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Saharanpur News: पेपरलेस ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया लागू करने के फैसले पर भड़के अधिवक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 18 Jun 2026 01:06 AM IST
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देवबंद। सरकार द्वारा प्रदेश के रजिस्ट्री कार्यालयों में पेपरलेस ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया लागू करने के फैसले पर अधिवक्ताओं ने ऐतराज जताया है। इसके विरोध में बुधवार को अधिवक्ताओं ने हड़ताल पर रहकर 20 जून तक उप निबंधक कार्यालय में कोई कार्य नहीं करने का फैसला किया है।
कचहरी परिसर स्थित बार रूम में सिविल बार एसोसिएशन की बैठक का आयोजन हुआ। इसमें अध्यक्ष ठाकुर वीरेंद्रपाल सिंह ने कहा कि संज्ञान में आया है कि रजिस्ट्री कार्यालयों में बैनामों आदि की रजिस्ट्री कराने के लिए पेपरलेस ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, जो जनता के हित में नहीं है। क्योंकि वर्तमान में बैनामा कराने की प्रक्रिया में स्टांप वेंडर, टाइपिस्ट और वकीलों को रोजगार मिल रहा है। परंतु पेपरलेस ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया में इन सब लोगों का रोजगार छिन जाएगा।
बैठक उपरांत अधिवक्ताओं ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। जिसमें रजिस्ट्री कार्यालयों में पेपरलेस ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया को जनविरोधी बताते हुए फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की गई। इस मौके पर महासचिव राकेश कुमार आर्य, राम प्रताप सिंह, सुरेंद्रपाल सिंह, रिजवान कासमी, हर्षित गुप्ता, रामपाल चौधरी, विकास राणा, शंभू सैनी व नरपत सिंह आदि मौजूद रहे।
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कचहरी परिसर स्थित बार रूम में सिविल बार एसोसिएशन की बैठक का आयोजन हुआ। इसमें अध्यक्ष ठाकुर वीरेंद्रपाल सिंह ने कहा कि संज्ञान में आया है कि रजिस्ट्री कार्यालयों में बैनामों आदि की रजिस्ट्री कराने के लिए पेपरलेस ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, जो जनता के हित में नहीं है। क्योंकि वर्तमान में बैनामा कराने की प्रक्रिया में स्टांप वेंडर, टाइपिस्ट और वकीलों को रोजगार मिल रहा है। परंतु पेपरलेस ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया में इन सब लोगों का रोजगार छिन जाएगा।
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बैठक उपरांत अधिवक्ताओं ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। जिसमें रजिस्ट्री कार्यालयों में पेपरलेस ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया को जनविरोधी बताते हुए फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की गई। इस मौके पर महासचिव राकेश कुमार आर्य, राम प्रताप सिंह, सुरेंद्रपाल सिंह, रिजवान कासमी, हर्षित गुप्ता, रामपाल चौधरी, विकास राणा, शंभू सैनी व नरपत सिंह आदि मौजूद रहे।