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Saharanpur News: नगर निगम परिसर से हटेगी 78 वर्ष पुरानी इमारत, बनेगी मॉडल बिल्डिंग
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 16 Jun 2026 01:21 AM IST
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सहारनपुर। नगर निगम परिसर में खड़ी 78 वर्ष पुरानी इमारत को हटाकर नगर निगम मॉडल बिल्डिंग तैयार करेगा। फिलहाल शासन से बजट की मांग की गई है।
1948 में बनी इस इमारत में ऊपर लेखा विभाग, ऑडिट विभाग चलता है। नीचे गृहकर एवं जलकर अनुभाग, स्वास्थ्य विभाग, स्टोर, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र अनुभाग आदि संचालित होते हैं। पहले ऊपर निर्माण विभाग भी चलता था, जो दूसरी इमारत में शिफ्ट किया जा चुका है। इमारत की हालत ऐसी है कि इसके मुख्य द्वार के पास अक्सर ऊपर बने शौचालय का पानी छत से पार होकर टपकता रहता है। वह कई बार नीचे से गुजरने वालों के ऊपर भी गिरता है। बरसात के दिनों में छत कई जगह से टपकती है। ऐसे में इस इमारत को ध्वस्त कर नई इमारत बनाने की कवायद करीब चार वर्ष पहले भी शुरू की गई थी, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। अब नगर निगम ने फिर से इसको हटाने का निर्णय लिया है। नगर निगम इसकी जगह आधुनिक और मॉडल बिल्डिंग बनाएगा, जो भूकंपरोधी तो होगी ही। साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी होगा।
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नगर निगम परिसर में खड़ी इमारत करीब काफी पुरानी होने के साथ ही जर्जर भी हो चुकी है। बरसात के दिनों में वह टपकती है, जिससे हमारे अधिकारियों और कर्मचारियों की जान को खतरा रहता है। इसे हटाकर मॉडल बिल्डिंग बनाने का निर्णय लिया गया है। शासन से बजट की मांग की गई है। शासन से रुपया मिलते ही काम शुरू किया जाएगा।
डॉ. अजय कुमार, महापौर।
1948 में बनी इस इमारत में ऊपर लेखा विभाग, ऑडिट विभाग चलता है। नीचे गृहकर एवं जलकर अनुभाग, स्वास्थ्य विभाग, स्टोर, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र अनुभाग आदि संचालित होते हैं। पहले ऊपर निर्माण विभाग भी चलता था, जो दूसरी इमारत में शिफ्ट किया जा चुका है। इमारत की हालत ऐसी है कि इसके मुख्य द्वार के पास अक्सर ऊपर बने शौचालय का पानी छत से पार होकर टपकता रहता है। वह कई बार नीचे से गुजरने वालों के ऊपर भी गिरता है। बरसात के दिनों में छत कई जगह से टपकती है। ऐसे में इस इमारत को ध्वस्त कर नई इमारत बनाने की कवायद करीब चार वर्ष पहले भी शुरू की गई थी, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। अब नगर निगम ने फिर से इसको हटाने का निर्णय लिया है। नगर निगम इसकी जगह आधुनिक और मॉडल बिल्डिंग बनाएगा, जो भूकंपरोधी तो होगी ही। साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी होगा।
नगर निगम परिसर में खड़ी इमारत करीब काफी पुरानी होने के साथ ही जर्जर भी हो चुकी है। बरसात के दिनों में वह टपकती है, जिससे हमारे अधिकारियों और कर्मचारियों की जान को खतरा रहता है। इसे हटाकर मॉडल बिल्डिंग बनाने का निर्णय लिया गया है। शासन से बजट की मांग की गई है। शासन से रुपया मिलते ही काम शुरू किया जाएगा।
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डॉ. अजय कुमार, महापौर।