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Pratapgarh News: गर्मी से लोग ही नहीं ट्रांसफॉर्मर भी हांफे
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दहिलामऊ उपकेंद्र। संवाद
- फोटो : विकास भवन।
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बिजली उपकेंद्रों पर लगे ट्रांसफॉर्मर भी गर्मी में ओवर हीटिंग के चलते हांफने लगे हैं। अभी तक गर्मी ने लोगों को ही परेशान कर रखा था लेकिन अब यह बिजली विभाग को भी सताने लगी है। वहीं, ओवर हीटिंग कम करने के लिए जल्द ही ट्रांसफॉर्मर के पास कूलर लगाए जाएंगे। इसकी कार्य योजना तैयार हो गई है।
जिले में सदर, लालगंज, कुंडा और रानीगंज डिवीजन से 33/11 केवी क्षमता वाले 67 उपकेंद्र संचालित हैं। सामान्य दिनों की अपेक्षा गर्मी में बिजली आपूर्ति की खपत अधिक होती है।
घरों से लेकर दुकानों तक एसी और कूलर का उपयोग अधिक हो रहा है। इससे ट्रांसफॉर्मर ओवर हीटिंग के चलते गर्म हो रहे हैं। इसी वजह से फॉल्ट और ट्रिपिंग की समस्या होती है।
निगम के अफसरों के अनुसार, उपकेंद्रों पर पावर ट्रांसफार्मर लगे होते हैं। कूलिंग बने रहने से ब्रेकडाउन की समस्या कम होती है। विभाग के मुताबिक, पावर ट्रांसफार्मर में खराबी आने पर एक साथ कई मोहल्लों की बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। ब्रेक डाउन से हर दिन शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक सात से आठ घंटे आपूर्ति ठप हो रही है।
घरेलू उपभोक्ताओं के साथ प्रतिष्ठानों में आपूर्ति की समस्या होने से लोगों को परेशानी हो रही है। हालांकि लोगों की समस्या को ध्यान में रखते हुए निगम के जेई लगातार नियमित रूप से उपकेंद्रों के ट्रांसफॉर्मर की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
वर्जन-
ग्रामीण क्षेत्र की तुलना में शहरी क्षेत्र में अधिक बिजली की खपत हो रही है। ट्रांसफॉर्मर में कूलिंग सिस्टम बने रहने से ऑयल और बाइंडिंग का तापमान नियंत्रित रहता है। कुछ दिनों के लिए उपकेंद्रों के पावर ट्रांसफॉर्मर के लिए पास कूलर की व्यवस्था किए जाने की कार्य योजना तैयार की गई है। - रामाश्रय प्रसार चौरसिया, एक्सईएन
नोट-
आंकड़े-
सामान्य दिनों में बिजली की खपत- 1.6 मिलियन यूनिट
गर्मी बढ़ने पर खपत- 2.6 मिलियन यूनिट
डेढ़ माह में फुंके ट्रांसफॉर्मर- 86
शहरी क्षेत्र में ट्रिपिंग की समस्या- 15 से 20 बार
जिले में सदर, लालगंज, कुंडा और रानीगंज डिवीजन से 33/11 केवी क्षमता वाले 67 उपकेंद्र संचालित हैं। सामान्य दिनों की अपेक्षा गर्मी में बिजली आपूर्ति की खपत अधिक होती है।
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घरों से लेकर दुकानों तक एसी और कूलर का उपयोग अधिक हो रहा है। इससे ट्रांसफॉर्मर ओवर हीटिंग के चलते गर्म हो रहे हैं। इसी वजह से फॉल्ट और ट्रिपिंग की समस्या होती है।
निगम के अफसरों के अनुसार, उपकेंद्रों पर पावर ट्रांसफार्मर लगे होते हैं। कूलिंग बने रहने से ब्रेकडाउन की समस्या कम होती है। विभाग के मुताबिक, पावर ट्रांसफार्मर में खराबी आने पर एक साथ कई मोहल्लों की बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। ब्रेक डाउन से हर दिन शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक सात से आठ घंटे आपूर्ति ठप हो रही है।
घरेलू उपभोक्ताओं के साथ प्रतिष्ठानों में आपूर्ति की समस्या होने से लोगों को परेशानी हो रही है। हालांकि लोगों की समस्या को ध्यान में रखते हुए निगम के जेई लगातार नियमित रूप से उपकेंद्रों के ट्रांसफॉर्मर की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
वर्जन-
ग्रामीण क्षेत्र की तुलना में शहरी क्षेत्र में अधिक बिजली की खपत हो रही है। ट्रांसफॉर्मर में कूलिंग सिस्टम बने रहने से ऑयल और बाइंडिंग का तापमान नियंत्रित रहता है। कुछ दिनों के लिए उपकेंद्रों के पावर ट्रांसफॉर्मर के लिए पास कूलर की व्यवस्था किए जाने की कार्य योजना तैयार की गई है। - रामाश्रय प्रसार चौरसिया, एक्सईएन
नोट-
आंकड़े-
सामान्य दिनों में बिजली की खपत- 1.6 मिलियन यूनिट
गर्मी बढ़ने पर खपत- 2.6 मिलियन यूनिट
डेढ़ माह में फुंके ट्रांसफॉर्मर- 86
शहरी क्षेत्र में ट्रिपिंग की समस्या- 15 से 20 बार