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Pratapgarh News: मोटे अनाज की खेती से किसान बना रहे दूरी, घट रहा रकबा
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जिले के लोगों को स्वस्थ रखने के लिए मोटे अनाज के उत्पादन और प्रयोग पर कृषि विभाग जोर दे रहा है लेकिन हकीकत यह है कि किसान मोटा अन्न उपजाने से दूरी बना रहे हैं। इसकी मुख्य वजह छुट्टा मवेशियों का आतंक है। मवेशी खेतों की सुरक्षा नहीं होने के कारण फसल के तैयार होने से पहले से ही तहस-नहस कर देते हैं। इससे किसानों को अपेक्षित पैदावार नहीं मिलती है। हालांकि कृषि विभाग कागजों पर मोटे अनाज का अनुमानित आंकड़ा बढ़ाता जा रहा है।
श्री अन्न योजना के तहत मोटे अनाज में शामिल ज्वार, बाजरा, मक्का, राई, कोदो, उड़द, अरहर को अधिकाधिक क्षेत्रफल में उगाने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान पर किसानों को बीज मुहैया करा रहा है। इसके बावजूद किसानों में मोटा अन्न उपजाने को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई दे रही है। मोटे अनाज के उत्पादन में आई गिरावट के कारण भी किसानों का रुझान कम हुआ है।
बताई परेशानी
मोटा अनाज उगाना अब काफी मुश्किल हो गया है। छुट्टा मवेशी खड़ी फसल को नष्ट कर देते हैं। इससे पैदावार प्रभावित होती है।
कुंवर बहादुर सिंह, धरौली
मोटे अनाज में उत्पादन का लाभ अपेक्षित नहीं मिलता है। छुट्टा मवेशी फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।
श्रीराम वर्मा, बोझवा
किसानों को मोटा अनाज उगाने के लिए गांव-गांव में शिविर लगाकर प्रेरित किया जा रहा है। 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज मुहैया कराया जा रहा है। इसके बावजूद किसान मोटा अनाज उगाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इस बार कर्मचारियों को किसानों से संपर्क कर मोटा अनाज उगाने के लिए जोर दिया जा रहा है।
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अश्विनी कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक
फसल-- -मक्का-- ज्वार-- -बाजरा-- -उड़द-- -अरहर
2020-- -- 678 हेक्टेयर-- 3195 हेक्टेयर-- -11788 हेक्टेयर-- -3735 हेक्टेयर-- -7434 हेक्टेयर
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2021-- -- 568 हेक्टेयर-- 3349 हेक्टेयर-- -10466 हेक्टेयर-- -5728 हेक्टेयर-- -7434 हेक्टेयर
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2022-- -- 705 हेक्टेयर-- 3379 हेक्टेयर-- -10377 हेक्टेयर-- -5357 हेक्टेयर-- -6920 हेक्टेयर
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2023-- -- 810 हेक्टेयर-- 5253 हेक्टेयर-- -11330 हेक्टेयर-- -8420 हेक्टेयर-- -9042 हेक्टेयर
........
2024-- -- 87 हेक्टेयर-- 2178 हेक्टेयर-- -8804 हेक्टेयर-- -1041 हेक्टेयर-- -597 हेक्टेयर
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2025-- -1450 हेक्टेयर-- 1840 हेक्टेयर-- -8377 हेक्टेयर-- -2161 हेक्टेयर-- -8466 हेक्टेयर
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2026-- -1449 हेक्टेयर-1956 हेक्टेयर-- -8903 हेक्टेयर-- -2967 हेक्टेयर-- -13293 हेक्टेयर
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श्री अन्न योजना के तहत मोटे अनाज में शामिल ज्वार, बाजरा, मक्का, राई, कोदो, उड़द, अरहर को अधिकाधिक क्षेत्रफल में उगाने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान पर किसानों को बीज मुहैया करा रहा है। इसके बावजूद किसानों में मोटा अन्न उपजाने को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई दे रही है। मोटे अनाज के उत्पादन में आई गिरावट के कारण भी किसानों का रुझान कम हुआ है।
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बताई परेशानी
मोटा अनाज उगाना अब काफी मुश्किल हो गया है। छुट्टा मवेशी खड़ी फसल को नष्ट कर देते हैं। इससे पैदावार प्रभावित होती है।
कुंवर बहादुर सिंह, धरौली
मोटे अनाज में उत्पादन का लाभ अपेक्षित नहीं मिलता है। छुट्टा मवेशी फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।
श्रीराम वर्मा, बोझवा
किसानों को मोटा अनाज उगाने के लिए गांव-गांव में शिविर लगाकर प्रेरित किया जा रहा है। 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज मुहैया कराया जा रहा है। इसके बावजूद किसान मोटा अनाज उगाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इस बार कर्मचारियों को किसानों से संपर्क कर मोटा अनाज उगाने के लिए जोर दिया जा रहा है।
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अश्विनी कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक
फसल
2020
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2021
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2022
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2023
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2024
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2025
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2026