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Raebareli News: मेंहदीगंज माइनर कटने से 150 बीघा फसल डूबी
Fri, 07 Aug 2026 01:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Fri, 07 Aug 2026 01:19 AM IST
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छतोह के गढ़ा गांव में पानी से धान की डूबी फसल।
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नसीराबाद। छतोह-गांधीनगर मार्ग पर गढ़ा गांव के पास सड़क पर जल निकासी के लिए पाइप सही ढंग से नहीं बिछाई गई है। इस कारण बृहस्पतिवार भोर तेज बारिश और मेंहदीगंज माइनर कटने से आसपास के गांवों के खेत जलमग्न हो गए। जलभराव से सुजवरिया, गढ़ा, पूरे कलंदर, नया पुरवा समेत कई गांवों के किसानों की लगभग 150 बीघे धान की फसल पानी में डूब गई।
बृहस्पतिवार सुबह जब किसान ब्रजेश सिंह, अजय, राजू, राममिलन मौर्य, अशोक कुमार सहित अन्य किसान खेतों पर पहुंचे तो धान की फसल पानी में डूबी मिली। इससे नाराज किसानों ने छतोह-गांधीनगर मार्ग पर प्रदर्शन कर पीडब्ल्यूडी विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया। किसान अशोक कुमार और राममिलन मौर्य ने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व पीडब्ल्यूडी विभाग ने सड़क का निर्माण कराया था। उस समय जल निकासी के लिए जो पाइप डाली गई थी, वह सही ढंग से नहीं बिछाई गई, जिससे बारिश और माइनर का पानी निकल नहीं पा रहा है।
किसानों ने बताया कि इसी मार्ग से मेंहदीगंज, बेवल, खोथलाही, पूरे शुक्लन, भड़पुरवा, सूजवरिया, पूरे नीमर सहित कई गांवों का अतिरिक्त पानी निकलता है। किसानों का कहना है कि निर्माण के समय ही ठेकेदार को पाइप सही ढंग से लगाने के लिए कहा गया था, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। पिछले वर्ष भी जलभराव के कारण धान की फसल बर्बाद हुई थी। किसानों ने प्रशासन से जल निकासी की तत्काल व्यवस्था कराने और फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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बृहस्पतिवार सुबह जब किसान ब्रजेश सिंह, अजय, राजू, राममिलन मौर्य, अशोक कुमार सहित अन्य किसान खेतों पर पहुंचे तो धान की फसल पानी में डूबी मिली। इससे नाराज किसानों ने छतोह-गांधीनगर मार्ग पर प्रदर्शन कर पीडब्ल्यूडी विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया। किसान अशोक कुमार और राममिलन मौर्य ने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व पीडब्ल्यूडी विभाग ने सड़क का निर्माण कराया था। उस समय जल निकासी के लिए जो पाइप डाली गई थी, वह सही ढंग से नहीं बिछाई गई, जिससे बारिश और माइनर का पानी निकल नहीं पा रहा है।
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किसानों ने बताया कि इसी मार्ग से मेंहदीगंज, बेवल, खोथलाही, पूरे शुक्लन, भड़पुरवा, सूजवरिया, पूरे नीमर सहित कई गांवों का अतिरिक्त पानी निकलता है। किसानों का कहना है कि निर्माण के समय ही ठेकेदार को पाइप सही ढंग से लगाने के लिए कहा गया था, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। पिछले वर्ष भी जलभराव के कारण धान की फसल बर्बाद हुई थी। किसानों ने प्रशासन से जल निकासी की तत्काल व्यवस्था कराने और फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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