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Muzaffarnagar News: पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट... पुनर्विवेचना के लिए रोकी चार्जशीट
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मुजफ्फरनगर। डीएवी डिग्री कॉलेज बुढ़ाना के छात्र उज्ज्वल राणा के आत्मदाह के मामले में आरोपी उपनिरीक्षक नंद किशोर, सिपाही ज्ञानवीर और विनीत कुमार को क्लीन चिट मिल गई है। बुढ़ाना कोतवाली पुलिस ने आरोपपत्र में नाम शामिल नहीं किए। अदालत में आरोपपत्र दाखिल करने से पहले क्राइम ब्रांच से पुनर्विवेचना शुरू करा दी गई है।
पिछले साल छह नवंबर को कॉलेज में फीस को लेकर विवाद शुरू हुआ था। छात्र ने सोशल मीडिया पर वीडियो और पत्र जारी करते हुए आठ नवंबर को कॉलेज में अपने ऊपर पेट्रोल छिड़कर आग लगा ली थी। मृतक की बहन सलोनी राणा की ओर से सात नवंबर को पहला मुकदमा प्राचार्य प्रदीप कुमार के खिलाफ दर्ज कराया गया था।
बाद में दूसरा प्रार्थनापत्र दाखिल किया गया, जिसे जांच में शामिल कर लिया गया था। प्रबंधक अरविंद कुमार गर्ग, प्राचार्य प्रदीप कुमार, पीटीआई संजीव कुमार, एसआई नंद किशोर, सिपाही ज्ञानवीर और विनीत कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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एसएसपी संजय वर्मा ने तीनों पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर कर दिया था। प्रबंधक ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे लिया था। बुढ़ाना पुलिस की जांच में क्लर्क का नाम भी प्रकाश में आया। आरोपपत्र में प्रबंधक, प्राचार्य, पीटीआई और क्लर्क के नाम शामिल है। बुढ़ाना पुलिस की जांच में तीनों पुलिसकर्मियों की भूमिका नहीं मिली है। आरोपपत्र तैयार कर सीओ बुढ़ाना के कार्यालय में जमा करा दिया था। इसके बाद अधिकारियों ने क्राइम ब्रांच से दोबारा विवेचना शुरू कराई। विवेचक सतेंद्र नागर अब विवेचना कर रहे हैं।
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पिछले साल छह नवंबर को कॉलेज में फीस को लेकर विवाद शुरू हुआ था। छात्र ने सोशल मीडिया पर वीडियो और पत्र जारी करते हुए आठ नवंबर को कॉलेज में अपने ऊपर पेट्रोल छिड़कर आग लगा ली थी। मृतक की बहन सलोनी राणा की ओर से सात नवंबर को पहला मुकदमा प्राचार्य प्रदीप कुमार के खिलाफ दर्ज कराया गया था।
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बाद में दूसरा प्रार्थनापत्र दाखिल किया गया, जिसे जांच में शामिल कर लिया गया था। प्रबंधक अरविंद कुमार गर्ग, प्राचार्य प्रदीप कुमार, पीटीआई संजीव कुमार, एसआई नंद किशोर, सिपाही ज्ञानवीर और विनीत कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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एसएसपी संजय वर्मा ने तीनों पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर कर दिया था। प्रबंधक ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे लिया था। बुढ़ाना पुलिस की जांच में क्लर्क का नाम भी प्रकाश में आया। आरोपपत्र में प्रबंधक, प्राचार्य, पीटीआई और क्लर्क के नाम शामिल है। बुढ़ाना पुलिस की जांच में तीनों पुलिसकर्मियों की भूमिका नहीं मिली है। आरोपपत्र तैयार कर सीओ बुढ़ाना के कार्यालय में जमा करा दिया था। इसके बाद अधिकारियों ने क्राइम ब्रांच से दोबारा विवेचना शुरू कराई। विवेचक सतेंद्र नागर अब विवेचना कर रहे हैं।