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Pilibhit News: मौसम में उतार-चढ़ाव से गेहूं व तिलहन की फसलें प्रभावित
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मंजीत सिंह
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पीलीभीत। जिले में मौसम के उतार-चढ़ाव से गेहूं व तिलहन की फसलों को नुकसान पहुंचा है। इस साल मध्य फरवरी में ही अचानक तापमान बढ़ने लगा। अधिकतम तापमान 28 डिग्री से ऊपर जा पहुंचा था। मार्च के पहले पखवाड़ा में पारा 33 डिग्री के पार जा पहुंचा। ऐसे में पेड़ी गन्ना की कटाई के बाद जिन किसानों ने अपने खाली खेतों में गेहूं की फसल की, उनमें बालियां कमजोर पड़ने लगी थीं।
तीन दिन पहले हुई बारिश और हवा से किसानों के खेतों में पकने को तैयार खड़ी गेहूं की फसल गिर गई। कई जगह कटी पड़ी लाही-सरसों की फसल को भी नुकसान पहुंचा। हालांकि प्रशासन ने फसल नुकसान का सर्वे शुरू कराया है।
इस बार सर्दी भी खूब पड़ी। फिर अचानक मध्य फरवरी में मौसम का मिजाज गर्म होने लगा। यह वह समय होता है, जब गेहूं की फसल में बालियां आने के बाद उनमें दाना पड़ने लगता है। जिले के तमाम किसान ऐसे हैं, जो पेड़ी गन्ना की कटाई कराने के बाद खाली हुए खेतों में गेहूं की फसल करते हैं। समय से पहले तापमान बढ़ने से उन किसानों की गेहूं फसल की बालियां खराब होने लगीं।
बताया गया कि तापमान बढ़ने के कारण बालियों में दाना कमजोर रह जाता है। बीते सप्ताह अचानक मौसम पलटा और बारिश का दौर चल पड़ा। बारिश के साथ हवा चलने से पूरनपुर, बीसलपुर व अमरिया और कलीनगर तहसील क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर किसानों की गेहूं की फसल खेतों में गिर गई। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। कई जगह किसान लाही-सरसों की फसल खेतों से काटकर इकट्ठा कर चुके थे, वह भी बारिश के पानी में भीगकर खराब हो गई। मौसम विभाग की ओर से अब फिर 27 व 28 मार्च को फिर आसमान पर बादल उमड़ने के साथ ही हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं।
कृषि वैज्ञानिक की बात
राजकीय कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र सिंह ढाका का कहना है कि फरवरी मध्य से लेकर मार्च के पहले पखवाड़ा तक जिस तरह से तापमान में बढ़ोतरी हुई, उससे गेहूं की पिछैती फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका उत्पन्न हो गई थी। बीते सप्ताह बारिश होने से कई जगह गेहूं की फसल खेतों में गिरने से कुछ किसानों का नुकसान हो गया। हालांकि सब्जियों की फसलें इससे प्रभावित नहीं हुईं। जिन खेतों में गेहूं की फसल गिरी, उनमें पैदावार में कमी आ सकती है।
किसानों की बात
फोटो-26
मौसम के उतार चढ़ाव के चलते कीटनाशक बेचने वालों ने किसानों को गुमराह करने का प्रयास किया। जहां फसल में कीटनाशक के छिड़काव की जरूरत ही नहीं, वहां भी लोगों ने खरीद लिया। पिछले दिनों हुई बारिश से पैदावार पर हल्का असर ही पड़ने की आशंका है। - मंजीत सिंह, ग्राम पचपेड़ा प्रहलादपुर
जिन दिनों तापमान तेजी से बढ़ रहा था, तब ज्यादा चिंता रही। अब तापमान में गिरावट से राहत मिली। हालांकि मौसम के इस उतार-चढ़ाव से गेहूं की पैदावार में कुछ कमी आने की संभावना है। अब और बारिश हुई तो नुकसान ज्यादा होगा। - स्वराज सिंह, पिपरिया दुलई।
दोपहर तक छाए रहे घने बादल, हुई बूूंदाबांदी, बाद में खिली धूप
- मौसम के बदलते मिजाज ने कराया ठंड का एहसास, किसान चिंतित
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। जिले में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद सोमवार को एक बार फिर मौसम ने करवट ली। सुबह से ही घने काले बादल छा गए। करीब 10 बजे के बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। बादल और बूंदाबांदी का यह सिलसिला दोपहर करीब एक बजे तक चला। इसके बाद मौसम ने फिर करवट ली और हल्की धूप खिली। मौसम में इस उतार-चढ़ाव से लोगों को ठंड का एहसास हुआ। उधर, किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी है। सरसों व लाही की फसल को भी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
