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Pratapgarh News: उखड़ी पैचिंग, जर्जर मार्ग... चार किमी में गड्ढे 50
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गौरव।
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मीराभवन से सुखपाल नगर तक चार किमी मुख्य मार्ग जर्जर हो चुका है। पैचिंग उखड़ गई है। चार किमी के मुख्य मार्ग पर करीब 50 गड्ढे हो गए हैं। इस रास्ते पर तीन इंटर कॉलेज, एक डिग्री कॉलेज, सिटी प्रतापगढ़ बाजार है।
यहां से रोजाना करीब 10 हजार विद्यार्थी आवागमन करते हैं लेकिन बजट के अभाव में मार्ग की मरम्मत नहीं हो पा रही है। इसी रास्ते से परिवहन निगम की बसें लखनऊ के लिए जाती हैं। जर्जर मार्ग के कारण हिचकोले खाते हुए लोग आने-जाने को मजबूर हैं।
लोक निर्माण विभाग ने बीते साल सितंबर में इस मार्ग का मरम्मतीकरण कराया था। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, चार साल पहले करीब ढाई करोड़ की लागत से सड़क का निर्माण कराया गया था। चार साल में सड़क पर चलना दूभर हो गया है।
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एसी मैकेनिक हूं। जिस कारण शहर जाकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खरीदना पड़ता है। सुखपालनगर से मीराभवन तक मार्ग कई महीने से जर्जर है। जलभराव से गड्ढे नजर नहीं आते हैं। दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।
- गौरव कुमार, मोहनगंज
......
बच्चे को स्कूल छोड़ने के लिए बाइक से टेऊंगा तक जाना होता है। सुखपाल नगर तिराहा, सिटी, पीबी कॉलेज मोड़ के पास सड़क खस्ताहाल है। गड्ढों में पानी भरा होने पर गहराई समझ नहीं आती है। हादसे का खतरा बना रहता है।
- जगदीश कुमार, बढ़नी
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पीबी डिग्री कॉलेज में पढ़ाई करता हूं। जर्जर मार्ग से आवागमन में काफी दिक्कत होती है। इसके बाद भी अफसर सड़क की मरम्मत नहीं करा रहे हैं। बारिश में यह सड़क हादसे का सबब बनेगी। - अमित तिवारी, अमरौना
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गांव में दुकान है। सामान लेने के लिए अक्सर शहर जाना पड़ता है। चार किमी मार्ग पर 50 से अधिक जानलेवा गड्ढे हैं, जिन्हें भरा नहीं गया है। अफसरों को जल्द से जल्द मरम्मत करानी चाहिए।
- मनीष तिवारी, श्रीकांतपुर
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वर्जन:-
मीराभवन-सुखपालनगर तिराहे तक मुख्य मार्ग की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। बजट स्वीकृत होते ही मरम्मत कराई जाएगी। - एसके गौतम, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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यहां से रोजाना करीब 10 हजार विद्यार्थी आवागमन करते हैं लेकिन बजट के अभाव में मार्ग की मरम्मत नहीं हो पा रही है। इसी रास्ते से परिवहन निगम की बसें लखनऊ के लिए जाती हैं। जर्जर मार्ग के कारण हिचकोले खाते हुए लोग आने-जाने को मजबूर हैं।
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लोक निर्माण विभाग ने बीते साल सितंबर में इस मार्ग का मरम्मतीकरण कराया था। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, चार साल पहले करीब ढाई करोड़ की लागत से सड़क का निर्माण कराया गया था। चार साल में सड़क पर चलना दूभर हो गया है।
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एसी मैकेनिक हूं। जिस कारण शहर जाकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खरीदना पड़ता है। सुखपालनगर से मीराभवन तक मार्ग कई महीने से जर्जर है। जलभराव से गड्ढे नजर नहीं आते हैं। दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।
- गौरव कुमार, मोहनगंज
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बच्चे को स्कूल छोड़ने के लिए बाइक से टेऊंगा तक जाना होता है। सुखपाल नगर तिराहा, सिटी, पीबी कॉलेज मोड़ के पास सड़क खस्ताहाल है। गड्ढों में पानी भरा होने पर गहराई समझ नहीं आती है। हादसे का खतरा बना रहता है।
- जगदीश कुमार, बढ़नी
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पीबी डिग्री कॉलेज में पढ़ाई करता हूं। जर्जर मार्ग से आवागमन में काफी दिक्कत होती है। इसके बाद भी अफसर सड़क की मरम्मत नहीं करा रहे हैं। बारिश में यह सड़क हादसे का सबब बनेगी। - अमित तिवारी, अमरौना
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गांव में दुकान है। सामान लेने के लिए अक्सर शहर जाना पड़ता है। चार किमी मार्ग पर 50 से अधिक जानलेवा गड्ढे हैं, जिन्हें भरा नहीं गया है। अफसरों को जल्द से जल्द मरम्मत करानी चाहिए।
- मनीष तिवारी, श्रीकांतपुर
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वर्जन:-
मीराभवन-सुखपालनगर तिराहे तक मुख्य मार्ग की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। बजट स्वीकृत होते ही मरम्मत कराई जाएगी। - एसके गौतम, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी

गौरव।

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