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पीलीभीत: राम के दर से पहले श्रद्धा और आध्यात्म, फिर सीएम योगी ने सुशासन और विकास का दिया संदेश

Wed, 04 Nov 2026 04:30 PM IST
Mukesh Kumar अमित पांडेय, संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
अमित पांडेय, संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: Mukesh Kumar Updated Wed, 04 Nov 2026 04:30 PM IST
सार

पीलीभीत में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नूरानपुर के श्री शंकर मंदिर में श्रीराम कथा महोत्सव के समापन में भाग लिया। उन्होंने पहले भक्तिभाव से रामकथा सुनी, फिर संबोधन में सुशासन और विकास का संदेश दिया। 
 

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CM Yogi gave the message of good governance and development in Pilibhit
सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पीलीभीत जिले के गांव नूरानपुर के गोरक्षपीठ आश्रम स्थित श्री शंकर मंदिर में मंगलवार को श्रीराम कथा महोत्सव के समापन अवसर पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अंदाज पहले पूरी तरह आध्यात्मिक नजर आया। व्यासपीठ को नमन कर उन्होंने करीब 20 मिनट तक भक्तिभाव में डूबकर रामकथा सुनी। इसके बाद जब संबोधन के लिए माइक संभाला तो जयकारों के बीच उनका अंदाज सियासी हो गया। 

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करीब 25 मिनट के संबोधन में उन्होंने राम मंदिर आंदोलन के संघर्ष से लेकर अयोध्या के बदलते स्वरूप, तुष्टिकरण की राजनीति और सरकार की विकास योजनाओं तक का जिक्र किया। इस तरह रामकथा के मंच से मुख्यमंत्री ने पहले श्रद्धा और अध्यात्म का संदेश दिया, फिर उसी के जरिए विकास और सुशासन का राजनीतिक एजेंडा भी सामने रखा।
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मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर दोपहर 12 बजकर एक मिनट पर नूरानपुर पहुंचा। यहां उतरने के बाद उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण किया और भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान संतों और जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। दोपहर 12 बजकर 21 मिनट पर मुख्यमंत्री रामकथा के मंच पर पहुंचे। सबसे पहले व्यासपीठ को नमन किया और कथा व्यास संत अंजनी शरण सहित संतों का अभिवादन किया। इसके बाद करीब 20 मिनट तक कथा श्रवण किया।
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दोपहर 12 बजकर 41 मिनट के बाद मुख्यमंत्री ने संबोधन शुरू किया। शुरुआत जय श्रीराम के उद्घोष से हुई, लेकिन धीरे-धीरे संबोधन में सियासी तेवर भी दिखाई देने लगे। उन्होंने अयोध्या में रामभक्तों पर गोली चलने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कभी रामभक्तों के अयोध्या जाने पर प्रतिबंध था, लेकिन आज उसी अयोध्या में श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा होती है। पांच सौ वर्षों के संघर्ष के बाद भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्रज्वलित होने वाला एक-एक दीप देश और प्रदेश की समृद्धि का आधार बनेगा।

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भंडारे में ग्रहण किया प्रसाद 
संबोधन के बाद मुख्यमंत्री भंडारे में शामिल हुए। यहां उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकर भोजन किया और प्रसाद ग्रहण किया। मुख्यमंत्री को दाल-चावल, रोटी, शाही पनीर, भिंडी की सब्जी और हलवा परोसा गया। संतों और श्रद्धालुओं के बीच आयोजित इस भंडारे में मुख्यमंत्री की सहभागिता भी कार्यक्रम का खास आकर्षण रही। दोपहर एक बजकर 41 मिनट पर उनका हेलीकाप्टर लखनऊ के लिए रवाना हो गया। 

अटूट आस्था, भारत की सबसे बड़ी ताकत
सीएम योगी ने दुनिया के 200 देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी के पास अपनी उपलब्धियां और समस्याएं हैं। भारत और चीन की आबादी सबसे बड़ी है, लेकिन भारत दुनिया का अकेला ऐसा देश है जहां अनगिनत बोलियां और भाषाएं होने के बाद भी हर नागरिक का भाव एक है। इसका मुख्य कारण हमारी अटूट आस्था है, जो भारत की सबसे बड़ी ताकत है। 

सीएम योगी ने कहा कि रामकथा आयोजन और रामलीला के पीछे हजारों वर्षों पुरानी परंपरा है। पंडित राधेश्याम की रामायण ने इस परंपरा को और ऊंचाइयों पर पहुंचाया, जिसे आज हम सब मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं। प्रभु राम का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि वर्षों तक आस्था इस पीड़ा से जूझती रही कि रामलला टेंट में विराजमान हैं। 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अब भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है।

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