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Sant Kabir Nagar News: गैर इरादातन हत्या का प्रयास करने के आरोपी पिता-पुत्र 10 वर्ष बाद दोषमुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 19 Jun 2026 12:42 AM IST
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संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम गजेंद्र की अदालत ने वादी मुकदमा के घर पर चढ़ कर अपशब्द कहते हुए धारदार हथियार से मारने-पीटने जान से मारने की धमकी देने व गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास करने के मामले में आरोपी पिता-पुत्र दुक्खी व राम आशीष को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया।
थाना धनघटा अंतर्गत ग्राम पड़रिया निवासी हंसराज पुत्र स्वर्गीय रामबली ने थानाध्यक्ष धनघटा को प्रार्थनापत्र दिया था कि 16 सितंबर 2015 को रात्रि 9:00 बजे वह तथा उसका लड़का राम सजीवन व बहू रेखा अपने घर पर मौजूद थे। पुरानी रंजिश में उसके ही गांव के दुक्खी पुत्र जगदेव और राम दरस पुत्र दुखी और राम आशीष पुत्र दुखी लाठी डंडा धारदार हथियार लेकर उसके दरवाजे पर चढ़ आए और अपशब्द कहने लगे। मना करने पर तीनों लोगों ने मुझे, मेरे बहू को बुरी तरह से मारने लगे।
उसकी बहू घायल होकर बेहोश हो गई। उसके बाद एंबुलेंस से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैंसर बाजार ले जाया गया। जहां उसका इलाज हुआ। विवेचक ने विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। दौरान विचारण एक आरोपी राम दरस की मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष ने पांच गवाह तथा अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम गजेंद्र की अदालत ने पक्षों की दलील सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर मामले को साबित नहीं पाए जाने पर थाना धनघटा अंतर्गत ग्राम पड़रिया निवासी दुक्खी व राम आशीष को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
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थाना धनघटा अंतर्गत ग्राम पड़रिया निवासी हंसराज पुत्र स्वर्गीय रामबली ने थानाध्यक्ष धनघटा को प्रार्थनापत्र दिया था कि 16 सितंबर 2015 को रात्रि 9:00 बजे वह तथा उसका लड़का राम सजीवन व बहू रेखा अपने घर पर मौजूद थे। पुरानी रंजिश में उसके ही गांव के दुक्खी पुत्र जगदेव और राम दरस पुत्र दुखी और राम आशीष पुत्र दुखी लाठी डंडा धारदार हथियार लेकर उसके दरवाजे पर चढ़ आए और अपशब्द कहने लगे। मना करने पर तीनों लोगों ने मुझे, मेरे बहू को बुरी तरह से मारने लगे।
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उसकी बहू घायल होकर बेहोश हो गई। उसके बाद एंबुलेंस से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैंसर बाजार ले जाया गया। जहां उसका इलाज हुआ। विवेचक ने विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। दौरान विचारण एक आरोपी राम दरस की मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष ने पांच गवाह तथा अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम गजेंद्र की अदालत ने पक्षों की दलील सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर मामले को साबित नहीं पाए जाने पर थाना धनघटा अंतर्गत ग्राम पड़रिया निवासी दुक्खी व राम आशीष को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।