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Pratapgarh News: भारतीय कला और संस्कृति से परिचित होंगे विद्यार्थी
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सीबीएसई के विद्यार्थियों को इस सत्र में किताबों के साथ ही कला से जोड़ने की कवायद की गई है। नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में नृत्य, रंगमंच और संगीत को शामिल किया गया है। इससे विद्यार्थी पढ़ाई के साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी पारंगत हो सकेंगे।
सीबीएसई के सिटी कोऑर्डिनेटर बीके सोनी ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत मधुरिमा पुस्तक से विद्यार्थियों को भारतीय कला और संस्कृति की समृद्ध विरासत से परिचित कराया जाएगा। इसमें सांची स्तूप, नाट्शास्त्र, अजंता की गुफाओं के भित्त चित्र समेत प्राचीन कला धरोहरों को शामिल किया गया है। साथ ही चोल काल की मूर्तिकला, कालीघाट की चित्रकला और यक्षगान जैसी लोक परंपराओं का भी अध्ययन कराया जाएगा।
नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा नौवीं में पहली बार विद्यार्थियों को चार प्रमुख कला विधाओं दृश्य कला, संगीत, नृत्य और रंगमंच का समग्र ज्ञान दिया जाएगा। इससे विद्यार्थी न केवल कला को समझेंगे, बल्कि उसे व्यवहार में उतारते हुए अपनी अभिव्यक्ति भी विकसित कर सकेंगे।
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सीबीएसई के सिटी कोऑर्डिनेटर बीके सोनी ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत मधुरिमा पुस्तक से विद्यार्थियों को भारतीय कला और संस्कृति की समृद्ध विरासत से परिचित कराया जाएगा। इसमें सांची स्तूप, नाट्शास्त्र, अजंता की गुफाओं के भित्त चित्र समेत प्राचीन कला धरोहरों को शामिल किया गया है। साथ ही चोल काल की मूर्तिकला, कालीघाट की चित्रकला और यक्षगान जैसी लोक परंपराओं का भी अध्ययन कराया जाएगा।
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नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा नौवीं में पहली बार विद्यार्थियों को चार प्रमुख कला विधाओं दृश्य कला, संगीत, नृत्य और रंगमंच का समग्र ज्ञान दिया जाएगा। इससे विद्यार्थी न केवल कला को समझेंगे, बल्कि उसे व्यवहार में उतारते हुए अपनी अभिव्यक्ति भी विकसित कर सकेंगे।