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Muzaffarnagar News: ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में की हड़ताल
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ई पंजीकरण के विरोध में सहायक निबंधक कार्यालय पर तालाबंदी करते दस्तावेज लेखक। संवाद
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मुजफ्फरनगर। प्रदेश में ई पंजीकरण व्यवस्था लागू किए जाने के विरोध में उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक एसोसिएशन की ओर से हड़ताल कर प्रदर्शन किया गया। एसोसिएशन सदस्यों ने धरना देकर तहसील सदर स्थित उप निबंधक कार्यालय पर तालाबंदी की। हड़ताल के चलते तहसील सदर में पूरे दिन संपत्ति रजिस्ट्रीकरण का कार्य प्रभावित रहा।
दस्तावेज लेखकों का कहना है कि महानिरीक्षक निबंधन एवं स्टांप की ओर से ई-पंजीकरण व्यवस्था के तहत प्रेरणा सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन दस्तावेज पंजीकरण की प्रक्रिया लागू की जा रही है। नई व्यवस्था में कुछ निर्धारित संस्थाओं को ही दस्तावेज तैयार करने और पंजीकरण की सुविधा दी गई है, जबकि वर्षों से कार्य कर रहे पंजीकृत दस्तावेज लेखकों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।
दस्तावेज लेखक एसोसिएशन सचिव जितेंद्र कुमार गर्ग ने कहा कि दस्तावेज लेखक दशकों से निबंधन विभाग के सहयोगी के रूप में कार्य करते हुए आम जनता को सस्ती, सुलभ और विधिक रूप से शुद्ध दस्तावेजी सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। यदि उन्हें ई-पंजीकरण प्रणाली में शामिल नहीं किया गया तो हजारों परिवारों की आजीविका संकट में पड़ जाएगी। दस्तावेज लेखकों की उपेक्षा कर उन्हें रोजगार से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो प्राकृतिक न्याय और जीविकोपार्जन के अधिकार के विरुद्ध है।
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एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एआईजी स्टांप वीरसैन को सौंपा गया। मांग की गई कि दस्तावेज लेखकों को भी ई-पंजीकरण प्रक्रिया में अधिकृत एजेंट अथवा यूजर के रूप में शामिल किया जाए तथा प्रेरणा पोर्टल पर लॉग-इन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
इस मौके पर अशोक त्यागी, रामकुमार गंगानिया, शमीम अहमद, योगेंद्र कांबोज माैजूद थे।
दस्तावेज लेखकों का कहना है कि महानिरीक्षक निबंधन एवं स्टांप की ओर से ई-पंजीकरण व्यवस्था के तहत प्रेरणा सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन दस्तावेज पंजीकरण की प्रक्रिया लागू की जा रही है। नई व्यवस्था में कुछ निर्धारित संस्थाओं को ही दस्तावेज तैयार करने और पंजीकरण की सुविधा दी गई है, जबकि वर्षों से कार्य कर रहे पंजीकृत दस्तावेज लेखकों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।
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दस्तावेज लेखक एसोसिएशन सचिव जितेंद्र कुमार गर्ग ने कहा कि दस्तावेज लेखक दशकों से निबंधन विभाग के सहयोगी के रूप में कार्य करते हुए आम जनता को सस्ती, सुलभ और विधिक रूप से शुद्ध दस्तावेजी सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। यदि उन्हें ई-पंजीकरण प्रणाली में शामिल नहीं किया गया तो हजारों परिवारों की आजीविका संकट में पड़ जाएगी। दस्तावेज लेखकों की उपेक्षा कर उन्हें रोजगार से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो प्राकृतिक न्याय और जीविकोपार्जन के अधिकार के विरुद्ध है।
एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एआईजी स्टांप वीरसैन को सौंपा गया। मांग की गई कि दस्तावेज लेखकों को भी ई-पंजीकरण प्रक्रिया में अधिकृत एजेंट अथवा यूजर के रूप में शामिल किया जाए तथा प्रेरणा पोर्टल पर लॉग-इन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
इस मौके पर अशोक त्यागी, रामकुमार गंगानिया, शमीम अहमद, योगेंद्र कांबोज माैजूद थे।