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Muzaffarnagar News: ई-पंजीकरण के विरोध में हड़ताल जारी
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मुजफ्फरनगर। ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू किए जाने के विरोध में दस्तावेज लेखक एसोसिएशन की हड़ताल बुधवार को भी जारी रही। एसोसिएशन सदस्यों की ओर से तहसील सदर उप निबंधक कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया।
धरने की अध्यक्षता संजय शिवम एडवोकेट और संचालन हेमंत कुमार अरोड़ा ने किया। संघर्ष समिति सदस्य योगेंद्र कांबोज ने कहा कि सरकार की ओर से संपत्ति पंजीकरण को पासपोर्ट की तर्ज पर ही करने के निर्णय का पुरजोर तरीके से विरोध किया जाएगा।
किसी भी स्थिति में ई-पंजीकरण प्रणाली को स्वीकार नहीं किया जाएगा। दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष अशोक त्यागी ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार संपत्ति पंजीकरण पेपर-लेस व पासपोर्ट की तर्ज पर करती है तो इससे प्रदेश में बेरोजगारी और भ्रष्टाचार में वृद्धि होगी है।
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तहसील सदर बार संघ के अध्यक्ष हाजी कमरुज्जमां एडवोकेट ने कहा कि जब से सरकार द्वारा बैनामा पंजीकरण को ऑनलाइन किया गया है, तब से ही बैनामा रजिस्ट्री की प्रक्रिया जो दो घंटे में पूर्ण हो जाती थी। वह अब कई बार दो दिन में भी पूर्ण नहीं हो पाती। इस मौके पर प्रमोद चौधरी, विनोद शर्मा, सैयद हसन अकबर जैदी, काजी खुर्रम, शशिकांत शर्मा, सतीश शर्मा, विजय कुमार व सवित कुमार शामिल रहे।
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ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में तालाबंदी, धरना जारी
(फोटो समाचार)
जानसठ। तहसील में ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में दूसरे दिन भी अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और टाइपिस्टों ने अपने चैंबर बंद कर कलमबंद हड़ताल करते हुए तहसील में उप निबंधक कार्यालय की तालाबंदी की। उप निबंधक कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू किया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा और सचिव दीपेश गुप्ता ने कहा कि शासन की ओर से रजिस्ट्री के कार्य का ई-पंजीकरण करने के पारित प्रस्ताव को वापस लेना चाहिए। अगर सरकार ने यह प्रस्ताव वापस नहीं लिया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। धरना प्रदर्शन करने वालों में शशि सैनी, यशवंत सिंह कांबोज, चांदबीर सैनी, इमान अली, दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता, दस्तावेज लेखक संघ के जिला महासचिव सत्यवीर गुर्जर, दस्तावेज लेखक सुशील चौधरी, संजीव चौधरी, रघुनाथ सिंह शामिल रहे।
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ई-रजिस्ट्री एवं निजीकरण के विरोध में हड़ताल
फोटो समाचार
खतौली। ई-रजिस्ट्री और निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों की कलमबंद हड़ताल जारी रही। अधिवक्ता रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठे।
प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था और रजिस्ट्री कार्यालयों के निजीकरण के विरोध में बुधवार को भी तहसील बार एसोसिएशन, दस्तावेज लेखक संघ तथा स्टाम्प विक्रेता संघ ने संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया।
अधिवक्ताओं ने चैंबर बंद रखते हुए रजिस्ट्री कार्यालय के सामने धरना देकर सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की और दिनभर कलमबंद हड़ताल रखी। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष चन्द ने बताया कि रजिस्ट्री कार्य निजी हाथों में जाने से आमजन, अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं के हित प्रभावित होंगे।
महासचिव सत्यप्रकाश सैनी, दस्तावेज लेखक संघ के जिलाध्यक्ष आदेश मोतला, सरदार जितेंद्र सिंह, शकुंतला देवी, राजवीर सिंह, जितेंद्र त्यागी, दिमाग सिंह, नवीन उपाध्याय, अंकलक जैन, मनीष कुमार मौजूद रहे।
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निजीकरण के विरोध में बुढ़ाना में की अनिश्चितकालीन हड़ताल
बुढ़ाना। सरकार द्वारा रजिस्ट्री/उपनिबंधक कार्यालय कार्य का निजीकरण का विरोध और डिजिटल योजना लागू करने के विरोध में तहसील परिसर में बैठने वाले सभी अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता व टाइपिस्ट तीसरे दिन भी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर रहे। अधिवक्ता, दस्तावेज लेखकों के चेंबर पर ताले लटके रहे।
सरकार द्वारा प्रदेश में रजिस्ट्री/उपनिबंधक कार्यालय में डिजिटल रजिस्ट्री योजना लागू करने व सभी कार्यों का ठेका प्राइवेट कंपनी को देने का जमकर विरोध हुआ। निजीकरण के विरोध में बुधवार को दूसरे दिन भी तहसील परिसर में सभी अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता व टाइपिस्ट अनिश्चित कालीन हड़ताल पर रहे।
