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Pratapgarh News: होटल और रेस्टोरेंट की भरमार... आग बुझाने के नहीं हैं इंतजाम
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शहर के बाबागंज स्थित होटल के बगल में स्थित पेट्रोल पंप। संवाद
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दिल्ली के रेस्टोरेंट में अग्निकांड के बाद अग्निशमन विभाग की नींद टूटी। शासन के आदेश के बाद बृहस्पतिवार से चेकिंग अभियान शुरू किया गया। इस दौरान पता चला कि शहरी क्षेत्र के होटलों, रेस्टोरेंट व विवाह घरों की तो भरमार है लेकिन यहां आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। यहां तक कि फायर एनओसी भी नहीं ली गई।
बीते दो सालों में हाईवे से लेकर शहर के गलियों तक बहुमंजिला होटल और रेस्टोरेंट तेजी से खुल रहे हैं। शहर में करीब 120 होटल और रेस्टोरेंट संचालित हैं। कुछ को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश में लोगों के ठहरने की व्यवस्था भी है लेकिन यहां के ज्यादातर होटलों और रेस्टोरेंट बिना वेंटिलेशन के चल रहे हैं। आग बुझाने वाले जरूरी उपकरण और मूलभूत सुविधाएं भी नहीं है।
वर्ष 2015 में शहर के बाबागंज में संचालित जिंजर होटल में लगी आग में 10 लोगों की दम घुटने से जान चली गई थी। इसके बाद भी होटल की ओर से एनओसी नहीं ली गई। करीब-करीब यही स्थिति विवाह घरों की भी है। लगन के समय हजारों की तादाद में लोगों की भीड़ विवाह घरों में जुटती है।
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मगर, एनओसी तो दूर सुरक्षा उपकरण की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है। अग्निशमन विभाग के अफसरों के अनुसार, अधिकांश विवाह घरों के संचालकों ने एनओसी ही नहीं ली है।
डेढ़ माह में 150 नोटिस, नहीं लगा फायर अलार्म
अग्निशमन विभाग डेढ़ माह में करीब 150 लोगों को एनओसी के लिए नोटिस जारी कर चुका है। विभाग के एक अफसर के मुताबिक, प्रशासनिक अधिकारियों से सांठगांठ करके संचालक बगैर एनओसी और फायर अलार्म के होटल और रेस्टोरेंट चला रहे हैं। कई होटल और रेस्टोरेंट ने एनओसी का नवीनीकरण नहीं कराया। न ही उपकरण लगाए।
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केस-1
एक माह पहले भंगवा चुंगी के पास एक रेस्टोरेंट में आग लग गई। समय रहते फायर कर्मियों के प्रयास से आग को बुझाया गया। जांच में रेस्टोरेंट संचालक एनओसी नहीं दिखा सका।
केस-2
दो माह पहले बाबागंज स्थित एक चर्चित होटल के जनरेटर में आग लग गई। होटल में मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंचे फायर ब्रिगेड कर्मियों ने आग को बुझाया। जांच में पता चला कि होटल संचालक ने एनओसी का नवीनीकरण नहीं कराया है।
केस-3
0 30 मई को शहर के राजापाल चौराहा स्थित भदरी हाउस के पास विवाह घर में आग लग गई। पंडाल के साथ कुर्सियां और एक कार जल गई। पुलिस की जांच में विवाह घर संचालक एनओसी नहीं दिखा सका। इसके बाद अग्निशमन विभाग ने नोटिस जारी किया।
इनसेट-
ये इंतजाम जरूरी
- पांच हजार लीटर पानी भंडारण क्षमता का ओवर हेड टैंक
- आग बुझाने के लिए जरूरी होजरील (जीन पाइप)
- लैंडिंग वाल्व (जीन पाइप जोड़कर पानी ले सकते हैं)
- प्रेशर से पानी की बौछार के लिए पांच एचपी मोटर पंप
- फायर अलार्म व अग्निशमन यंत्र
वर्जन-
