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Pilibhit News: आबादी के निकट आ रहा मगरमच्छ, दहशत
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माधोटांडा। कस्बे में जिला पंचायत की कच्ची सड़क किनारे स्थित ग्राम पंचायत के तालाब से मगरमच्छ के बार-बार बाहर आने से ग्रामीणों में दहशत है। पिछले कई दिनों से मगरमच्छ तालाब से निकलकर सड़क और आसपास के मैदान में पहुंच रहा है। इससे राहगीरों, किसानों और कबाड़ गोदाम में काम करने वाले मजदूरों के साथ उनके बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम मगरमच्छ को पकड़ने के लिए मौके पर नहीं पहुंच रही है।
कस्बे के कब्रिस्तान के सामने कच्ची सड़क के किनारे ग्राम पंचायत का तालाब है। इसी के पास पप्पू कबाड़ी का बड़ा कबाड़ गोदाम है। गोदाम में रोजाना करीब एक दर्जन महिला और पुरुष मजदूर काम करते हैं। कई मजदूर अपने छोटे बच्चों को भी साथ लेकर आते हैं। बच्चे अक्सर गोदाम के बाहर ही बैठे रहते हैं। तालाब के नजदीक होने के कारण मगरमच्छ के बाहर आने से किसी अनहोनी की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, मगरमच्छ लगभग रोजाना तालाब से निकलकर आसपास के मैदान में पहुंच जाता है। दिन में तो मगरमच्छ दिखाई देने पर लोग रास्ता बदल लेते हैं, लेकिन रात में इसके सामने आने का खतरा बना रहता है।
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ग्रामीणों ने बताया कि तालाब में एक बड़े मगरमच्छ के अलावा कम से कम दो छोटे मगरमच्छ भी देखे गए हैं। डीएफओ भरत कुमार डीके का कहना है कि इस संबंध में क्षेत्रीय टीम को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। संवाद
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कस्बे के कब्रिस्तान के सामने कच्ची सड़क के किनारे ग्राम पंचायत का तालाब है। इसी के पास पप्पू कबाड़ी का बड़ा कबाड़ गोदाम है। गोदाम में रोजाना करीब एक दर्जन महिला और पुरुष मजदूर काम करते हैं। कई मजदूर अपने छोटे बच्चों को भी साथ लेकर आते हैं। बच्चे अक्सर गोदाम के बाहर ही बैठे रहते हैं। तालाब के नजदीक होने के कारण मगरमच्छ के बाहर आने से किसी अनहोनी की आशंका बनी हुई है।
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ग्रामीणों के मुताबिक, मगरमच्छ लगभग रोजाना तालाब से निकलकर आसपास के मैदान में पहुंच जाता है। दिन में तो मगरमच्छ दिखाई देने पर लोग रास्ता बदल लेते हैं, लेकिन रात में इसके सामने आने का खतरा बना रहता है।
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ग्रामीणों ने बताया कि तालाब में एक बड़े मगरमच्छ के अलावा कम से कम दो छोटे मगरमच्छ भी देखे गए हैं। डीएफओ भरत कुमार डीके का कहना है कि इस संबंध में क्षेत्रीय टीम को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। संवाद