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Sant Kabir Nagar: ब्रिटिश मौलाना के मदरसा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैनात
अमर उजाला नेटवर्क, संत कबीर नगर
Published by: Digvijay Singh
Updated Sun, 26 Apr 2026 01:00 PM IST
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सार
संतकबीरनगर में खलीलाबाद शहर के मोती नगर स्थित ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के मदरसे के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रविवार को शुरू हो गई।
ब्रिटिश मौलाना के मदरसा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
संतकबीरनगर में खलीलाबाद शहर के मोती नगर स्थित ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के मदरसे के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रविवार को शुरू हो गई। मदरसे को ध्वस्त करने के लिए प्रशासन ने चार जेसीबी मंगाई हैं। मौके पर प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस तैनात है।
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इससे पहले मदरसा ध्वस्तीकरण के एसडीएम और डीएम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध मदरसा प्रबंधन ने बस्ती मंडल के आयुक्त कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया था। साथ ही मदरसा ध्वस्तीकरण के एसडीएम और डीएम कोर्ट के पूर्व के आदेश को बरकरार रखा। यह मामला मोतीनगर स्थित जमीन के गाटा संख्या 154 की 640 वर्गमीटर भूमि पर मदरसा निर्माण से जुड़ा है। सोसाइटी की ओर से वर्ष 2018 में भवन मानचित्र स्वीकृति के लिए आवेदन किया गया था। आरोप था कि नियत प्राधिकारी द्वारा समय पर कोई निर्णय न देने के बावजूद निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया, जिसे बाद में अवैध बताते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया गया।
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सोसाइटी ने इस आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि मानचित्र नियमों के तहत स्वतः स्वीकृत माना जाना चाहिए था और संबंधित अधिकारियों ने बिना पूरी सुनवाई के कार्रवाई की। वहीं सरकारी पक्ष की ओर से दलील दी गई कि विवादित भूमि पहले ही राजस्व संहिता के तहत राज्य सरकार में निहित हो चुकी है। ऐसे में मानचित्र स्वीकृति का आवेदन निरस्त करना पूरी तरह उचित है। आयुक्त ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद पाया कि नियत प्राधिकारी, एसडीएम और जिलाधिकारी द्वारा पारित आदेशों में कोई कानूनी या क्षेत्राधिकार संबंधी त्रुटि नहीं है। आयुक्त ने निगरानी को “बलहीन” मानते हुए प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज कर दिया। पूर्व में दिए गए 13 जनवरी 2026 व 23 फरवरी 2026 के आदेशों को बरकरार रखा। इसके बाद रविवार को प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।