होटल-रेस्टाेरेंट में नेशनल बिल्डिंग कोड (एनबीसी) के अनुसार आग से बचाव के इंतजाम जरूरी हैं। इसी आधार पर फायर एनओसी जारी की जाती है। अग्निसुरक्षा इंतजाम नहीं होने पर संचालकों को कई बार नोटिस दिया जा चुका है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग लाइसेंस देने से पहले फायर एनओसी मांगे तो सुधार हो सकता है। नक्शा स्वीकृति के समय भी फायर एनओसी की जांच की जानी चाहिए।
- राजू कुमार उपाध्याय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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बीते दो सालों में हाईवे से लेकर शहर के गलियों तक बहुमंजिला होटल और रेस्टोरेंट तेजी से खुल रहे हैं। शहर में करीब 120 होटल और रेस्टोरेंट संचालित हैं। कुछ को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश में लोगों के ठहरने की व्यवस्था भी है लेकिन यहां के ज्यादातर होटलों और रेस्टोरेंट बिना वेंटिलेशन के चल रहे हैं। आग बुझाने वाले जरूरी उपकरण और मूलभूत सुविधाएं भी नहीं है।
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वर्ष 2015 में शहर के बाबागंज में संचालित जिंजर होटल में लगी आग में 10 लोगों की दम घुटने से जान चली गई थी। इसके बाद भी होटल की ओर से एनओसी नहीं ली गई। करीब-करीब यही स्थिति विवाह घरों की भी है। लगन के समय हजारों की तादाद में लोगों की भीड़ विवाह घरों में जुटती है।
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मगर, एनओसी तो दूर सुरक्षा उपकरण की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है। अग्निशमन विभाग के अफसरों के अनुसार, अधिकांश विवाह घरों के संचालकों ने एनओसी ही नहीं ली है।
डेढ़ माह में 150 नोटिस, नहीं लगा फायर अलार्म
अग्निशमन विभाग डेढ़ माह में करीब 150 लोगों को एनओसी के लिए नोटिस जारी कर चुका है। विभाग के एक अफसर के मुताबिक, प्रशासनिक अधिकारियों से सांठगांठ करके संचालक बगैर एनओसी और फायर अलार्म के होटल और रेस्टोरेंट चला रहे हैं। कई होटल और रेस्टोरेंट ने एनओसी का नवीनीकरण नहीं कराया। न ही उपकरण लगाए।
केस-1
एक माह पहले भंगवा चुंगी के पास एक रेस्टोरेंट में आग लग गई। समय रहते फायर कर्मियों के प्रयास से आग को बुझाया गया। जांच में रेस्टोरेंट संचालक एनओसी नहीं दिखा सका।
केस-2
दो माह पहले बाबागंज स्थित एक चर्चित होटल के जनरेटर में आग लग गई। होटल में मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंचे फायर ब्रिगेड कर्मियों ने आग को बुझाया। जांच में पता चला कि होटल संचालक ने एनओसी का नवीनीकरण नहीं कराया है।
केस-3
0 30 मई को शहर के राजापाल चौराहा स्थित भदरी हाउस के पास विवाह घर में आग लग गई। पंडाल के साथ कुर्सियां और एक कार जल गई। पुलिस की जांच में विवाह घर संचालक एनओसी नहीं दिखा सका। इसके बाद अग्निशमन विभाग ने नोटिस जारी किया।
इनसेट-
ये इंतजाम जरूरी
- पांच हजार लीटर पानी भंडारण क्षमता का ओवर हेड टैंक
- आग बुझाने के लिए जरूरी होजरील (जीन पाइप)
- लैंडिंग वाल्व (जीन पाइप जोड़कर पानी ले सकते हैं)
- प्रेशर से पानी की बौछार के लिए पांच एचपी मोटर पंप
- फायर अलार्म व अग्निशमन यंत्र
वर्जन-
होटल-रेस्टाेरेंट में नेशनल बिल्डिंग कोड (एनबीसी) के अनुसार आग से बचाव के इंतजाम जरूरी हैं। इसी आधार पर फायर एनओसी जारी की जाती है। अग्निसुरक्षा इंतजाम नहीं होने पर संचालकों को कई बार नोटिस दिया जा चुका है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग लाइसेंस देने से पहले फायर एनओसी मांगे तो सुधार हो सकता है। नक्शा स्वीकृति के समय भी फायर एनओसी की जांच की जानी चाहिए।
- राजू कुमार उपाध्याय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी