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Muzaffarnagar News: शुकतीर्थ में चाहिए गंगा की अविरल धारा
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शुक तीर्थ गंगा घाट पर पंचायत में बोलते स्वामी विज्ञानानंद महाराज। संवाद
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मोरना। शुकतीर्थ में गंगा घाटों पर सी एंड डीएस की ओर से कराए जा रहे कामों पर संतों और गंगा समिति ने नाराजगी जाहिर की है। घाट पर व्यवस्था, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की मांग रखी गई। महामंडलेश्वर गोपालदास महाराज ने कहा कि गंगा में जलधारा का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित किया जाए। कामों में गुणवत्ता होनी चाहिए।
बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और संतों की सुविधा के लिए नियमित रूप से बस सेवा संचालित करने जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की ओर प्रशासन को ध्यान देने की बात कही गई।
मंगलवार को श्री गंगा सेवा समिति के तत्वावधान में गंगा घाट पर विभिन्न आश्रमों एवं अखाड़ों से जुड़े संत-महात्माओं ने साधु संतों ने विभाग की मनमानी पर पंचायत की। महामंडलेश्वर गोपालदास महाराज ने कहा कि गंगा में जलधारा का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित किया जाए।
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था घाटों की समुचित और प्रभावी व्यवस्था की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को गंगा स्नान के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके अलावा जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बांध के माध्यम से बड़ी नाली का निर्माण कराया जाए और छोटी-बड़ी नालियों को उससे जोड़कर गंदे पानी के उचित निस्तारण की व्यवस्था की जाए।
हनुमत धाम के स्वामी विज्ञानानंद महाराज ने कहा कि विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़ी मांगों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। स्वामी गीतानंद गिरि ने कहा कि तीर्थनगरी की सड़कों के दोनों ओर नालों एवं रास्तों का चौड़ीकरण किया जाना चाहिए। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मार्गों का विस्तार आवश्यक हो गया है।
बैठक में तिलकधारी विष्णु आचार्य महाराज, चंद्रमा ब्रह्मचारी, बीके प्रवेश दीदी, देवेंद्र आर्य, मोहनगिरि, जगतगिरि, कोतवाल भरतदास महाराज, आचार्य अजय कृष्ण शास्त्री, भजनानंद महाराज, मोहनगिरि, राजेंद्रनाथ मौजूद रहे।
बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और संतों की सुविधा के लिए नियमित रूप से बस सेवा संचालित करने जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की ओर प्रशासन को ध्यान देने की बात कही गई।
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मंगलवार को श्री गंगा सेवा समिति के तत्वावधान में गंगा घाट पर विभिन्न आश्रमों एवं अखाड़ों से जुड़े संत-महात्माओं ने साधु संतों ने विभाग की मनमानी पर पंचायत की। महामंडलेश्वर गोपालदास महाराज ने कहा कि गंगा में जलधारा का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित किया जाए।
था घाटों की समुचित और प्रभावी व्यवस्था की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को गंगा स्नान के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके अलावा जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बांध के माध्यम से बड़ी नाली का निर्माण कराया जाए और छोटी-बड़ी नालियों को उससे जोड़कर गंदे पानी के उचित निस्तारण की व्यवस्था की जाए।
हनुमत धाम के स्वामी विज्ञानानंद महाराज ने कहा कि विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़ी मांगों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। स्वामी गीतानंद गिरि ने कहा कि तीर्थनगरी की सड़कों के दोनों ओर नालों एवं रास्तों का चौड़ीकरण किया जाना चाहिए। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मार्गों का विस्तार आवश्यक हो गया है।
बैठक में तिलकधारी विष्णु आचार्य महाराज, चंद्रमा ब्रह्मचारी, बीके प्रवेश दीदी, देवेंद्र आर्य, मोहनगिरि, जगतगिरि, कोतवाल भरतदास महाराज, आचार्य अजय कृष्ण शास्त्री, भजनानंद महाराज, मोहनगिरि, राजेंद्रनाथ मौजूद रहे।