दो दिन पहले भी जिले में बारिश और हवा से किसानों की गेहूं की फसल लुढ़क गई थी। प्रशासन इसका सर्वे करा रहा है। जिला कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 27.6 और न्यूनतम 16.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
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तीन दिन पहले हुई बारिश और हवा से किसानों के खेतों में पकने को तैयार खड़ी गेहूं की फसल गिर गई। कई जगह कटी पड़ी लाही-सरसों की फसल को भी नुकसान पहुंचा। हालांकि प्रशासन ने फसल नुकसान का सर्वे शुरू कराया है।
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इस बार सर्दी भी खूब पड़ी। फिर अचानक मध्य फरवरी में मौसम का मिजाज गर्म होने लगा। यह वह समय होता है, जब गेहूं की फसल में बालियां आने के बाद उनमें दाना पड़ने लगता है। जिले के तमाम किसान ऐसे हैं, जो पेड़ी गन्ना की कटाई कराने के बाद खाली हुए खेतों में गेहूं की फसल करते हैं। समय से पहले तापमान बढ़ने से उन किसानों की गेहूं फसल की बालियां खराब होने लगीं।
बताया गया कि तापमान बढ़ने के कारण बालियों में दाना कमजोर रह जाता है। बीते सप्ताह अचानक मौसम पलटा और बारिश का दौर चल पड़ा। बारिश के साथ हवा चलने से पूरनपुर, बीसलपुर व अमरिया और कलीनगर तहसील क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर किसानों की गेहूं की फसल खेतों में गिर गई। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। कई जगह किसान लाही-सरसों की फसल खेतों से काटकर इकट्ठा कर चुके थे, वह भी बारिश के पानी में भीगकर खराब हो गई। मौसम विभाग की ओर से अब फिर 27 व 28 मार्च को फिर आसमान पर बादल उमड़ने के साथ ही हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं।
कृषि वैज्ञानिक की बात
राजकीय कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र सिंह ढाका का कहना है कि फरवरी मध्य से लेकर मार्च के पहले पखवाड़ा तक जिस तरह से तापमान में बढ़ोतरी हुई, उससे गेहूं की पिछैती फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका उत्पन्न हो गई थी। बीते सप्ताह बारिश होने से कई जगह गेहूं की फसल खेतों में गिरने से कुछ किसानों का नुकसान हो गया। हालांकि सब्जियों की फसलें इससे प्रभावित नहीं हुईं। जिन खेतों में गेहूं की फसल गिरी, उनमें पैदावार में कमी आ सकती है।
किसानों की बात
फोटो-26
मौसम के उतार चढ़ाव के चलते कीटनाशक बेचने वालों ने किसानों को गुमराह करने का प्रयास किया। जहां फसल में कीटनाशक के छिड़काव की जरूरत ही नहीं, वहां भी लोगों ने खरीद लिया। पिछले दिनों हुई बारिश से पैदावार पर हल्का असर ही पड़ने की आशंका है। - मंजीत सिंह, ग्राम पचपेड़ा प्रहलादपुर
जिन दिनों तापमान तेजी से बढ़ रहा था, तब ज्यादा चिंता रही। अब तापमान में गिरावट से राहत मिली। हालांकि मौसम के इस उतार-चढ़ाव से गेहूं की पैदावार में कुछ कमी आने की संभावना है। अब और बारिश हुई तो नुकसान ज्यादा होगा। - स्वराज सिंह, पिपरिया दुलई।
दोपहर तक छाए रहे घने बादल, हुई बूूंदाबांदी, बाद में खिली धूप
- मौसम के बदलते मिजाज ने कराया ठंड का एहसास, किसान चिंतित
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। जिले में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद सोमवार को एक बार फिर मौसम ने करवट ली। सुबह से ही घने काले बादल छा गए। करीब 10 बजे के बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। बादल और बूंदाबांदी का यह सिलसिला दोपहर करीब एक बजे तक चला। इसके बाद मौसम ने फिर करवट ली और हल्की धूप खिली। मौसम में इस उतार-चढ़ाव से लोगों को ठंड का एहसास हुआ। उधर, किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी है। सरसों व लाही की फसल को भी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
दो दिन पहले भी जिले में बारिश और हवा से किसानों की गेहूं की फसल लुढ़क गई थी। प्रशासन इसका सर्वे करा रहा है। जिला कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 27.6 और न्यूनतम 16.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

मंजीत सिंह

मंजीत सिंह