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Pratapgarh News: ई-केवाईसी के चक्कर में फंसा पांच करोड़ रुपये का भुगतान
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नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का लाइसेंस निरस्त होने के बाद नामित परिसमापक के ई-केवाईसी के पेंच में 24,257 ग्राहकों के पांच करोड़ रुपये का भुगतान लटक गया है। इधर जिले की चारों शाखाओं में ताला लटकने से ग्राहक भुगतान के लिए कभी बैंक परिसर के बाहर नोटिस पढ़ रहे हैं, तो कभी अफसरों के कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं।
जिले में नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की चार शाखाएं संचालित थीं। शहर के बाबागंज, कुंडा, पट्टी, चिलबिला शाखाओं में कुल 25,231 खातेदार थे। भारतीय रिजर्व बैंक ने दस अप्रैल 2026 को बैंक के लाइसेंस को निलंबित कर दिया। हालांकि बैंक की वित्तीय हालत खराब होने पर आरबीआई ने दो साल पहले ही दस हजार रुपये से अधिक की धनराशि निकासी पर रोक लगा दी थी।
चारों शाखाओं में ताला लटकने से 24,257 ग्राहकों के पांच करोड़ रुपये का भुगतान लटका हुआ है। ग्राहकों के खाते में जमा धनराशि को वापस करने के लिए सहकारिता विभाग के एडीसीओ सुशील मिश्रा को परिसमापक नामित किया गया है। इनका हस्ताक्षर तो प्रमाणित हो गया है, मगर ई-केवाईसी नहीं होने से खातेदारों का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
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डीएम की ओर से नामित परिसमापक सुशील मिश्रा ने बताया कि ई-केवाईसी होते ही ऑनलाइन भुगतान प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बैंक के अभिलेख में जो धनराशि अंकित है, वह खातेदारों को भुगतान की जाएगी।
नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के खातेदारों को पांच करोड़ रुपये का भुगतान होना है। एडीसीओ सुशील मिश्रा को परिसमापक नामित किया गया है। केवाईसी कराने के लिए प्रयास किया जा रहा है, इसके बाद भुगतान का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
- देवेंद्र वर्मा, सहायक निबंधक, सहकारिता
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जिले में नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की चार शाखाएं संचालित थीं। शहर के बाबागंज, कुंडा, पट्टी, चिलबिला शाखाओं में कुल 25,231 खातेदार थे। भारतीय रिजर्व बैंक ने दस अप्रैल 2026 को बैंक के लाइसेंस को निलंबित कर दिया। हालांकि बैंक की वित्तीय हालत खराब होने पर आरबीआई ने दो साल पहले ही दस हजार रुपये से अधिक की धनराशि निकासी पर रोक लगा दी थी।
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चारों शाखाओं में ताला लटकने से 24,257 ग्राहकों के पांच करोड़ रुपये का भुगतान लटका हुआ है। ग्राहकों के खाते में जमा धनराशि को वापस करने के लिए सहकारिता विभाग के एडीसीओ सुशील मिश्रा को परिसमापक नामित किया गया है। इनका हस्ताक्षर तो प्रमाणित हो गया है, मगर ई-केवाईसी नहीं होने से खातेदारों का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
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डीएम की ओर से नामित परिसमापक सुशील मिश्रा ने बताया कि ई-केवाईसी होते ही ऑनलाइन भुगतान प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बैंक के अभिलेख में जो धनराशि अंकित है, वह खातेदारों को भुगतान की जाएगी।
नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के खातेदारों को पांच करोड़ रुपये का भुगतान होना है। एडीसीओ सुशील मिश्रा को परिसमापक नामित किया गया है। केवाईसी कराने के लिए प्रयास किया जा रहा है, इसके बाद भुगतान का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
- देवेंद्र वर्मा, सहायक निबंधक, सहकारिता