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Saharanpur News: फन प्वाइंट से गहराया सांप्रदायिक विवाद, विवादित वीडियो की पुलिस से शिकायत

संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Wed, 17 Jun 2026 01:11 AM IST
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Communal dispute intensifies over 'Fun Point'; police complaint filed regarding controversial video.
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सहारनपुर। नागरिकों के मनोरंजन के लिए विकसित किया गया फन प्वाइंट सांप्रदायिक विवाद की जड़ बन गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें कुछ लोग मुस्लिम समाज के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। मामले को लेकर मुस्लिम पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधिकारियों से मिला। उन्होंने आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की।

वार्ड 31 के पार्षद समीर अहमद की ओर से एसएसपी और एसपी सिटी को शिकायती पत्र दिया गया है। उनके साथ वरिष्ठ पार्षद मंसूर बदर भी रहे। उन्होंने पुलिस को बताया कि गोगा म्हाड़ी स्थल पर स्मार्ट सिटी योजना के तहत करीब दस करोड़ रुपये की लागत से सरोवर तैयार किया गया है। कुछ दिन पहले नगर निगम के जलकल अनुभाग द्वारा इसे फन प्वाइंट के रूप में विकसित करने के लिए टेंडर निकाला था।
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परिसर को फन प्वाइंट के रूप में विकसित करने के लिए झूले, नौकर, बच्चों के लिए छोटी ट्रेन आदि लगाए गए हैं। इसमें सभी मजहब के बच्चे और परिवार जा रहे हैं। आरोप है कि मुस्लिमों के फन प्वाइंट स्थल पर जाने के विरोध में कथित तौर पर हिंदू संगठन के लोग उनके प्रति अभद्र और अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका है। उन्होंने वीडियो के आधार पर माहौल बिगाड़ने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई करने की मांग पुलिस से की है। पुलिस लाइन पहुंचने वालों में सईद सिद्दीकी, रईस पप्पू, महमूद हसन, आसिफ अंसारी, जफर अंसारी, इजहार मंसूरी, डॉ. मंसूर, गुलजेब खान आदि रहे।
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इस बात को लेकर है आपत्ति
हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों का तर्क है कि गोगा जी की म्हाड़ी उनकी आस्था से जुड़ी हैं, लेकिन दूसरे संप्रदाय के लोग जूते और चप्पल लेकर उस क्षेत्र से गुजर रहे हैं, जिससे हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंच रही है।
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दूसरा रास्ता निकालें, विवाद न पैदा करें
पार्षद मंसूर बदर का कहना मेला गुघाल हमेशा से हिंदू और मुस्लिम एकता का प्रतीक रहा है। मेले का जितना इंतजार हिंदुओं और अन्य संप्रदाय के लोगों को रहता है उतना ही मुस्लिमों को भी रहता है। यही साझी संस्कृति का प्रतीक है। सभी इसे मिलकर आयोजित कराते हैं। यदि मुस्लिमों के म्हाड़ी स्थल पर जाने से आपत्ति है तो नया रास्ता बनाया जाए, लेकिन समाज को बांटने वाली बात न हो।
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