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Pratapgarh News: लिपिक 87,500 रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार
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एंटी करप्शन प्रयागराज की टीम ने शुक्रवार को प्रतापगढ़ के नगर पालिका लिपिक प्रशांत सिंह को 87,500 रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। उस पर एक फर्म को आवंटित कार्य की कागजी कार्रवाई पूरी करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। पूछताछ में आरोपी ने नगर पंचायत ढकवा के अधिशासी अधिकारी के कहने पर घूस मांगने की जानकारी दी। शनिवार को टीम आरोपी को वाराणसी के एंटी करप्शन कोर्ट में पेश करेगी।
मूलरूप से भदोही के ऊंज निवासी ठेकेदार प्रवीण रामपाल झूंसी में रहते हैं। उन्होंने छह जनवरी को एंटी करप्शन को प्राथमिकी दर्ज कराई कि नगर पंचायत ढकवा के अधिशासी अधिकारी अभिनव यादव और लिपिक प्रशांत सिंह ने उनकी फर्म को आवंटित कार्यों की साइट विजिट और टैक्स सुपरिटेंडेंट की अनुमति कराने के बदले में 87,500 रुपये की रिश्वत मांगी है। लिपिक प्रशांत सिंह की तैनाती प्रतापगढ़ बेल्हा के नगर पालिका में हैं, लेकिन उनके पास ढकवा का भी अतिरिक्त प्रभार है।
शिकायत पर एंटी करप्शन की इंस्पेक्टर अंजली यादव के नेतृत्व में 14 सदस्यीय टीम बनाई गई। जैसे ही टाइपिस्ट कक्ष में शिकायतकर्ता प्रवीण ने रिश्वत के रुपये लिपिक प्रशांत सिंह को दिए तभी आरोपी को रंगे हाथ दबोच लिया गया। इसके बाद टीम आरोपी को लेकर थाना कोतवाली पहुंची। रिश्वत मांगने के आरोप में ढकवा के ईओ अभिनव यादव के खिलाफ भी नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।
साल भर पहले मिली थी ढकवा नगर पंचायत की जिम्मेदारी
रिश्वतखोरी में पकड़े गए लिपिक प्रशांत सिंह पहले नगर पालिका परिषद बेल्हा में लिपिक के पद पर कार्य देखता था। करीब साल भर पहले उसे नगर पंचायत ढकवा में लिपिक के पद पर अतिरिक्त तैनाती मिली। निलंबन के बाद भी वह नगर पंचायत का काम-काज नगर पालिका से ही देखता रहा।
जन्म- मृत्यु के मामले की शिकायत पर चार माह पहले डीएम ने किया था निलंबित
नगर पालिका परिषद बेल्हा में ईओ के स्टेनो, सफाई लिपिक समेत कई पदों की जिम्मेदारी निभाने वाला लिपिक प्रशांत सिंह करीब चार माह पहले निलंबित कर दिया गया। डीएम के निरीक्षण में जन्म- मृत्यु के मामलों की शिकायत सामने आई थी। लोगों से अभद्रता के भी आरोप लगे थे। निलंबन के बाद नगर पालिका की तीन सदस्यीय टीम को जांच की जिम्मेदारी मिली। जांच प्रक्रिया अभी जारी है। निलंबन के चलते ढकवा नगर पंचायत के अधिकार भी हटा लिए गए थे, मगर ईओ के कहने पर वह पहले की तरह काम-काज देखता रहा। निर्माण कार्य के लिए रिश्वत मांगने में लिपिक से अधिक ईओ समेत दूसरे जिम्मेदारों की भूमिका को लेकर लोग चर्चा करते नजर आए।
ईओ साहब, आपके कर्मचारी को ले जा रहा हूं...
भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम नगर पालिका में डेरा डाले रही। इसकी किसी को भनक तक नहीं लगी। निलंबित लिपिक को पकड़ने के बाद टीम के सदस्य पालिका के ईओ राकेश कुमार के पास पहुंचे। उन्हें बताया कि वह आपके लिपिक को रिश्वत लेते पकड़े हैं और अपने साथ ले जा रहे हैं।
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मूलरूप से भदोही के ऊंज निवासी ठेकेदार प्रवीण रामपाल झूंसी में रहते हैं। उन्होंने छह जनवरी को एंटी करप्शन को प्राथमिकी दर्ज कराई कि नगर पंचायत ढकवा के अधिशासी अधिकारी अभिनव यादव और लिपिक प्रशांत सिंह ने उनकी फर्म को आवंटित कार्यों की साइट विजिट और टैक्स सुपरिटेंडेंट की अनुमति कराने के बदले में 87,500 रुपये की रिश्वत मांगी है। लिपिक प्रशांत सिंह की तैनाती प्रतापगढ़ बेल्हा के नगर पालिका में हैं, लेकिन उनके पास ढकवा का भी अतिरिक्त प्रभार है।
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शिकायत पर एंटी करप्शन की इंस्पेक्टर अंजली यादव के नेतृत्व में 14 सदस्यीय टीम बनाई गई। जैसे ही टाइपिस्ट कक्ष में शिकायतकर्ता प्रवीण ने रिश्वत के रुपये लिपिक प्रशांत सिंह को दिए तभी आरोपी को रंगे हाथ दबोच लिया गया। इसके बाद टीम आरोपी को लेकर थाना कोतवाली पहुंची। रिश्वत मांगने के आरोप में ढकवा के ईओ अभिनव यादव के खिलाफ भी नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।
साल भर पहले मिली थी ढकवा नगर पंचायत की जिम्मेदारी
रिश्वतखोरी में पकड़े गए लिपिक प्रशांत सिंह पहले नगर पालिका परिषद बेल्हा में लिपिक के पद पर कार्य देखता था। करीब साल भर पहले उसे नगर पंचायत ढकवा में लिपिक के पद पर अतिरिक्त तैनाती मिली। निलंबन के बाद भी वह नगर पंचायत का काम-काज नगर पालिका से ही देखता रहा।
जन्म- मृत्यु के मामले की शिकायत पर चार माह पहले डीएम ने किया था निलंबित
नगर पालिका परिषद बेल्हा में ईओ के स्टेनो, सफाई लिपिक समेत कई पदों की जिम्मेदारी निभाने वाला लिपिक प्रशांत सिंह करीब चार माह पहले निलंबित कर दिया गया। डीएम के निरीक्षण में जन्म- मृत्यु के मामलों की शिकायत सामने आई थी। लोगों से अभद्रता के भी आरोप लगे थे। निलंबन के बाद नगर पालिका की तीन सदस्यीय टीम को जांच की जिम्मेदारी मिली। जांच प्रक्रिया अभी जारी है। निलंबन के चलते ढकवा नगर पंचायत के अधिकार भी हटा लिए गए थे, मगर ईओ के कहने पर वह पहले की तरह काम-काज देखता रहा। निर्माण कार्य के लिए रिश्वत मांगने में लिपिक से अधिक ईओ समेत दूसरे जिम्मेदारों की भूमिका को लेकर लोग चर्चा करते नजर आए।
ईओ साहब, आपके कर्मचारी को ले जा रहा हूं...
भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम नगर पालिका में डेरा डाले रही। इसकी किसी को भनक तक नहीं लगी। निलंबित लिपिक को पकड़ने के बाद टीम के सदस्य पालिका के ईओ राकेश कुमार के पास पहुंचे। उन्हें बताया कि वह आपके लिपिक को रिश्वत लेते पकड़े हैं और अपने साथ ले जा रहे हैं।