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UP: रास्ते पर भरा पानी, बाइक से ले जाना पड़ा नवजात का शव, महिला के जनाजे को बदला रास्ता, व्यवस्था पर सवाल

Tue, 18 Aug 2026 01:10 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 18 Aug 2026 01:10 PM IST
सार

सहारनपुर के नया कुंडा बसी गांव में जलभराव के कारण नवजात बच्ची का शव बाइक से कब्रिस्तान ले जाना पड़ा, जबकि महिला के जनाजे को दूसरे रास्ते से ले जाना पड़ा। ग्रामीणों में आक्रोश है।

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Waterlogged Roads Force Bizarre Funeral Arrangements in Saharanpur Village, Infant’s Body Carried on Bike
नवजात के शव को बाइक से कब्रिस्तान ले जाते परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सहारनपुर के गंगोह विकासखंड के नया कुंडा बसी गांव में जलभराव ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव की गलियों में इतना पानी भरा है कि लोगों को रोजमर्रा के आवागमन के लिए भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।

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हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नवजात बच्ची की मौत के बाद उसके शव को बाइक पर रखकर कब्रिस्तान तक ले जाना पड़ा। अगले दिन एक महिला की मौत के बाद मुख्य रास्ते पर पानी भरा होने के कारण उसके जनाजे को भी दूसरे रास्ते से ले जाना पड़ा। इस स्थिति को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।

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नवजात बच्ची का शव बाइक से ले जाना पड़ा
गांव निवासी नदीम की चार दिन की बेटी की रविवार को मौत हो गई थी। गांव की गली में पानी भरा होने के कारण जनाजा ले जाना संभव नहीं था। मजबूरी में बच्ची के शव को बाइक पर रखकर कब्रिस्तान तक ले जाया गया। इस घटना ने गांव की बदहाल व्यवस्था की तस्वीर सामने रख दी।

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महिला के जनाजे के लिए भी बदलना पड़ा रास्ता
सोमवार को गांव निवासी पोल्ला की पत्नी की मौत हो गई। मुख्य रास्ते पर पानी भरा होने के कारण ग्रामीण जनाजा लेकर सीधे कब्रिस्तान नहीं जा सके। उन्हें दूसरे रास्ते से होकर कब्रिस्तान जाना पड़ा। लगातार दो दिनों में अंतिम संस्कार से जुड़ी ऐसी स्थिति सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है।

गलियों में तालाब का पानी भी भर रहा
ग्रामीणों के अनुसार, गांव की कई गलियों में घरों से निकलने वाले गंदे पानी के साथ तालाब का पानी भी भर रहा है। जल निकासी के लिए एक पाइप लाइन बिछाकर मोटर की मदद से पानी निकाला जाता है, लेकिन फिलहाल मोटर बंद पड़ी है। ऐसे में गलियों से पानी निकालने की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों को मजबूरी में गंदे पानी से होकर आना-जाना पड़ रहा है।

मस्जिद तक पहुंचने का रास्ता भी पानी में डूबा
सादिक राव, आमिर, शहजाद, तैमूर, आदिल, आलीम और इस्तखार समेत ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि प्रशासनिक उपेक्षा के कारण लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। मस्जिद में नमाज पढ़ने जाने के लिए भी साफ रास्ता नहीं बचा है। ग्रामीणों ने गांव में संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका भी जताई है।

मोटर का तार चोरी, अब फिर कराई जाएगी जल निकासी
खंड विकास अधिकारी परवेज आलम ने बताया कि जल निकासी के लिए लगाई गई मोटर का तार चोरी हो गया था। दोबारा तार मंगाकर जल निकासी की व्यवस्था कराई जाएगी। अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों को जलभराव की समस्या से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।

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