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Raebareli News: जल जीवन मिशन कोमा में, दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 15 Mar 2026 01:57 AM IST
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महराजगंज क्षेत्र के अलीपुर में जल जीवन मिशन के तहत अधूरी पड़ी निर्माणाधीन पानी की टंकी।
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रायबरेली। जल निगम (ग्रामीण) के अधिकारियों की लापरवाही से महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन दम तोड़ रही है। जिले की करीब 30 लाख ग्रामीण आबादी आज भी शुद्ध पानी के लिए तरस रही है और दूषित जल पीने को मजबूर है। जो योजना 2024 तक पूरी होनी थी, उसका एक तिहाई काम भी समय पर नहीं हो सका, जिसके कारण अब इसकी समय-सीमा बढ़ाकर 2028 कर दी गई है।
विभाग भले ही 850 गांवों के चार लाख 70 हजार घरों में पानी पहुंचाने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत इसके उलट है। कई गांवों में पाइपलाइन बिछी है पर टोटियों से पानी की एक बूंद नहीं टपकती। कहीं पाइपलाइन लीकेज है, तो कहीं तकनीकी खामियां बाधा बनी हुई हैं। जिले के सरेनी, खीरों और लालगंज क्षेत्रों में पानी में फ्लोराइड की मात्रा इतनी अधिक है कि लोहे के हैंडपंप तक गल जाते हैं। ऐसे संवेदनशील इलाकों में भी शुद्ध पेयजल की अनुपलब्धता सरकारी दावों पर बड़े सवाल खड़े करती है। 2019 में शुरू हुई इस योजना का लाभ आज भी रायबरेली के ग्रामीणों के लिए एक सपना बना हुआ है।
तीन साल से अधर में लटका काम
गदागंज-। दीनशाह गौरा ब्लॉक के अलीपुर चकराई ग्राम सभा में तीन साल बीत जाने के बाद भी पानी की टंकी का काम अधूरा है। ग्रामीण राजू सिंह, लवकुश तिवारी और सौरभ गुप्ता ने बताया कि गांव में अभी तक पाइपलाइन भी नहीं बिछाई गई है। मजबूरन ग्रामीणों को हैंडपंप का दूषित पानी पीना पड़ रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बना हुआ है। उधर, महराजगंज क्षेत्र के अलीपुर के भी हालात जस के तस हैं। इस परियोजना को 2023 में ही शुरू हो जाना चाहिए था, लेकिन अब तक जलापूर्ति ठप है। ग्रामीण भवानीबक्स सिंह, रविराज सिंह, लालसिंह, भोला सिंह, हौसिला प्रसाद तिवारी ने बताया कि पाइपलाइन तो डाल दी गई है, लेकिन ओवरहेड टैंक (टंकी) का निर्माण अधूरा है।
इनसेट
2028 तक हर घर में पहुंचेगा पानी
जल जीवन मिशन का काम वर्ष 2024 तक पूरा होना था, उसे अब 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में 850 गांवों में पानी की आपूर्ति की जा रही है, जबकि शेष घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए काम जारी है।
सफीकुर्रहमान, एक्सईएन जल निगम ग्रामीण
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विभाग भले ही 850 गांवों के चार लाख 70 हजार घरों में पानी पहुंचाने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत इसके उलट है। कई गांवों में पाइपलाइन बिछी है पर टोटियों से पानी की एक बूंद नहीं टपकती। कहीं पाइपलाइन लीकेज है, तो कहीं तकनीकी खामियां बाधा बनी हुई हैं। जिले के सरेनी, खीरों और लालगंज क्षेत्रों में पानी में फ्लोराइड की मात्रा इतनी अधिक है कि लोहे के हैंडपंप तक गल जाते हैं। ऐसे संवेदनशील इलाकों में भी शुद्ध पेयजल की अनुपलब्धता सरकारी दावों पर बड़े सवाल खड़े करती है। 2019 में शुरू हुई इस योजना का लाभ आज भी रायबरेली के ग्रामीणों के लिए एक सपना बना हुआ है।
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तीन साल से अधर में लटका काम
गदागंज-। दीनशाह गौरा ब्लॉक के अलीपुर चकराई ग्राम सभा में तीन साल बीत जाने के बाद भी पानी की टंकी का काम अधूरा है। ग्रामीण राजू सिंह, लवकुश तिवारी और सौरभ गुप्ता ने बताया कि गांव में अभी तक पाइपलाइन भी नहीं बिछाई गई है। मजबूरन ग्रामीणों को हैंडपंप का दूषित पानी पीना पड़ रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बना हुआ है। उधर, महराजगंज क्षेत्र के अलीपुर के भी हालात जस के तस हैं। इस परियोजना को 2023 में ही शुरू हो जाना चाहिए था, लेकिन अब तक जलापूर्ति ठप है। ग्रामीण भवानीबक्स सिंह, रविराज सिंह, लालसिंह, भोला सिंह, हौसिला प्रसाद तिवारी ने बताया कि पाइपलाइन तो डाल दी गई है, लेकिन ओवरहेड टैंक (टंकी) का निर्माण अधूरा है।
इनसेट
2028 तक हर घर में पहुंचेगा पानी
जल जीवन मिशन का काम वर्ष 2024 तक पूरा होना था, उसे अब 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में 850 गांवों में पानी की आपूर्ति की जा रही है, जबकि शेष घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए काम जारी है।
सफीकुर्रहमान, एक्सईएन जल निगम ग्रामीण