{"_id":"69595573181b7d84fd0434db","slug":"sale-of-amla-products-will-increase-the-income-of-women-pratapgarh-news-c-262-1-slp1001-155863-2026-01-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh News: आंवला उत्पाद की बिक्री से बढ़ेगी महिलाओं की आमदनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh News: आंवला उत्पाद की बिक्री से बढ़ेगी महिलाओं की आमदनी
विज्ञापन
विज्ञापन
माघ मेले को देखते हुए प्रयागराज-अयोध्या हाईवे स्थित शहर के भंगवाचुंगी, सदर, जोगापुर, चिलबिला, गोंडे और सोनावां में करीब 160 आंवला उत्पादों के स्टाल लगाए जाएंगे। 15 फरवरी तक समूह की महिलाएं आंवला उत्पादों की बिक्री कर आमदनी बढ़ाएंगी। महाकुंभ की तर्ज पर इस बार भी आंवला उत्पादों के स्टाल स्नानार्थियों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। पौष पूर्णिमा पर शनिवार को हाईवे के किनारे प्रमुख स्थलों पर आंवला उत्पादों के स्टाल लगने शुरू हो गए हैं।
स्टाल पर आंवले का मुरब्बा, बर्फी, कैंडी, अचार, जूस, लड्डू, चूर्ण समेत अन्य उत्पाद सजे हैं। महाकुंभ के दौरान जिले में स्टाल पर लगे आंवला उत्पादों की बिक्री से करीब सात करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था। इस बार भी उत्पादों की बिक्री से बेहतर आमदनी की उम्मीद है।
सदर बाजार में आंवला उत्पाद का स्टाल लगाने वाली पूनम उपाध्याय ने बताया कि बीते साल महाकुंभ के दौरान आंवला उत्पादों की बिक्री से करीब सात लाख रुपये का कारोबार हुआ था। इस बार भी माघ मेले में स्नानार्थियों, श्रद्धालुओं की खरीदारी से बेहतर आमदनी की उम्मीद है। आंवले का मुरब्बा, बर्फी व कैंडी की मांग अधिक थी।
कोठियाही ग्राम पंचायत के रक्षा स्वयं सहायता समूह की रुक्मिणी सिंह ने बताया कि बीते साल आंवला उत्पादों की बिक्री से समूह की महिलाओं की अच्छी आमदनी हुई थी। इस बार भी तीन से चार स्टाल आंवला उत्पादों के लगाने की तैयारी है। फरवरी तक स्टाल पर मुरब्बा के साथ ही अन्य उत्पाद की बिक्री समूह की महिलाएं करेंगी।
दिलीपपुर के स्वयं सहायता समूह की सदस्य अभिलाषा मिश्रा ने बताया कि वह भी स्टाल लगाएंगी। उनके साथ समूह की चार से पांच महिलाएं बिक्री में सहयोग करेंगी। डीसी एनआरएलएम देव कुमार ने बताया कि इस बार भी माघ मेले के दौरान आंवला उत्पादों के स्टाल समूह की महिलाएं लगाएंगी।
Trending Videos
स्टाल पर आंवले का मुरब्बा, बर्फी, कैंडी, अचार, जूस, लड्डू, चूर्ण समेत अन्य उत्पाद सजे हैं। महाकुंभ के दौरान जिले में स्टाल पर लगे आंवला उत्पादों की बिक्री से करीब सात करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था। इस बार भी उत्पादों की बिक्री से बेहतर आमदनी की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सदर बाजार में आंवला उत्पाद का स्टाल लगाने वाली पूनम उपाध्याय ने बताया कि बीते साल महाकुंभ के दौरान आंवला उत्पादों की बिक्री से करीब सात लाख रुपये का कारोबार हुआ था। इस बार भी माघ मेले में स्नानार्थियों, श्रद्धालुओं की खरीदारी से बेहतर आमदनी की उम्मीद है। आंवले का मुरब्बा, बर्फी व कैंडी की मांग अधिक थी।
कोठियाही ग्राम पंचायत के रक्षा स्वयं सहायता समूह की रुक्मिणी सिंह ने बताया कि बीते साल आंवला उत्पादों की बिक्री से समूह की महिलाओं की अच्छी आमदनी हुई थी। इस बार भी तीन से चार स्टाल आंवला उत्पादों के लगाने की तैयारी है। फरवरी तक स्टाल पर मुरब्बा के साथ ही अन्य उत्पाद की बिक्री समूह की महिलाएं करेंगी।
दिलीपपुर के स्वयं सहायता समूह की सदस्य अभिलाषा मिश्रा ने बताया कि वह भी स्टाल लगाएंगी। उनके साथ समूह की चार से पांच महिलाएं बिक्री में सहयोग करेंगी। डीसी एनआरएलएम देव कुमार ने बताया कि इस बार भी माघ मेले के दौरान आंवला उत्पादों के स्टाल समूह की महिलाएं लगाएंगी।
