मुजफ्फरनगर। मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। बृहस्पतिवार रात का न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। शुक्रवार को दिन में धूप खिलने से लोगों को राहत मिली। अधिकतम तापमान 17.1 डिग्री पर पहुंच गया। रात के समय कोहरा छाए रहने से आवागमन प्रभावित रहा।
बृहस्पतिवार रात नौ बजे के बाद कोहरे की चादर बिछनी शुरू हो गई थी। मेरठ-करनाल हाईवे, दिन-दून और पानीपत खटीमा हाईवे पर वाहनों की रफ्तार प्रभावित रही। सुबह करीब आठ बजे तक कोहरा छाया रहा। इसके बाद कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। शुक्रवार को दिन में खिली धूप से लोगों को सर्दी से राहत मिली।
मौसमी अवसाद बढ़ा, अस्पताल में पहुंच रहे मरीज : ठंड के मौसम में दिन का छोटा होना और सूरज की रोशनी में कमी लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रही है। इसके चलते कई लोग उदासी, निराशा और उत्साह की कमी महसूस कर रहे हैं। इस स्थिति को विंटर ब्लूज या मौसमी अवसाद के रूप में जाना जाता है। जिला अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अर्पण जैन के अनुसार, कम रोशनी और दिन का छोटा होना लोगों के मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में प्रतिदिन ऐसे 50 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं जो इस समस्या से प्रभावित हैं। जानसठ रोड निवासी भाई-बहन का कुछ समय पहले नौकरी छूटने के कारण घर पर थे। परिजन उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले आए। दोनों की काउंसलिंग की गई है और उपचार जारी है। घर पर अधिक समय बिताने और बाहरी गतिविधियों में कमी के कारण वे विंटर ब्लूज यानी उदासी का शिकार हो गए थे। ऐसे मामलों में लाइट थेरेपी एक प्रभावी उपचार साबित हो सकती है। कम रोशनी वाले मौसम में लैंप का उपयोग करने से मदद मिल सकती है। नियमित व्यायाम, पौष्टिक आहार और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेना भी उदासी को दूर करने में सहायक होता है।