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Pilibhit News: शारदा में बाढ़ व कटान के स्थायी समाधान के लिए बनेगी योजना
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पूरनपुर। शारदा नदी पार क्षेत्र के गांव हजारा में बाढ़ और कटान की समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है। बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त बरेली शंभू कुमार ने गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से जनसंवाद किया। ग्रामीणों ने शारदा नदी के कटान, बाढ़, सड़कों, शिक्षा और निर्माणाधीन सेतु की सुरक्षा समेत विभिन्न समस्याएं उनके सामने रखीं।
मंडलायुक्त ने कहा कि ग्रामीणों से मिले सुझावों के आधार पर संबंधित विभाग कार्ययोजना तैयार करें। तटबंध की मांग तकनीकी विषय है, लेकिन ऐसा प्रोजेक्ट तैयार कराने का प्रयास किया जाएगा, जिससे क्षेत्र को बाढ़ और कटान से स्थायी राहत मिल सके।
मंडलायुक्त ने कहा कि तटबंध के साथ ही कटान निरोधक कार्य भी महत्वपूर्ण हैं, जो कटान निरोधक परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं, उन्हें निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाए। जिन परियोजनाओं को अभी स्वीकृति मिलनी है। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शासन स्तर से स्वीकृत कराने का प्रयास किया जाएगा।
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कई गांव और सरकारी भवन हो चुके हैं नदी में समाहित : इससे पहले क्षेत्र के लोगों और ग्राम पंचायतों के प्रशासकों ने शारदा नदी के कटान से पैदा हो रही स्थिति की जानकारी दी। चंदिया हजारा के प्रशासक वासुदेव कुंडू ने मंडलायुक्त को समस्याओं से संबंधित पत्र सौंपा। पत्र में बताया गया कि हजारा, नेहरूनगर, भरतपुर और अशोकनगर समेत कई गांवों में शारदा नदी के कटान से गंभीर संकट बना हुआ है। थाना हजारा, भरतपुर पीएचसी भवन और लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज का भवन तक नदी में समा चुका है।
ग्रामीणों ने बाढ़ और कटान के स्थायी समाधान के लिए नदी के दोनों ओर व्यापक परियोजना तैयार कर कार्य कराने की मांग की। पत्र में कहा गया कि बाढ़ खंड की ओर से क्षेत्र के लिए अभी किसी परियोजना को वित्तीय स्वीकृति नहीं दी गई है। संवाद
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मंडलायुक्त ने कहा कि ग्रामीणों से मिले सुझावों के आधार पर संबंधित विभाग कार्ययोजना तैयार करें। तटबंध की मांग तकनीकी विषय है, लेकिन ऐसा प्रोजेक्ट तैयार कराने का प्रयास किया जाएगा, जिससे क्षेत्र को बाढ़ और कटान से स्थायी राहत मिल सके।
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मंडलायुक्त ने कहा कि तटबंध के साथ ही कटान निरोधक कार्य भी महत्वपूर्ण हैं, जो कटान निरोधक परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं, उन्हें निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाए। जिन परियोजनाओं को अभी स्वीकृति मिलनी है। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शासन स्तर से स्वीकृत कराने का प्रयास किया जाएगा।
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कई गांव और सरकारी भवन हो चुके हैं नदी में समाहित : इससे पहले क्षेत्र के लोगों और ग्राम पंचायतों के प्रशासकों ने शारदा नदी के कटान से पैदा हो रही स्थिति की जानकारी दी। चंदिया हजारा के प्रशासक वासुदेव कुंडू ने मंडलायुक्त को समस्याओं से संबंधित पत्र सौंपा। पत्र में बताया गया कि हजारा, नेहरूनगर, भरतपुर और अशोकनगर समेत कई गांवों में शारदा नदी के कटान से गंभीर संकट बना हुआ है। थाना हजारा, भरतपुर पीएचसी भवन और लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज का भवन तक नदी में समा चुका है।
ग्रामीणों ने बाढ़ और कटान के स्थायी समाधान के लिए नदी के दोनों ओर व्यापक परियोजना तैयार कर कार्य कराने की मांग की। पत्र में कहा गया कि बाढ़ खंड की ओर से क्षेत्र के लिए अभी किसी परियोजना को वित्तीय स्वीकृति नहीं दी गई है। संवाद