अधिवक्ताओं व दस्तावेज लेखक आदि ने कहा कि वे प्रदेश की अनिश्चित हड़ताल में शामिल है, सभी के साथ रहेंगे। इस मौके पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश पाल वर्मा व महासचिव सुभाष राठी, दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष पवन सैनी व ब्रिजेश, स्टांप विक्रेता प्रमोद तथा टाइपिस्ट सुमित मौजूद रहे।
धरने की अध्यक्षता संजय शिवम एडवोकेट और संचालन हेमंत कुमार अरोड़ा ने किया। संघर्ष समिति सदस्य योगेंद्र कांबोज ने कहा कि सरकार की ओर से संपत्ति पंजीकरण को पासपोर्ट की तर्ज पर ही करने के निर्णय का पुरजोर तरीके से विरोध किया जाएगा।
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किसी भी स्थिति में ई-पंजीकरण प्रणाली को स्वीकार नहीं किया जाएगा। दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष अशोक त्यागी ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार संपत्ति पंजीकरण पेपर-लेस व पासपोर्ट की तर्ज पर करती है तो इससे प्रदेश में बेरोजगारी और भ्रष्टाचार में वृद्धि होगी है।
तहसील सदर बार संघ के अध्यक्ष हाजी कमरुज्जमां एडवोकेट ने कहा कि जब से सरकार द्वारा बैनामा पंजीकरण को ऑनलाइन किया गया है, तब से ही बैनामा रजिस्ट्री की प्रक्रिया जो दो घंटे में पूर्ण हो जाती थी। वह अब कई बार दो दिन में भी पूर्ण नहीं हो पाती। इस मौके पर प्रमोद चौधरी, विनोद शर्मा, सैयद हसन अकबर जैदी, काजी खुर्रम, शशिकांत शर्मा, सतीश शर्मा, विजय कुमार व सवित कुमार शामिल रहे।
ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में तालाबंदी, धरना जारी
(फोटो समाचार)
जानसठ। तहसील में ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में दूसरे दिन भी अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और टाइपिस्टों ने अपने चैंबर बंद कर कलमबंद हड़ताल करते हुए तहसील में उप निबंधक कार्यालय की तालाबंदी की। उप निबंधक कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू किया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा और सचिव दीपेश गुप्ता ने कहा कि शासन की ओर से रजिस्ट्री के कार्य का ई-पंजीकरण करने के पारित प्रस्ताव को वापस लेना चाहिए। अगर सरकार ने यह प्रस्ताव वापस नहीं लिया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। धरना प्रदर्शन करने वालों में शशि सैनी, यशवंत सिंह कांबोज, चांदबीर सैनी, इमान अली, दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता, दस्तावेज लेखक संघ के जिला महासचिव सत्यवीर गुर्जर, दस्तावेज लेखक सुशील चौधरी, संजीव चौधरी, रघुनाथ सिंह शामिल रहे।
ई-रजिस्ट्री एवं निजीकरण के विरोध में हड़ताल
फोटो समाचार
खतौली। ई-रजिस्ट्री और निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों की कलमबंद हड़ताल जारी रही। अधिवक्ता रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठे।
प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था और रजिस्ट्री कार्यालयों के निजीकरण के विरोध में बुधवार को भी तहसील बार एसोसिएशन, दस्तावेज लेखक संघ तथा स्टाम्प विक्रेता संघ ने संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया।
अधिवक्ताओं ने चैंबर बंद रखते हुए रजिस्ट्री कार्यालय के सामने धरना देकर सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की और दिनभर कलमबंद हड़ताल रखी। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष चन्द ने बताया कि रजिस्ट्री कार्य निजी हाथों में जाने से आमजन, अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं के हित प्रभावित होंगे।
महासचिव सत्यप्रकाश सैनी, दस्तावेज लेखक संघ के जिलाध्यक्ष आदेश मोतला, सरदार जितेंद्र सिंह, शकुंतला देवी, राजवीर सिंह, जितेंद्र त्यागी, दिमाग सिंह, नवीन उपाध्याय, अंकलक जैन, मनीष कुमार मौजूद रहे।
निजीकरण के विरोध में बुढ़ाना में की अनिश्चितकालीन हड़ताल
बुढ़ाना। सरकार द्वारा रजिस्ट्री/उपनिबंधक कार्यालय कार्य का निजीकरण का विरोध और डिजिटल योजना लागू करने के विरोध में तहसील परिसर में बैठने वाले सभी अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता व टाइपिस्ट तीसरे दिन भी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर रहे। अधिवक्ता, दस्तावेज लेखकों के चेंबर पर ताले लटके रहे।
सरकार द्वारा प्रदेश में रजिस्ट्री/उपनिबंधक कार्यालय में डिजिटल रजिस्ट्री योजना लागू करने व सभी कार्यों का ठेका प्राइवेट कंपनी को देने का जमकर विरोध हुआ। निजीकरण के विरोध में बुधवार को दूसरे दिन भी तहसील परिसर में सभी अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता व टाइपिस्ट अनिश्चित कालीन हड़ताल पर रहे।
अधिवक्ताओं व दस्तावेज लेखक आदि ने कहा कि वे प्रदेश की अनिश्चित हड़ताल में शामिल है, सभी के साथ रहेंगे। इस मौके पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश पाल वर्मा व महासचिव सुभाष राठी, दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष पवन सैनी व ब्रिजेश, स्टांप विक्रेता प्रमोद तथा टाइपिस्ट सुमित मौजूद रहे।