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Saharanpur News: हर घर है नल...पर जल का कोई पता नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 29 Jan 2026 12:32 AM IST
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सहारनपुर। सहारनपुर। हर घर नल...पर नल में पानी नहीं। कुछ ऐसा ही हाल है हर घर नल-हर घर जल योजना का। इसमें करोड़ों रुपये तो खर्च हुए, लेकिन पानी की एक बूंद तक नहीं नसीब हुई। ठेकेदार काम बीच में ही छोड़कर चले गए तो कहीं वाटर टैंक अधूरे पड़े हैं। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि इन गांवों में पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़कें खोदकर छोड़ दी है। ग्रामीणों को न पानी मिला और रास्ते भी बदहाल हो गए।
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3.29 करोड़ खर्च, टंकी भी अधूरी, तीन साल में भी नहीं मिला पानी
बड़गांव ग्राम पंचायत में मार्च 2023 में तीन करोड़ 29 लाख रुपये की लागत से परियोजना का निर्माण शुरू किया गया था, जो अभी तक पूरा नहीं हो सका है। आधे गांव में अभी तक पाइप लाइन भी नहीं बिछी है। एक साल से काम बंद पड़ा है। नलकूप का ट्रायल भी कर दिया है, लेकिन पानी की बूंद एक भी घर में नहीं आ सकी है। यही स्थिति क्षेत्र के अन्य गांवों दल्हेड़ी, चंदपुर, खुदाबक्शपुर, कातला, शिमलाना, उमरी मजबता, बडूली नयागांव में बनी है।
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सोलर सिस्टम के अभाव में चालू नहीं हो सकी योजना
दिनारपुर ग्राम पंचायत में आठ अगस्त 2023 को पेयजल परियोजना का काम शुरू किया गया था। ढाई करोड़ रुपये की लागत से यहां वाटर टैंक का निर्माण करा दिया गया है। डेढ़ साल से टंकी बनकर तैयार खड़ी है। नलकूप का ट्रायल हो चुका है, लेकिन इसे चलाने के लिए सोलर ऊर्जा प्लांट नहीं लग सका है। ऐसे में टंकी केवल शोपीस बनी है।
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तीन साल में बदल गए 15 से 20 ठेकेदार
छुटमलपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत दतौली मुगल में वर्ष 2023 में टंकी निर्माण शुरू हुआ था। अभी टैंक पर पाइप लगाने का काम चल रहा है। खडंजे सीसी उखड़े पड़े हैं। इन पर नालियों का पानी भरा रहता है। गांव बेहड़ा कलां में करीब ढाई करोड़ से परियोजना पर काम चल रहा है। एक चौथाई गांव में अभी पाइप लाइन भी नहीं बिछ सकी है। प्रधान मांगेराम बताते हैं कि तीन साल में 15 से 20 ठेकेदार बदले जा चुके हैं।
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बाल्लू में दो साल से बंद पड़ा है काम
तीतरों के गांव बाल्लू में वर्ष 2022 में पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन टैंक आज तक नहीं बन सका है। दो साल से कार्य बंद पड़ा है। यहां निर्माण कंपनी काम बीच में छोड़कर चली गई।
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ऐसा है प्रधानों का दर्द :
- बड़गांव के प्रधान शिवकुमार सिंह ने बताया जल निगम के अधिकारियों ने योजना अधर में छोड़ दी है। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
- दिनारपुर के प्रधान दीपक कुमार ने बताया कि पेयजल आपूर्ति चालू कराने के लिए डीएम और मंडलायुक्त तक को अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा।
- गांव सुभरी मेहराब के प्रधान लक्ष्मी चंद ने बताया कि उनके गांव की सड़कें जल निगम ने तोड़कर छोड़ दी है। उनकी शिकायत पर जल निगम के एई ने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई है। बावजूद इसके न तो सड़कें ठीक हुई हैं और न ही ग्रामीणों का पेयजल मिल सका है।
