Pratapgarh : परिजनों ने संविदाकर्मी का अंतिम संस्कार करने से किया इन्कार, थाना प्रभारी के निलंबन पर अड़े
जिला पूर्ति विभाग के संविदाकर्मी सौरभ उर्फ मोनू विश्वकर्मा की बेरहमी से पीटकर हत्या कर दी गई। नाराज परिजनों ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया।
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जिला पूर्ति विभाग के संविदाकर्मी सौरभ उर्फ मोनू विश्वकर्मा की बेरहमी से पीटकर हत्या कर दी गई। नाराज परिजनों ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। परिजनों के साथ जनप्रतिनिधियों ने थाना प्रभारी अमला सिंह के निलंबन की मांग की। जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय के आदेश पर दो डॉक्टरों के पैनल ने दोपहर करीब साढ़े 12 बजे पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट में एंटी-मार्टम इंजरी की पुष्टि हुई। रिपोर्ट के अनुसार पेट, सीने और गर्दन में गंभीर चोट होने के कारण मौत हुई है। शरीर में घाव और सूजन के निशान भी मिले हैं। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर घर पहुंचे।
पोस्टमार्टम हाउस से रानीगंज विधायक डॉ. आरके वर्मा, पूर्व विधायक राजकुमार पाल, पूर्व विधायक मुन्ना यादव सहित सपा के पदाधिकारी भी संविदाकर्मी के आवास पहुंचे। शव पहुंचते ही परिजनों में चीख पुकार मच गई। पत्नी आंचल चार माह की बेटी कृधा को गोद में लेकर शव से लिपटकर रोती रहीं। पिता मोतीलाल, मां हीरावती व बड़ा भाई धर्मेंद्र भी रोता बिलखता रहा। शव पहुंचने की जानकारी पर उपजिलाधिकारी लालगंज वाचस्पति सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी बृजनंदन राय व क्षेत्राधिकारी लालगंज राजीव द्विवेदी मृतक के घर पहुंचे। विधायक आरके वर्मा के साथ परिजनों ने लीलापुर थाना प्रभारी के निलंबन के बाद ही शव का अंतिम संस्कार करने की बात कही।
पोस्टमार्टम हाउस में पुलिस से हुई झड़प
परिजनों व ग्रामीणों के आक्रोश के साथ जनप्रतिनिधियों के विरोध को देखते हुए कई थानों की फोर्स पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद रही। लीलापुर थाना प्रभारी अमला सिंह मृतक के पिता का बयान दर्ज कराने पहुंचे। काफी प्रयास के बाद भी पुलिस बयान दर्ज नहीं करा सकी। इस बीच परिजनों से पुलिस की तीखी झड़प हुई। लोगों के बीच खुद को घिरता देख थाना प्रभारी अमला सिंह कार से भाग निकले।
डेढ़ साल में ही छूटा आंचल का साथ
सौरभ की शादी करीब डेढ़ साल पहले मानधाता के आंचल के साथ हुई थी। उसकी चार माह की बेटी कृधा है। दंपती बेटी को बहुत प्यार-दुलार करते थे। शादी के महज डेढ़ साल में ही आंचल का साथ सौरभ से छूट गया। बेटी कृधा के सिर से पिता का साया भी छिन गया।
पूर्ति विभाग के अफसर और कर्मचारी डटे रहे
जिला आपूर्ति अधिकारी अनुभव त्रिवेदी के साथ पूर्ति निरीक्षक व कोटेदार पोस्टमार्टम हाउस से लेकर मृतक के घर पर डटे रहे। हर कोई नम आंखों से सौरभ के मित्रतापूर्ण व्यवहार और हंसमुख स्वभाव को याद करता रहा। गैर जनपद स्थानांतरित कई पूर्ति निरीक्षक भी घटना की जानकारी पर शुक्रवार को मृतक के घर पहुंचे।
थाना प्रभारी पर आरोप, हत्या को बताया दुर्घटना
रानीगंज विधायक डॉ. आरके वर्मा ने उप-जिलाधिकारी से बातचीत के दौरान बताया कि घटना के बाद थाना प्रभारी अमला सिंह से फोन पर बात की गई तो हत्या के बजाय दुर्घटना की जानकारी थाना प्रभारी ने दी। जानकारी के बाद भी घटनास्थल पर पुलिसकर्मी नहीं पहुंचे। परिजन और ग्रामीण सौरभ को लेकर मेडिकल कॉलेज रवाना हुए। बताया कि घटना के बाद आरोपी थाने पर मौजूद थे। विधायक ने कहा कि इसका साक्ष्य उनके पास है। थाने के सीसीटीवी फुटेज को निकालने की मांग विधायक ने की।