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Muzaffarnagar News: नलकूप ऑटोमाइजेशन पर शिकायत, मंडलायुक्त ने शुरू कराई जांच
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मुजफ्फरनगर। पेयजल आपूर्ति के लिए चार साल से नलकूप ऑटोमाइजेशन का काम देख रही फर्म को ही टेंडर दिलाने के लिए पालिका जलकल विभाग के अधिकारियों पर नियमों को ताक पर रखने का आरोप है। प्रियांक ऑटोमाइजेशन फर्म की ओर से की गई शिकायत पर मंडलायुक्त डॉ.रूपेश कुमार ने जांच के आदेश दिए। ईओ को छह बिंदुओं पर आख्या तैयार कर मंडलायुक्त के समक्ष नौ जून को पेश होने के निर्देश दिए गए।
शहरी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए पालिका परिषद की ओर से 81 नलकूप लगाए गए हैं। करीब 10 वर्ष पहले तक इनमें से 70 को मैनुअली ऑपरेट किया जाता था। तत्कालीन चेयरमैन पंकज अग्रवाल ने नलकूप ऑटोमाइजेशन के लिए टेंडर निकलवाया। स्काडा पैनल के माध्यम से सभी नलकूप का ऑटोमाइजेशन करते हुए पालिका मुख्यालय से सेंटर बनाकर उनको एक ही बटन से ऑपरेट करने की सुविधा शुरू की।
निवर्तमान चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल के कार्यकाल से नलकूप ऑटोमाइजेशन का कार्य फर्म प्रियांक इंटरप्राइजेज गाजियाबाद देख रही है। हर साल नया टेंडर करने के बजाए पालिका प्रशासन की ओर से बोर्ड में इसी फर्म के टेंडर को रिवाइज करा दिया जाता है।
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इस बार पालिका प्रशासन ने इसके लिए नया ओपन टेंडर निकाला। ई-टेंडर में पांच फर्म आई और चार में से एक फर्म सर्वेस इंटरप्राइजेज लखनऊ एन-1 श्रेणी में स्वीकृत हो गई। पुरानी फर्म प्रियांक इंटरप्राइजेज के अंशुल की ओर से विभिन्न आरोप लगाते हुए मंडलायुक्त से शिकायत की गई है।
ईओ पालिका डॉ.प्रज्ञा सिंह का कहना है कि टेंडर नई फर्म के नाम खुला है। हैंडओवर लेने से पहले तकनीकी रूप से तैयारी करने के दृष्टिकोण से सहायक अभियंता जलकल की राय पर वर्क ऑर्डर एक जुलाई से जारी किया गया था। अब नई फर्म ही काम करेगी।
शहरी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए पालिका परिषद की ओर से 81 नलकूप लगाए गए हैं। करीब 10 वर्ष पहले तक इनमें से 70 को मैनुअली ऑपरेट किया जाता था। तत्कालीन चेयरमैन पंकज अग्रवाल ने नलकूप ऑटोमाइजेशन के लिए टेंडर निकलवाया। स्काडा पैनल के माध्यम से सभी नलकूप का ऑटोमाइजेशन करते हुए पालिका मुख्यालय से सेंटर बनाकर उनको एक ही बटन से ऑपरेट करने की सुविधा शुरू की।
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निवर्तमान चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल के कार्यकाल से नलकूप ऑटोमाइजेशन का कार्य फर्म प्रियांक इंटरप्राइजेज गाजियाबाद देख रही है। हर साल नया टेंडर करने के बजाए पालिका प्रशासन की ओर से बोर्ड में इसी फर्म के टेंडर को रिवाइज करा दिया जाता है।
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ईओ पालिका डॉ.प्रज्ञा सिंह का कहना है कि टेंडर नई फर्म के नाम खुला है। हैंडओवर लेने से पहले तकनीकी रूप से तैयारी करने के दृष्टिकोण से सहायक अभियंता जलकल की राय पर वर्क ऑर्डर एक जुलाई से जारी किया गया था। अब नई फर्म ही काम करेगी।