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Pratapgarh News: अनफिट वाहनों से ढोए जा रहे स्कूली बच्चे
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निजी स्कूलों के अधिकांश वाहनों की फिटनेस फेल है। स्कूली वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चे ढोए जा रहे हैं। ऑटो में भी बच्चे लाद कर स्कूल पहुंचाए जा रहे हैं। यह नौनिहालों के लिए खतरे का संकेत है। अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं।
एआरटीओ ने 14 दिनों में 50 स्कूली वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 20 वाहनों को सीज कर दिया है। जबकि 30 वाहनों का चालान किया है।
एआरटीओ दिलीप गुप्ता ने बताया कि 14 दिनों के भीतर 20 स्कूली वाहनों को सीज किया गया। उन्होंने कहा कि स्कूल संचालक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं। निजी स्कूलों में पुरानी बसों का परिचालन हो रहा है।
जिले के कई निजी स्कूलों के पास पर्याप्त संख्या में वाहन नहीं हैं। ऐसी स्थिति में अधिकतर ने किराये पर वाहन लिए हैं। वाहन मालिकों ने खस्ताहाल वाहनों की रंगाई-पुताई कर स्कूल प्रबंधक को दिया है।
ऐसे वाहन कभी भी हादसे के शिकार हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि पांच वर्ष से पुरानी बसों को स्कूल में चलाने पर रोक है।
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एआरटीओ ने 14 दिनों में 50 स्कूली वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 20 वाहनों को सीज कर दिया है। जबकि 30 वाहनों का चालान किया है।
एआरटीओ दिलीप गुप्ता ने बताया कि 14 दिनों के भीतर 20 स्कूली वाहनों को सीज किया गया। उन्होंने कहा कि स्कूल संचालक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं। निजी स्कूलों में पुरानी बसों का परिचालन हो रहा है।
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जिले के कई निजी स्कूलों के पास पर्याप्त संख्या में वाहन नहीं हैं। ऐसी स्थिति में अधिकतर ने किराये पर वाहन लिए हैं। वाहन मालिकों ने खस्ताहाल वाहनों की रंगाई-पुताई कर स्कूल प्रबंधक को दिया है।
ऐसे वाहन कभी भी हादसे के शिकार हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि पांच वर्ष से पुरानी बसों को स्कूल में चलाने पर रोक है।