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Pratapgarh News: नहरों में पानी...खेतों में हरियाली
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बाबागंज स्थित नहर में आया पानी। विभाग
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अब नहरें सूखी नहीं रहेगी। उनमें पानी की कलकलहट महसूस होगी। फसलों में हरियाली आएगी। खेतों में समय से पानी पहुंच सके इसके लिए शारदा सहायक की रायबरेली ब्रांच से 1052 क्यूसेक पानी नहरों में छोड़ा गया है।
जिले में रजबहा, माइनर, अल्पिका मिलाकर खेतों की सिंचाई के 356 स्रोत हैं। इसके सापेक्ष 188 स्रोतों तक ही पानी पहुंचा है। अन्य 168 नहरों में अभी तक पानी की दरकार है। वहां भी जल्द ही पानी पहुंचने के आसार हैं।
दरअसल, जिले में 1000 क्यूसेक पानी की जरूरत थी लेकिन 794 क्यूसेक ही मिल पाया था। बारिश न होने से किसानों की धान की फसल सूख रही थी। इसका पैदावार पर भी असर पड़ता। किसानों ने कई बार अपनी चिंता अफसरों के सामने रखी लेकिन पानी की उपलब्धता न होने से उन्हें मायूस होना पड़ता था।
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अब किसानों की सिंचाई की चिंता को दूर कर दिया गया है। 1000 क्यूसेक पानी के सापेक्ष जनपद में 1052 क्यूसेक पानी नहरों में छोड़ा गया है। रायबरेली ब्रांच के माध्यम से जनपद के माइनरों व रजबहों तक पानी पहुंचाया गया।
बाबागंज ब्लॉक के किसान शेखर सिंह, बृजेश, अरसद ने बताया कि नहरों में पानी की उपलब्धता से फसलों को संजीवनी मिलेगी। एक्सईएन सिंचाई विभाग अरविंद वर्मा ने बताया कि मांग के सापेक्ष 52 क्यूसेक पानी अधिक मिला है।
1.09 लाख हेक्टेयर में धान की खेती
जिले में 1.09 लाख में धान की खेती की गई है। इसमें 65 हजार हेक्टेयर धान की फसल अगेती की गई है। अब पानी की उपलब्धता होने से किसानों को राहत मिली है।
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जिले में रजबहा, माइनर, अल्पिका मिलाकर खेतों की सिंचाई के 356 स्रोत हैं। इसके सापेक्ष 188 स्रोतों तक ही पानी पहुंचा है। अन्य 168 नहरों में अभी तक पानी की दरकार है। वहां भी जल्द ही पानी पहुंचने के आसार हैं।
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दरअसल, जिले में 1000 क्यूसेक पानी की जरूरत थी लेकिन 794 क्यूसेक ही मिल पाया था। बारिश न होने से किसानों की धान की फसल सूख रही थी। इसका पैदावार पर भी असर पड़ता। किसानों ने कई बार अपनी चिंता अफसरों के सामने रखी लेकिन पानी की उपलब्धता न होने से उन्हें मायूस होना पड़ता था।
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अब किसानों की सिंचाई की चिंता को दूर कर दिया गया है। 1000 क्यूसेक पानी के सापेक्ष जनपद में 1052 क्यूसेक पानी नहरों में छोड़ा गया है। रायबरेली ब्रांच के माध्यम से जनपद के माइनरों व रजबहों तक पानी पहुंचाया गया।
बाबागंज ब्लॉक के किसान शेखर सिंह, बृजेश, अरसद ने बताया कि नहरों में पानी की उपलब्धता से फसलों को संजीवनी मिलेगी। एक्सईएन सिंचाई विभाग अरविंद वर्मा ने बताया कि मांग के सापेक्ष 52 क्यूसेक पानी अधिक मिला है।
1.09 लाख हेक्टेयर में धान की खेती
जिले में 1.09 लाख में धान की खेती की गई है। इसमें 65 हजार हेक्टेयर धान की फसल अगेती की गई है। अब पानी की उपलब्धता होने से किसानों को राहत मिली है।