{"_id":"69fe206fd7275dbc3a0f2916","slug":"ponds-and-check-dams-in-four-blocks-will-increase-the-groundwater-level-pratapgarh-news-c-262-1-slp1001-167317-2026-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh News: चार ब्लॉकों में तालाब-चेकडैम से बढ़ेगा भूगर्भ जलस्तर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh News: चार ब्लॉकों में तालाब-चेकडैम से बढ़ेगा भूगर्भ जलस्तर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जनपद के क्रिटिकल जोन में शामिल मानधाता, सदर, संडवा चंद्रिका व शिवगढ़ ब्लाॅक में जल्द ही तालाब, चेकडैम का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही इन ब्लॉकों के सरकारी कार्यालयों एवं विद्यालयों के रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना की जाएगी। ताकि चारों ब्लाॅकों में भूगर्भ जल के स्तर को बढ़ाया जा सके।
लघु सिंचाई विभाग ने क्रिटिकल जाेन में शामिल ब्लॉकों में तालाब व चेकडैम बनाने के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। शासन से बजट स्वीकृत होने पर क्रिटिकल जोन वाले चारों ब्लॉकों में छह तालाब, 15 चेकडैम और 55 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार किए जाएंगे।
लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता विक्रमाजीत ने बताया कि 2012 में भूगर्भ विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 13 ब्लॉक क्रिटिकल जाेन में शामिल थे। इस साल जारी भूगर्भ विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले के चार ब्लॉक क्रिटिकल जोन में शामिल हैं। जिसमें मानधाता, सदर, संडवा चंद्रिका व शिवगढ़ शामिल हैं। जबकि आसपुर देवसरा, सांगीपुर, बाबागंज, कालाकांकर, कुंडा व बिहार ब्लॉक ग्रीन जोन में पहुंच गए हैं। अन्य ब्लॉक सेमी क्रिटिकल अभी जोन में शामिल हैं।
इनसेट:-
रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होने पर ही पास होगा भवनों का नक्शा
सहायक अभियंता विक्रमादित्य ने बताया कि क्रिटिकल जाेन वाले चार ब्लॉकों के नगरीय क्षेत्रों में 200 मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भवनों का नक्शा तभी पास होगा जब उसमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा होगी। साथ ही इन ब्लाॅकों में सरकारी बोरिंग पर रोक लगाई गई है। योजनाओं को संचालित विभागीय अफसर भूगर्भ जल स्तर को बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं।
जिले के क्रिटिकल जाेन वाले चार ब्लॉकों में तालाब, चेकडैम व रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाकर भूगर्भ जलस्तर को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। शासन को तालाब, चेकडैम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
डॉ. दिव्या मिश्रा, सीडीओ
Trending Videos
लघु सिंचाई विभाग ने क्रिटिकल जाेन में शामिल ब्लॉकों में तालाब व चेकडैम बनाने के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। शासन से बजट स्वीकृत होने पर क्रिटिकल जोन वाले चारों ब्लॉकों में छह तालाब, 15 चेकडैम और 55 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता विक्रमाजीत ने बताया कि 2012 में भूगर्भ विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 13 ब्लॉक क्रिटिकल जाेन में शामिल थे। इस साल जारी भूगर्भ विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले के चार ब्लॉक क्रिटिकल जोन में शामिल हैं। जिसमें मानधाता, सदर, संडवा चंद्रिका व शिवगढ़ शामिल हैं। जबकि आसपुर देवसरा, सांगीपुर, बाबागंज, कालाकांकर, कुंडा व बिहार ब्लॉक ग्रीन जोन में पहुंच गए हैं। अन्य ब्लॉक सेमी क्रिटिकल अभी जोन में शामिल हैं।
इनसेट:-
रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होने पर ही पास होगा भवनों का नक्शा
सहायक अभियंता विक्रमादित्य ने बताया कि क्रिटिकल जाेन वाले चार ब्लॉकों के नगरीय क्षेत्रों में 200 मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भवनों का नक्शा तभी पास होगा जब उसमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा होगी। साथ ही इन ब्लाॅकों में सरकारी बोरिंग पर रोक लगाई गई है। योजनाओं को संचालित विभागीय अफसर भूगर्भ जल स्तर को बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं।
जिले के क्रिटिकल जाेन वाले चार ब्लॉकों में तालाब, चेकडैम व रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाकर भूगर्भ जलस्तर को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। शासन को तालाब, चेकडैम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
डॉ. दिव्या मिश्रा, सीडीओ