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प्रतापगढ़: मत प्रतिशत में दिनेश सिंह को नहीं पछाड़ सके संगम
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 28 May 2019 12:33 AM IST
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संगम लाल गुप्ता
- फोटो : Social Media
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नवनिर्वाचित सांसद संगमलाल गुप्ता मत प्रतिशत में पूर्व विदेश मंत्री राजा दिनेश सिंह का रिकार्ड तोडने में विफल रहे। 2019 के लोकसभा चुनाव में संगमलाल गुप्ता को 47.69 प्रतिशत मत मिले हैं। जबकि 1984 के लोकसभा चुनाव में राजा दिनेश सिंह को 71.62 प्रतिशत मिले थे।
जिले के सांसद चुने गए संगमलाल गुप्ता भले ही अब तक सबसे अधिक मत पाने का रिकार्ड बनाने में सफल रहे हैं, लेकिन मत प्रतिशत के मामले में वह पूर्व विदेश मंत्री राजा दिनेश सिंह से पीछे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में कुल 9,14,665 मतदाताओं ने अपने अधिकार का प्रयोग किया।
जिसमें भाजपा प्रत्याशी को 4,36,491 मत मिले। उन्हें करीब 47.69 प्रतिशत मत मिले। जबकि दूसरे स्थान पर रहे गठबंधन प्रत्याशी अशोक त्रिपाठी को 3,18,539 मत मिले, जो कुल मतों का 34.82 प्रतिशत है।
वर्ष 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए लोकसभा चुनाव में 3,90,044 मतदाताओं में कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व विदेश मंत्री राजा दिनेश सिंह को 2,79,354 मत मिले थे। उन्हें करीब 71.62 प्रतिशत मत प्राप्त हुए थे। दूसरे स्थान पर एलकेडी प्रत्याशी रामदेव थे। उन्हें 46,847 मत मिले थे।
जो महज 12.01 प्रतिशत था। एकतरफा चुनाव में राजा दिनेश सिंह को बड़ी जीत हासिल हुई थी। आजादी के बाद 1984 में हुए लोकसभा चुनाव राजा दिनेश सिंह की यह सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है।
उस समय राजा दिनेश सिंह को 71.62 प्रतिशत मत मिले थे। 1971 के लोकसभा चुुनाव में भी राजा दिनेश सिंह ने 65.09 प्रतिशत मत हासिल करके जिले का सांसद बनने का गौरव हासिल किया था।
मुनीश्वरदत्त उपाध्याय ने हासिल किए थे 63.66 प्रतिशत मत
जिले के पहले सांसद पं. मुनीश्वरदत्त उपाध्याय को 77,668 मत मिले थे। जिले के कुल 1,22,001 मतदाताओं ने अपने अधिकार का प्रयोग किया था। 63.66 प्रतिशत मत पाकर मुनीश्वरदत्त उपाध्याय पहले सांसद बने थे।
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जिले के सांसद चुने गए संगमलाल गुप्ता भले ही अब तक सबसे अधिक मत पाने का रिकार्ड बनाने में सफल रहे हैं, लेकिन मत प्रतिशत के मामले में वह पूर्व विदेश मंत्री राजा दिनेश सिंह से पीछे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में कुल 9,14,665 मतदाताओं ने अपने अधिकार का प्रयोग किया।
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जिसमें भाजपा प्रत्याशी को 4,36,491 मत मिले। उन्हें करीब 47.69 प्रतिशत मत मिले। जबकि दूसरे स्थान पर रहे गठबंधन प्रत्याशी अशोक त्रिपाठी को 3,18,539 मत मिले, जो कुल मतों का 34.82 प्रतिशत है।
वर्ष 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए लोकसभा चुनाव में 3,90,044 मतदाताओं में कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व विदेश मंत्री राजा दिनेश सिंह को 2,79,354 मत मिले थे। उन्हें करीब 71.62 प्रतिशत मत प्राप्त हुए थे। दूसरे स्थान पर एलकेडी प्रत्याशी रामदेव थे। उन्हें 46,847 मत मिले थे।
जो महज 12.01 प्रतिशत था। एकतरफा चुनाव में राजा दिनेश सिंह को बड़ी जीत हासिल हुई थी। आजादी के बाद 1984 में हुए लोकसभा चुनाव राजा दिनेश सिंह की यह सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है।
उस समय राजा दिनेश सिंह को 71.62 प्रतिशत मत मिले थे। 1971 के लोकसभा चुुनाव में भी राजा दिनेश सिंह ने 65.09 प्रतिशत मत हासिल करके जिले का सांसद बनने का गौरव हासिल किया था।
मुनीश्वरदत्त उपाध्याय ने हासिल किए थे 63.66 प्रतिशत मत
जिले के पहले सांसद पं. मुनीश्वरदत्त उपाध्याय को 77,668 मत मिले थे। जिले के कुल 1,22,001 मतदाताओं ने अपने अधिकार का प्रयोग किया था। 63.66 प्रतिशत मत पाकर मुनीश्वरदत्त उपाध्याय पहले सांसद बने थे।