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Raebareli News: नया सत्र शुरू पर दो लाख बच्चों को अब भी किताबों का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 07 Apr 2026 01:20 AM IST
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रायबरेली। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में नया सत्र शुरू हुए एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन अब भी शत-प्रतिशत बच्चों के हाथों में किताबें नहीं पहुंच सकी हैं। कहीं वितरण जारी है, तो कई स्कूलों में छात्र अब भी पाठ्यपुस्तकों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हालांकि, विभाग का दावा है कि सभी स्कूलों को पुस्तकें उपलब्ध करा दी गई हैं और जो बच्चे स्कूल आ रहे हैं, उन्हें किताबें दी जा रही हैं।
जिले के कक्षा एक से आठ तक के लगभग 1.94 लाख छात्रों के लिए 18.66 लाख किताबों की मांग की गई थी, जिसकी आपूर्ति जिला मुख्यालय को मिल चुकी है। जिला स्तरीय भंडार गृह से सभी 18 विकास खंडों और नगर क्षेत्र के संसाधन केंद्रों को किताबें भेजी जा चुकी हैं, जहां से अब प्राथमिक (1675), जूनियर (323) और कंपोजिट (300) विद्यालयों में वितरण का सिलसिला चल रहा है।
करीब तीन माह पूर्व क्रयादेश जारी होने और समय पर आपूर्ति मिलने के बावजूद वितरण की गति धीमी है। जिला समन्वयक अविलय सिंह ने बताया कि जिन स्कूलों में पुस्तकें कम पहुंची थीं, वहां अब अतिरिक्त आपूर्ति भेजी जा रही है ताकि सभी बच्चों को जल्द किताबें मिल सकें।
पाठ्य पुस्तकें बांटी, स्कूल चलो रैली भी निकाली गई
रायबरेली। अमावां विकास क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय जेतुवा टप्पे बिझवन में सोमवार को स्कूल चलो अभियान के तहत रैली निकाली गई, जिसे खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ऋचा सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान बच्चों को पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं और अभिभावकों की उपस्थिति में मेधावी छात्रों सहित राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
बीईओ ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों का स्वरूप अब पूरी तरह बदल चुका है, इसलिए अभिभावक बच्चों को नियमित स्कूल भेजें। शिक्षक नेता वीरेंद्र सिंह ने जोर दिया कि परिषदीय स्कूलों के बच्चे निजी विद्यालयों से किसी भी स्तर पर कम नहीं हैं। कार्यक्रम का संचालन नीरज रावत ने किया। इस अवसर पर बृजेंद्र कुमार, एचसी पांडेय, मानवेंद्र सिंह, मयंक द्विवेदी, रणविजय सिंह, नरेंद्र, कुमकुम, गनेश वर्मा, सुयश और सरफराज आदि मौजूद रहे।
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जिले के कक्षा एक से आठ तक के लगभग 1.94 लाख छात्रों के लिए 18.66 लाख किताबों की मांग की गई थी, जिसकी आपूर्ति जिला मुख्यालय को मिल चुकी है। जिला स्तरीय भंडार गृह से सभी 18 विकास खंडों और नगर क्षेत्र के संसाधन केंद्रों को किताबें भेजी जा चुकी हैं, जहां से अब प्राथमिक (1675), जूनियर (323) और कंपोजिट (300) विद्यालयों में वितरण का सिलसिला चल रहा है।
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करीब तीन माह पूर्व क्रयादेश जारी होने और समय पर आपूर्ति मिलने के बावजूद वितरण की गति धीमी है। जिला समन्वयक अविलय सिंह ने बताया कि जिन स्कूलों में पुस्तकें कम पहुंची थीं, वहां अब अतिरिक्त आपूर्ति भेजी जा रही है ताकि सभी बच्चों को जल्द किताबें मिल सकें।
पाठ्य पुस्तकें बांटी, स्कूल चलो रैली भी निकाली गई
रायबरेली। अमावां विकास क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय जेतुवा टप्पे बिझवन में सोमवार को स्कूल चलो अभियान के तहत रैली निकाली गई, जिसे खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ऋचा सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान बच्चों को पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं और अभिभावकों की उपस्थिति में मेधावी छात्रों सहित राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
बीईओ ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों का स्वरूप अब पूरी तरह बदल चुका है, इसलिए अभिभावक बच्चों को नियमित स्कूल भेजें। शिक्षक नेता वीरेंद्र सिंह ने जोर दिया कि परिषदीय स्कूलों के बच्चे निजी विद्यालयों से किसी भी स्तर पर कम नहीं हैं। कार्यक्रम का संचालन नीरज रावत ने किया। इस अवसर पर बृजेंद्र कुमार, एचसी पांडेय, मानवेंद्र सिंह, मयंक द्विवेदी, रणविजय सिंह, नरेंद्र, कुमकुम, गनेश वर्मा, सुयश और सरफराज आदि मौजूद रहे।