- ग्राम बाल्लू के प्रधान राजेश सैनी ने बताया कि पाइपलाइन की ट्राई व टैंक निर्माण के लिए वह अपने स्तर पर सभी प्रयास करके थक चुके हैं।
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एक-दो ठेकेदारों पर एफआईआर कराई गई है। इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं, जहां पर ठेकेदारों की लापरवाही सामने आ रही है उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- डाॅ. रूपेश कुमार, मंडलायुक्त
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3.29 करोड़ खर्च, टंकी भी अधूरी, तीन साल में भी नहीं मिला पानी
बड़गांव ग्राम पंचायत में मार्च 2023 में तीन करोड़ 29 लाख रुपये की लागत से परियोजना का निर्माण शुरू किया गया था, जो अभी तक पूरा नहीं हो सका है। आधे गांव में अभी तक पाइप लाइन भी नहीं बिछी है। एक साल से काम बंद पड़ा है। नलकूप का ट्रायल भी कर दिया है, लेकिन पानी की बूंद एक भी घर में नहीं आ सकी है। यही स्थिति क्षेत्र के अन्य गांवों दल्हेड़ी, चंदपुर, खुदाबक्शपुर, कातला, शिमलाना, उमरी मजबता, बडूली नयागांव में बनी है।
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सोलर सिस्टम के अभाव में चालू नहीं हो सकी योजना
दिनारपुर ग्राम पंचायत में आठ अगस्त 2023 को पेयजल परियोजना का काम शुरू किया गया था। ढाई करोड़ रुपये की लागत से यहां वाटर टैंक का निर्माण करा दिया गया है। डेढ़ साल से टंकी बनकर तैयार खड़ी है। नलकूप का ट्रायल हो चुका है, लेकिन इसे चलाने के लिए सोलर ऊर्जा प्लांट नहीं लग सका है। ऐसे में टंकी केवल शोपीस बनी है।
तीन साल में बदल गए 15 से 20 ठेकेदार
छुटमलपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत दतौली मुगल में वर्ष 2023 में टंकी निर्माण शुरू हुआ था। अभी टैंक पर पाइप लगाने का काम चल रहा है। खडंजे सीसी उखड़े पड़े हैं। इन पर नालियों का पानी भरा रहता है। गांव बेहड़ा कलां में करीब ढाई करोड़ से परियोजना पर काम चल रहा है। एक चौथाई गांव में अभी पाइप लाइन भी नहीं बिछ सकी है। प्रधान मांगेराम बताते हैं कि तीन साल में 15 से 20 ठेकेदार बदले जा चुके हैं।
बाल्लू में दो साल से बंद पड़ा है काम
तीतरों के गांव बाल्लू में वर्ष 2022 में पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन टैंक आज तक नहीं बन सका है। दो साल से कार्य बंद पड़ा है। यहां निर्माण कंपनी काम बीच में छोड़कर चली गई।
ऐसा है प्रधानों का दर्द :
- बड़गांव के प्रधान शिवकुमार सिंह ने बताया जल निगम के अधिकारियों ने योजना अधर में छोड़ दी है। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
- दिनारपुर के प्रधान दीपक कुमार ने बताया कि पेयजल आपूर्ति चालू कराने के लिए डीएम और मंडलायुक्त तक को अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा।
- गांव सुभरी मेहराब के प्रधान लक्ष्मी चंद ने बताया कि उनके गांव की सड़कें जल निगम ने तोड़कर छोड़ दी है। उनकी शिकायत पर जल निगम के एई ने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई है। बावजूद इसके न तो सड़कें ठीक हुई हैं और न ही ग्रामीणों का पेयजल मिल सका है।
- ग्राम बाल्लू के प्रधान राजेश सैनी ने बताया कि पाइपलाइन की ट्राई व टैंक निर्माण के लिए वह अपने स्तर पर सभी प्रयास करके थक चुके हैं।
एक-दो ठेकेदारों पर एफआईआर कराई गई है। इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं, जहां पर ठेकेदारों की लापरवाही सामने आ रही है उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- डाॅ. रूपेश कुमार, मंडलायुक्त
