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Rampur News: बिलासपुर में आरक्षित वन क्षेत्र में सात पेड़ों का अवैध कटान, तीन पर रिपोर्ट
Sat, 24 Oct 2026 01:05 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Sat, 24 Oct 2026 01:05 AM IST
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बिलासपुर। आरक्षित डंडिया वन क्षेत्र में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। रवाना चौकी के पास तीन सागौन, एक शीशम और तीन गूलर के पेड़ काटने के आरोप में वन विभाग ने तीन लोगों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
डंडिया वन के रेंजर आलोक शर्मा के अनुसार, रवाना बीट के आरक्षित वन क्षेत्र में तैनात बीट प्रभारी जमील अहमद ने कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि 22 अक्तूबर की सुबह करीब दस बजे वह वन दरोगा अखिलेश चंदोला के साथ आरक्षित वन क्षेत्र डंडिया के कंपार्टमेंट संख्या-पांच में रवाना चौकी के पास गश्त कर रहे थे। इसी दौरान आरा चलने की आवाज सुनाई दी।
उस दिशा में जाने पर वन गुर्जर अकबर निवासी रवाना घासी अपने दो साथियों यामीन निवासी बिलासपुर और सेबू निवासी ग्राम टांडा के साथ सागौन के पेड़ के बोटे बनाता मिला।
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आवाज देकर रोकने की चेतावनी देने पर तीनों आरोपी पेड़ काटने वाले आरे और कुल्हाड़ी के साथ घनी झाड़ियों का लाभ उठाकर भाग गए। वन कर्मियों ने उन्हें भली प्रकार पहचान लिया। घटनास्थल की छानबीन में पाया गया कि आरोपियों ने तीन सागौन और एक शीशम का पेड़ काटा था। मौके से कुछ सागौन प्रकाष्ठ बरामद हुआ, जबकि कुछ लकड़ी आरोपी अवैध रूप से परिवहन कर ले गए थे।
तलाश के दौरान वन कर्मी आरोपी अकबर के झाले पर पहुंचे, लेकिन वह नहीं मिला। झाले के पास तीन राजकीय गूलर के पेड़ कटे पाए गए। उनकी थुनिया बनाकर जमीन में गाड़ रखी थी और कुछ लकड़ी मौके पर पड़ी थी। वन कर्मियों ने लकड़ी जब्त कर ली।
रेंजर आलोक शर्मा ने बताया कि आरक्षित वन क्षेत्र में राजकीय वृक्षों का अवैध कटान और लकड़ी का परिवहन भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 26 व 41/42 का उल्लंघन है। जब्त प्रकाष्ठ को रेंज कार्यालय डंडिया में सुरक्षित रख दिया गया है।
सीओ पीपी सिंह ने बताया कि तीन लोगों के खिलाफ चोरी से पेड़ काटने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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डंडिया वन के रेंजर आलोक शर्मा के अनुसार, रवाना बीट के आरक्षित वन क्षेत्र में तैनात बीट प्रभारी जमील अहमद ने कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि 22 अक्तूबर की सुबह करीब दस बजे वह वन दरोगा अखिलेश चंदोला के साथ आरक्षित वन क्षेत्र डंडिया के कंपार्टमेंट संख्या-पांच में रवाना चौकी के पास गश्त कर रहे थे। इसी दौरान आरा चलने की आवाज सुनाई दी।
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उस दिशा में जाने पर वन गुर्जर अकबर निवासी रवाना घासी अपने दो साथियों यामीन निवासी बिलासपुर और सेबू निवासी ग्राम टांडा के साथ सागौन के पेड़ के बोटे बनाता मिला।
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आवाज देकर रोकने की चेतावनी देने पर तीनों आरोपी पेड़ काटने वाले आरे और कुल्हाड़ी के साथ घनी झाड़ियों का लाभ उठाकर भाग गए। वन कर्मियों ने उन्हें भली प्रकार पहचान लिया। घटनास्थल की छानबीन में पाया गया कि आरोपियों ने तीन सागौन और एक शीशम का पेड़ काटा था। मौके से कुछ सागौन प्रकाष्ठ बरामद हुआ, जबकि कुछ लकड़ी आरोपी अवैध रूप से परिवहन कर ले गए थे।
तलाश के दौरान वन कर्मी आरोपी अकबर के झाले पर पहुंचे, लेकिन वह नहीं मिला। झाले के पास तीन राजकीय गूलर के पेड़ कटे पाए गए। उनकी थुनिया बनाकर जमीन में गाड़ रखी थी और कुछ लकड़ी मौके पर पड़ी थी। वन कर्मियों ने लकड़ी जब्त कर ली।
रेंजर आलोक शर्मा ने बताया कि आरक्षित वन क्षेत्र में राजकीय वृक्षों का अवैध कटान और लकड़ी का परिवहन भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 26 व 41/42 का उल्लंघन है। जब्त प्रकाष्ठ को रेंज कार्यालय डंडिया में सुरक्षित रख दिया गया है।
सीओ पीपी सिंह ने बताया कि तीन लोगों के खिलाफ चोरी से पेड़ काटने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।