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Pratapgarh News: बारिश का पानी... खत्म करेगा परेशानी
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पीएम भूमि जल संरक्षण योजना के तहत सात करोड़ की लागत से मंगरौरा और आसपुर देवसरा ब्लॉक में 46 तालाब और 78 चेकडैम बनाए गए हैं। इस बार तालाबों और चेकडैम में करीब दो अरब लीटर बारिश का पानी संरक्षित किया जाएगा।
इससे किसानों की सिंचाई की दिक्कत खत्म होगी। साथ ही मवेशियों को पीने का पानी, किसानों को मछली पालन करने में सहूलियत मिलेगी। हाल के वर्षों में चेकडैम और तालाबों में संग्रहीत जल की वजह से मंगरौरा और आसपुर देवसरा ब्लॉक सेमी क्रिटिकल जाेन से ग्रीन जोन में आए हैं। भूगर्भ जलस्तर में भी सुधार हुआ है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, मंगरौरा और आसपुर देवसरा के 142 गांवों में भूमि व जल संरक्षण और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए 2021 में योजना की शुरुआत हुई। दोनों ब्लॉकों के पांच-पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में तालाब व चेकडैम बनाए गए।
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सई नदी के किनारे बसे किसानों के खेतों में तालाब व बांध बनाकर बारिश के पानी का संचयन किया गया। इससे भूगर्भ जल का स्तर नौ मीटर से घटकर करीब 7.5 मीटर तक पहुंच गया है। भूगर्भ जलस्तर बढ़ने से दोनों ब्लॉक फिर से ग्रीन जोन में शामिल हुए हैं।
इनसेट:-
किसान हो रहे समृद्ध
योजना के तहत बनाए गए तालाब में किसान मछली पालन कर समृद्ध हो रहे हैं। ढिंढुई के विनोद कुमार और अतरसंड के किसान रामलखन ने बताया कि वह तालाब में मछली पालन कर रहे हैं। हर वर्ष तीन से चार लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं। साथ ही फसल की सिंचाई की भी समस्या खत्म हो गई है।
वर्जन:-
मंगरौरा और आसपुर देवसरा ब्लॉक में तालाब व चेकडैम के निर्माण से भूगर्भ जलस्तर बढ़ा है। क्रिटिकल से ग्रीन जोन में दोनों ब्लॉक शामिल हो गए हैं। मछली पालन कर किसान आर्थिक रूप से समृद्ध हो रहे हैं।
- चमन सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी
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इससे किसानों की सिंचाई की दिक्कत खत्म होगी। साथ ही मवेशियों को पीने का पानी, किसानों को मछली पालन करने में सहूलियत मिलेगी। हाल के वर्षों में चेकडैम और तालाबों में संग्रहीत जल की वजह से मंगरौरा और आसपुर देवसरा ब्लॉक सेमी क्रिटिकल जाेन से ग्रीन जोन में आए हैं। भूगर्भ जलस्तर में भी सुधार हुआ है।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार, मंगरौरा और आसपुर देवसरा के 142 गांवों में भूमि व जल संरक्षण और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए 2021 में योजना की शुरुआत हुई। दोनों ब्लॉकों के पांच-पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में तालाब व चेकडैम बनाए गए।
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सई नदी के किनारे बसे किसानों के खेतों में तालाब व बांध बनाकर बारिश के पानी का संचयन किया गया। इससे भूगर्भ जल का स्तर नौ मीटर से घटकर करीब 7.5 मीटर तक पहुंच गया है। भूगर्भ जलस्तर बढ़ने से दोनों ब्लॉक फिर से ग्रीन जोन में शामिल हुए हैं।
इनसेट:-
किसान हो रहे समृद्ध
योजना के तहत बनाए गए तालाब में किसान मछली पालन कर समृद्ध हो रहे हैं। ढिंढुई के विनोद कुमार और अतरसंड के किसान रामलखन ने बताया कि वह तालाब में मछली पालन कर रहे हैं। हर वर्ष तीन से चार लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं। साथ ही फसल की सिंचाई की भी समस्या खत्म हो गई है।
वर्जन:-
मंगरौरा और आसपुर देवसरा ब्लॉक में तालाब व चेकडैम के निर्माण से भूगर्भ जलस्तर बढ़ा है। क्रिटिकल से ग्रीन जोन में दोनों ब्लॉक शामिल हो गए हैं। मछली पालन कर किसान आर्थिक रूप से समृद्ध हो रहे हैं।
- चमन सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी