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Sant Kabir Nagar News: धनंजय के गुनाहों की सजा भुगतेंगे उसके मां-बाप
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संतकबीरनगर। शेयर बाजार में निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में मुख्य आरोपी धनंजय और उसके साथियों के जेल जाने के बाद अब उसके मां-बाप भी कानूनी शिकंजे में फंस गए हैं। कुशीनगर छोड़ने के बाद पीड़ितों ने प्राथमिकी में धनंजय के मां-बाप को भी मामले में आरोपी बनाया है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद अब आरोपियों की संपत्तियों को जब्त करने की तैयारी चल रही है। धनंजय के सहयोगी विक्रांत के संपत्ति जब्ती के मामले में सोमवार को न्यायालय में सुनवाई होनी है।
धनंजय और उसके साथियों पर आरोप है कि उन्होंने शेयर बाजार में निवेश कर कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर सैकड़ों लोगों से रकम जमा कराई। शुरुआत में कुछ लोगों को लाभ का भरोसा दिलाया गया लेकिन बाद में रकम लौटाने में आनाकानी शुरू कर दी गई। पीड़ितों ने जब अपनी रकम वापस मांगी तो मामला ठगी का सामने आया। पुलिस जांच में लगभग 30 करोड़ रुपये के ठगी का मामला सामने आया है।
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मामले की जांच में पुलिस ने धनंजय समेत पांच साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अब आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों और संपत्तियों की भी जांच कर रही है। इसी क्रम में धनंजय व उसकी प्रेमिका के ठगी से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जबकि सहयोगी विक्रांत के संपत्ति जब्तीकरण का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। धनंजय शुक्ला कुशीनगर के हाटा थाना क्षेत्र स्थित मुंडेरा उपाध्याय गांव का रहने वाला है। संवाद
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कुशीनगर से हो गया था फरार
नौकरी के नाम पर कई लोगों से कुशीनगर जनपद में रुपये ठगने और प्राथमिकी दर्ज होने के बाद धनंजय वहां से फरार हो गया था। सूत्रों के अनुसार इसके बाद से उसका अपने परिजन से कोई संपर्क नहीं रहा। गोरखपुर जनपद के सहजनवां में वापस आने के बाद उसने ठगी का नया रास्ता अपनाया। इसमें उसकी प्रेमिका रजनी ने भरपूर साथ दिया जबकि सूत्रों का दावा है कि धनंजय का अपने माता-पिता से कोई संपर्क नहीं था। इसके बाद भी महुली थाने में दर्ज प्राथमिकी में उन्हें नामजद कर दिया गया। यही नहीं प्राथमिकी में नामजद कई आरोपी भी धनंजय के शिकार बने हैं। उसकी संख्या कितनी है, पुलिस विवेचना के बाद ही सामने आएगा।
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अब तक 100 पीड़ित आ चुके हैं सामने
पुलिस के अनुसार अब तक पुलिस के पास लगभग 100 पीड़ित सामने आ चुके हैं, जिनको धनंजय और रजनी प्रजापति ने शिकार बनाया है। पुलिस की मानें तो धनंजय, रजनी व संजय दास के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है जबकि विवेचना के दौरान प्रकाश में आए विक्रांत समेत अन्य चार आरोपियों की विवेचना चल रही है। इनमें से विक्रांत की लगभग 4 करोड़ की संपत्ति सामने आई है। विक्रांत ने उसी खाते से अपने व अपनी पत्नी के नाम से भी अचल संपत्ति बनाई है। इसकी कुर्की की प्रकिया न्यायालय में चल रही है।
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तीन आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया गया है। पुलिस की विवेचना चल रही है। जांच के दौरान जो तथ्य प्रकाश में आएंगे, उसे विवेचना में शामिल किया जाएगा।
-अभयनाथ मिश्रा, सीओ, धनघटा
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पुलिस की कार्रवाई के बाद अब आरोपियों की संपत्तियों को जब्त करने की तैयारी चल रही है। धनंजय के सहयोगी विक्रांत के संपत्ति जब्ती के मामले में सोमवार को न्यायालय में सुनवाई होनी है।
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धनंजय और उसके साथियों पर आरोप है कि उन्होंने शेयर बाजार में निवेश कर कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर सैकड़ों लोगों से रकम जमा कराई। शुरुआत में कुछ लोगों को लाभ का भरोसा दिलाया गया लेकिन बाद में रकम लौटाने में आनाकानी शुरू कर दी गई। पीड़ितों ने जब अपनी रकम वापस मांगी तो मामला ठगी का सामने आया। पुलिस जांच में लगभग 30 करोड़ रुपये के ठगी का मामला सामने आया है।
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मामले की जांच में पुलिस ने धनंजय समेत पांच साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अब आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों और संपत्तियों की भी जांच कर रही है। इसी क्रम में धनंजय व उसकी प्रेमिका के ठगी से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जबकि सहयोगी विक्रांत के संपत्ति जब्तीकरण का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। धनंजय शुक्ला कुशीनगर के हाटा थाना क्षेत्र स्थित मुंडेरा उपाध्याय गांव का रहने वाला है। संवाद
कुशीनगर से हो गया था फरार
नौकरी के नाम पर कई लोगों से कुशीनगर जनपद में रुपये ठगने और प्राथमिकी दर्ज होने के बाद धनंजय वहां से फरार हो गया था। सूत्रों के अनुसार इसके बाद से उसका अपने परिजन से कोई संपर्क नहीं रहा। गोरखपुर जनपद के सहजनवां में वापस आने के बाद उसने ठगी का नया रास्ता अपनाया। इसमें उसकी प्रेमिका रजनी ने भरपूर साथ दिया जबकि सूत्रों का दावा है कि धनंजय का अपने माता-पिता से कोई संपर्क नहीं था। इसके बाद भी महुली थाने में दर्ज प्राथमिकी में उन्हें नामजद कर दिया गया। यही नहीं प्राथमिकी में नामजद कई आरोपी भी धनंजय के शिकार बने हैं। उसकी संख्या कितनी है, पुलिस विवेचना के बाद ही सामने आएगा।
अब तक 100 पीड़ित आ चुके हैं सामने
पुलिस के अनुसार अब तक पुलिस के पास लगभग 100 पीड़ित सामने आ चुके हैं, जिनको धनंजय और रजनी प्रजापति ने शिकार बनाया है। पुलिस की मानें तो धनंजय, रजनी व संजय दास के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है जबकि विवेचना के दौरान प्रकाश में आए विक्रांत समेत अन्य चार आरोपियों की विवेचना चल रही है। इनमें से विक्रांत की लगभग 4 करोड़ की संपत्ति सामने आई है। विक्रांत ने उसी खाते से अपने व अपनी पत्नी के नाम से भी अचल संपत्ति बनाई है। इसकी कुर्की की प्रकिया न्यायालय में चल रही है।
तीन आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया गया है। पुलिस की विवेचना चल रही है। जांच के दौरान जो तथ्य प्रकाश में आएंगे, उसे विवेचना में शामिल किया जाएगा।
-अभयनाथ मिश्रा, सीओ, धनघटा