{"_id":"69b05979b3effeb4a404bff7","slug":"destitute-couple-gets-relief-gets-bail-through-free-advocacy-khalilabad-news-c-209-1-kld1025-147222-2026-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: बेसहारा दंपती को मिली राहत, निःशुल्क पैरवी से हुई जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: बेसहारा दंपती को मिली राहत, निःशुल्क पैरवी से हुई जमानत
विज्ञापन
विज्ञापन
संतकबीरनगर। जनपद में गठित लीगल एड डिफेंस काउंसिल की टीम निर्धन व बेसहारा लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। जिला कारागार में निरुद्ध ऐसे बंदी जिनका कोई पुरसाहाल नहीं है, उन लोगों की पैरवी टीम के सदस्यों द्वारा निःशुल्क व प्रभावी तरीके से करते हुए उनके चेहरे पर मुस्कान बिखरने का कार्य किया जा रहा है।
सिस्टम के प्रयास से बच्चा चोरी के एक मामले में एक माह से जिला कारागार में निरुद्ध अति निर्धन व बेसहारा दंपती की जमानत जनपद न्यायाधीश के कोर्ट से मंजूर हो चुकी है। मामले में कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी।
लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अंजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चा चोरी के मामले में आरोपी छपरा बिहार वर्तमान पता विधियानी खलीलाबाद निवासी राजेश यादव की पत्नी संगीता के अनुसार वह गोरखल निवासिनी मोहिनी जायसवाल के घर नौकरानी थी। मालकिन मोहिनी जायसवाल के एक रिश्तेदार सत्यप्रकाश जायसवाल की शादी 10-12 वर्ष पहले हुई थी। उनके कोई बच्चा नहीं हो रहा था। वह नौकरानी से नवजात शिशु दिलाने की बात कह रही थीं।
इसी बीच किसी बच्चे को गोद लेने की बात कहीं चल रही थी कि बेलहर कला थानाक्षेत्र में आठ फरवरी को बच्चा चोरी करने का एक मामला अज्ञात पुरुष व अज्ञात महिला के खिलाफ दर्ज हुआ। मामले में मोहिनी जायसवाल व उनके पति चंदन जायसवाल तथा उनके रिश्तेदार सत्यप्रकाश तथा राजेश यादव व उनकी पत्नी संगीता समेत कुल सात आरोपियों की 10 फरवरी को गिरफ्तारी हुई।
पुलिस द्वारा निर्धन व बेसहारा दंपती को मुख्य रूप से आरोपी बनाया गया। जिला कारागार में निरुद्ध राजेश यादव व उनकी पत्नी संगीता को छोड़कर सबकी तरफ से जमानत से संबंधित मामले की पैरवी चल रही थी। इसी बीच जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व न्यायिक अधिकारी सुनील कुमार सिंह के निर्देशन में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम की टीम जिला कारागार पहुंची। उनकी समस्या सुनकर जेल अधीक्षक के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होते ही दोनों की तरफ से निःशुल्क व प्रभावी पैरवी चीफ अंजय कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल संजीव कुमार पांडेय ने शुरु कर दी।
जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह ने अभियोजन व बचाव पक्ष के दलीले सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के उपरांत सभी सात आरोपियों की जमानत अर्जी स्वीकार कर जमानत दे दी।
Trending Videos
सिस्टम के प्रयास से बच्चा चोरी के एक मामले में एक माह से जिला कारागार में निरुद्ध अति निर्धन व बेसहारा दंपती की जमानत जनपद न्यायाधीश के कोर्ट से मंजूर हो चुकी है। मामले में कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अंजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चा चोरी के मामले में आरोपी छपरा बिहार वर्तमान पता विधियानी खलीलाबाद निवासी राजेश यादव की पत्नी संगीता के अनुसार वह गोरखल निवासिनी मोहिनी जायसवाल के घर नौकरानी थी। मालकिन मोहिनी जायसवाल के एक रिश्तेदार सत्यप्रकाश जायसवाल की शादी 10-12 वर्ष पहले हुई थी। उनके कोई बच्चा नहीं हो रहा था। वह नौकरानी से नवजात शिशु दिलाने की बात कह रही थीं।
इसी बीच किसी बच्चे को गोद लेने की बात कहीं चल रही थी कि बेलहर कला थानाक्षेत्र में आठ फरवरी को बच्चा चोरी करने का एक मामला अज्ञात पुरुष व अज्ञात महिला के खिलाफ दर्ज हुआ। मामले में मोहिनी जायसवाल व उनके पति चंदन जायसवाल तथा उनके रिश्तेदार सत्यप्रकाश तथा राजेश यादव व उनकी पत्नी संगीता समेत कुल सात आरोपियों की 10 फरवरी को गिरफ्तारी हुई।
पुलिस द्वारा निर्धन व बेसहारा दंपती को मुख्य रूप से आरोपी बनाया गया। जिला कारागार में निरुद्ध राजेश यादव व उनकी पत्नी संगीता को छोड़कर सबकी तरफ से जमानत से संबंधित मामले की पैरवी चल रही थी। इसी बीच जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व न्यायिक अधिकारी सुनील कुमार सिंह के निर्देशन में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम की टीम जिला कारागार पहुंची। उनकी समस्या सुनकर जेल अधीक्षक के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होते ही दोनों की तरफ से निःशुल्क व प्रभावी पैरवी चीफ अंजय कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल संजीव कुमार पांडेय ने शुरु कर दी।
जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह ने अभियोजन व बचाव पक्ष के दलीले सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के उपरांत सभी सात आरोपियों की जमानत अर्जी स्वीकार कर जमानत दे दी।