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Pratapgarh News: दहलीज पर मानसून... नहीं शुरू हुई नालों की सफाई
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आजाद नगर स्थित नाला। संवाद
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भीषण गर्मी के बाद बादलों ने आसमान में डेरा डालकर मानसून की दस्तक का एहसास कराना शुरू कर दिया है। बावजूद इसके अब तक शहरी क्षेत्र के नालों की साफ-सफाई नहीं कराई गई है। वहीं, अफसरों का दावा है कि शहर में नालों की सफाई कराई जा रही है। मानसून से पहले नालों को साफ कर लिया जाएगा।
बीते साल सात फरवरी से इस साल सात फरवरी के बीच में नगर पालिका ने शहर को सजाने-संवारने में करीब 43.01 करोड़ रुपये रुपये का बजट खर्च किया है। लगभग 14.71 करोड़ रुपये के शेष बजट से विकास कार्य जारी है।
नगर पालिका का दावा है कि विस्तारित क्षेत्रों में बिजली, जल निकासी को नाले-नालियों का निर्माण व शुद्ध पेयजल की उपलब्धता को प्राथमिकता दी गई है। आमतौर पर अप्रैल से मई माह के बीच नालों और नालियों की साफ-सफाई करा ली जाती है ताकि जलभराव की समस्या से शहरियों को परेशान न होना पड़े।
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सूत्रों के मुताबिक, नगर पालिका क्षेत्र के 46 किमी लंबे नाले व नालियों की साफ-सफाई का काम समय पर पूरा नहीं किया गया है। वर्ष 2025 में भी लापरवाही के चलते नाले और नालियों की साफ-सफाई न कराने से जलभराव की समस्या ने लोगों को परेशान किया था। मजबूरी में दोबारा साफ-सफाई करानी पड़ी। इस बार के हालात भी पिछले साल जैसे ही हैं।
वर्जन-
अभियान चलाकर नालों और नालियों की साफ-सफाई कराई जा रही है। लगभग 70 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। पखवाड़े भर के अंदर शेष कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा।
संतोष कुमार, सफाई निरीक्षक, नगर पालिका।
बीते साल सात फरवरी से इस साल सात फरवरी के बीच में नगर पालिका ने शहर को सजाने-संवारने में करीब 43.01 करोड़ रुपये रुपये का बजट खर्च किया है। लगभग 14.71 करोड़ रुपये के शेष बजट से विकास कार्य जारी है।
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नगर पालिका का दावा है कि विस्तारित क्षेत्रों में बिजली, जल निकासी को नाले-नालियों का निर्माण व शुद्ध पेयजल की उपलब्धता को प्राथमिकता दी गई है। आमतौर पर अप्रैल से मई माह के बीच नालों और नालियों की साफ-सफाई करा ली जाती है ताकि जलभराव की समस्या से शहरियों को परेशान न होना पड़े।
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वर्जन-
अभियान चलाकर नालों और नालियों की साफ-सफाई कराई जा रही है। लगभग 70 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। पखवाड़े भर के अंदर शेष कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा।
संतोष कुमार, सफाई निरीक्षक, नगर पालिका।

आजाद नगर स्थित नाला। संवाद