{"_id":"6a7e123aea860656930c2f2c","slug":"contract-worker-beaten-to-death-in-land-dispute-pratapgarh-news-c-3-1-ald1030-951367-2026-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh News: भूमि के विवाद में संविदा कर्मी की पीट-पीटकर हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh News: भूमि के विवाद में संविदा कर्मी की पीट-पीटकर हत्या
विज्ञापन
प्रतापगढ़ में संविदा कर्मी की हत्या के बाद मेडिकल कॉलेज पहुंचे विधायक जीतलाल पटेल। संवाद
- फोटो : प्रतापगढ़ में संविदा कर्मी की हत्या के बाद मेडिकल कॉलेज पहुंचे विधायक जीतलाल पटेल। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जमीन विवाद में आपूर्ति विभाग के संविदा कर्मी डांडी गांव निवासी सौरभ उर्फ मोनू विश्वकर्मा (32) की बृहस्पतिवार देर रात लक्ष्मणपुर ब्लॉक के पास पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मामले में पूर्व ब्लॉक प्रमुख के बेटे पर हत्या का आरोप लगा है। हालांकि परिजनों ने अभी तक मामले की कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी है।
सौरभ बृहस्पतिवार की रात करीब नौ बजे घर आ रहे थे, तभी गांव के कुछ लोगों ने विवाद के दौरान उनकी पिटाई कर दी। गंभीर रूप से जख्मी युवक को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
युवक की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मेडिकल कॉलेज में जमकर हंगामा किया। इस दौरान परिजन आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करते रहे। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होता वह मेडिकल कॉलेज से नहीं जाएंगे। रात करीब साढ़े 12 बजे तक अफसर परिजनों को समझाते रहे लेकिन वह नहीं माने। एसपी दीपक भूकर ने बताया कि पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। अस्पताल में पुलिस बल तैनात है।
विज्ञापन
युवक ने वीडियो बनाकर लगाया आरोप
सौरभ उर्फ मोनू ने मौत से पहले अस्पताल में पूर्व ब्लॉक प्रमुख के बेटे दरोगा पर मारपीट का आरोप लगाया। इसका परिजनों ने वीडियो भी बनाया है। हालांकि कि वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है। वीडियो में सौरभ ने कहा है कि पूर्व प्रमुख के बेटे ने पैर तोड़ दिया। गले पर भी पीटकर गंभीर चोट पहुंचाई।
विधायक पहुंचे मेडिकल कॉलेज
विश्वनाथगंज विधायक जीत लाल पटेल घटना की जानकारी होने पर रात करीब 11 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने परिजनों से जानकारी ली। साथ ही आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश पुलिस को दिए।
भीड़ देखते ही इमरजेंसी से भागे डॉक्टर
सौरभ उर्फ मोनू को परिजन करीब 10 बजे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। संविदा कर्मी के साथ भारी भीड़ को देखकर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर मौके से भाग गए। हालांकि 15 मिनट बाद इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर लौट आए। उन्होंने घायल का इलाज किया लेकिन जान नहीं बचा सके।
हंगामे के बीच इमरजेंसी में दो घंटे पड़ा रहा शव
परिजनों के हंगामा के कारण संविदा कर्मी का शव करीब दो घंटे तक इमरजेंसी में ही पड़ा रहा। विश्वनाथगंज विधायक जीत लाल पटेल के पहुंचने पर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर फिर से ड्यूटी छोड़ भाग गए। इस दौरान फोन से ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को वापस बुलाया गया लेकिन आक्रोशित परिजन इमरजेंसी के पास डटे रहे।
विज्ञापन
सौरभ बृहस्पतिवार की रात करीब नौ बजे घर आ रहे थे, तभी गांव के कुछ लोगों ने विवाद के दौरान उनकी पिटाई कर दी। गंभीर रूप से जख्मी युवक को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
युवक की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मेडिकल कॉलेज में जमकर हंगामा किया। इस दौरान परिजन आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करते रहे। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होता वह मेडिकल कॉलेज से नहीं जाएंगे। रात करीब साढ़े 12 बजे तक अफसर परिजनों को समझाते रहे लेकिन वह नहीं माने। एसपी दीपक भूकर ने बताया कि पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। अस्पताल में पुलिस बल तैनात है।
विज्ञापन
युवक ने वीडियो बनाकर लगाया आरोप
सौरभ उर्फ मोनू ने मौत से पहले अस्पताल में पूर्व ब्लॉक प्रमुख के बेटे दरोगा पर मारपीट का आरोप लगाया। इसका परिजनों ने वीडियो भी बनाया है। हालांकि कि वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है। वीडियो में सौरभ ने कहा है कि पूर्व प्रमुख के बेटे ने पैर तोड़ दिया। गले पर भी पीटकर गंभीर चोट पहुंचाई।
विधायक पहुंचे मेडिकल कॉलेज
विश्वनाथगंज विधायक जीत लाल पटेल घटना की जानकारी होने पर रात करीब 11 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने परिजनों से जानकारी ली। साथ ही आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश पुलिस को दिए।
भीड़ देखते ही इमरजेंसी से भागे डॉक्टर
सौरभ उर्फ मोनू को परिजन करीब 10 बजे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। संविदा कर्मी के साथ भारी भीड़ को देखकर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर मौके से भाग गए। हालांकि 15 मिनट बाद इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर लौट आए। उन्होंने घायल का इलाज किया लेकिन जान नहीं बचा सके।
हंगामे के बीच इमरजेंसी में दो घंटे पड़ा रहा शव
परिजनों के हंगामा के कारण संविदा कर्मी का शव करीब दो घंटे तक इमरजेंसी में ही पड़ा रहा। विश्वनाथगंज विधायक जीत लाल पटेल के पहुंचने पर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर फिर से ड्यूटी छोड़ भाग गए। इस दौरान फोन से ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को वापस बुलाया गया लेकिन आक्रोशित परिजन इमरजेंसी के पास डटे रहे।