{"_id":"6a04e0e2cf8adf64130104a4","slug":"rda-takes-action-against-illegal-construction-seals-building-including-sbi-branch-rampur-news-c-15-1-mbd1058-900607-2026-05-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur News: अवैध निर्माण पर आरडीए की कार्रवाई, एसबीआई शाखा सहित भवन सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur News: अवैध निर्माण पर आरडीए की कार्रवाई, एसबीआई शाखा सहित भवन सील
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
रामपुर। रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए डायमंड टॉकीज रोड स्थित स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बने एक व्यावसायिक भवन को सील कर दिया। भवन के एक फ्लोर पर संचालित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शाखा को भी सील कर दिया गया, जिससे बैंकिंग कार्य प्रभावित हुआ।
आरडीए के सचिव डॉ. नितिन मदान ने बताया कि यह कार्रवाई सैय्यद मोहम्मद असलम, सैय्यद अनस अली और सैय्यद शाह फहद द्वारा निर्मित भवन पर की गई। जांच में पाया गया कि भवन में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बेसमेंट और ऊपरी भूतल का निर्माण व्यावसायिक उपयोग के लिए किया गया था।
उन्होंने बताया कि 20 सितंबर 2019 को भी उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा-28 (क) के तहत इस निर्माण को सील किया गया था। हालांकि, भवन स्वामियों ने पिछली सील को क्षतिग्रस्त कर अवैध गतिविधियां दोबारा शुरू कर दी थीं।
भवन के एक फ्लोर को भारतीय स्टेट बैंक को किराये पर दिया गया था। इसके बाद प्राधिकरण की टीम ने सिविल लाइंस थाना पुलिस के साथ मिलकर पूरे भूखंड परिसर और उसमें संचालित गतिविधियों को सील कर दिया।
सीलिंग के बाद भवन स्वामियों और भारतीय स्टेट बैंक ने प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए हैं। भवन स्वामियों ने आंशिक रूप से अग्रिम शमन शुल्क भी जमा किया है।
0000
बैंक शाखा का नक्शा भी नहीं मिला स्वीकृत
प्राधिकरण की जांच में नवाब गेट स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के भवन का नक्शा भी स्वीकृत नहीं पाया गया। बैंक अधिकारियों ने प्राधिकरण को बताया कि नक्शा स्वीकृत कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्राधिकरण ने भवन सील करने से पहले बैंक कर्मचारियों को बाहर निकलवा दिया, जिससे बैंकिंग कार्य प्रभावित हुआ। बाद में यहां का कार्य एसबीआई की मुख्य शाखा से संचालित किया गया।
Trending Videos
आरडीए के सचिव डॉ. नितिन मदान ने बताया कि यह कार्रवाई सैय्यद मोहम्मद असलम, सैय्यद अनस अली और सैय्यद शाह फहद द्वारा निर्मित भवन पर की गई। जांच में पाया गया कि भवन में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बेसमेंट और ऊपरी भूतल का निर्माण व्यावसायिक उपयोग के लिए किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि 20 सितंबर 2019 को भी उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा-28 (क) के तहत इस निर्माण को सील किया गया था। हालांकि, भवन स्वामियों ने पिछली सील को क्षतिग्रस्त कर अवैध गतिविधियां दोबारा शुरू कर दी थीं।
भवन के एक फ्लोर को भारतीय स्टेट बैंक को किराये पर दिया गया था। इसके बाद प्राधिकरण की टीम ने सिविल लाइंस थाना पुलिस के साथ मिलकर पूरे भूखंड परिसर और उसमें संचालित गतिविधियों को सील कर दिया।
सीलिंग के बाद भवन स्वामियों और भारतीय स्टेट बैंक ने प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए हैं। भवन स्वामियों ने आंशिक रूप से अग्रिम शमन शुल्क भी जमा किया है।
0000
बैंक शाखा का नक्शा भी नहीं मिला स्वीकृत
प्राधिकरण की जांच में नवाब गेट स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के भवन का नक्शा भी स्वीकृत नहीं पाया गया। बैंक अधिकारियों ने प्राधिकरण को बताया कि नक्शा स्वीकृत कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्राधिकरण ने भवन सील करने से पहले बैंक कर्मचारियों को बाहर निकलवा दिया, जिससे बैंकिंग कार्य प्रभावित हुआ। बाद में यहां का कार्य एसबीआई की मुख्य शाखा से संचालित किया गया।