्री ने उनकी मांग पर ध्यान दिया। देशभर की लड़कियों के सामने सबसे बड़ी समस्या शहर में आने के बाद आवासीय व्यवस्था की होती है। मांग स्वीकृत हो जाने के बाद सांसद ने वित्त मंत्री का आभार भी जताया है।
ट्रामा सेंटर में बढ़ेंगी सुविधा
जिले का ट्रामा सेंटर खतौली में स्थित है। बजट में प्रत्येक जिले के लिए व्यवस्था की गई है। उम्मीद जगी है कि यहां पर स्टाफ की तैनाती होगी और लोगों को बड़ी स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिलेगा।
छात्रावास से बेटियां रहेंगी सुरक्षित : गोयल
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महिला श्वेता गोयल का कहना है कि बजट में सरकार ने देश की महिलाओं और छात्राओं के लिए सचमुच खुशियों का पिटारा खोल दिया है। विशेष रूप से वह बेटियां जो पढ़ाई के लिए शहर से बाहर जाती हैं, उनके लिए हॉस्टल सुविधाओं पर दिया गया।माता-पिता भी संतोष महसूस करेंगे। यह पहल महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है।
सम्मान निधि के बढ़ने का इंतजार करते रह गए किसान
मुजफ्फरनगर। किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की धनराशि में बढ़ोत्तरी की उम्मीद थी लेकिन निराशा हाथ लगी। आरटीआई कार्यकर्ता किसान सुमित मलिक ने बताया कि चौपाल आयोजित की गई। किसानों ने कहा कि फसलों के उन्नत बीज को लेकर काई खास व्यवस्था बजट में नहीं की गई। जबकि उर्वरक पर सब्सिडी भी नहीं बढ़ाई। इसके आम किसान आशा कर रहा था कि किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दर कम की जाएगी। इस मौके पर बंटी, सुरेंद्र, मयंक, शुभम, विकास, इकबाल शामिल रहे।
बजट में किसानों के हाथ खाली : पूरण सिंह
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किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर सिंह का कहना है बजट में किसानों के हाथ खाली है। उन्हें कुछ नहीं मिला। किसान सम्मान निधि की राशि दुगुनी होने उम्मीद को झटका लगा। केंद्र सरकार विकसित भारत 2047 की सपना देख रही है, लेकिन किसान को राहत की जरूरत अब है। ऐसी स्थिति में उसकी जमीन बिक जाएगी।
