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Sant Kabir Nagar News: स्कूलों में पहले दिन कम पहुंचे बच्चे
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प्राथमिक विद्यालय ढोढ़ई में तिलक लगाकर स्वागत करते शिक्षक। संवाद
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संतकबीरनगर/मेंहदावल। ग्रीष्म अवकाश के बाद जिले में मंगलवार से परिषदीय विद्यालय फिर खुल गए। कई जगहों पर विद्यालयों में बच्चों का स्वागत हुआ, लेकिन उपस्थिति कम रही।
मेंहदावल क्षेत्र में पहले दिन कई स्कूलों में बच्चे नहीं पहुंचे। अध्यापक विद्यालय में समय से पहुंच गए। विद्यालय की साफ-सफाई के बाद बैठ कर बच्चों का इंतजार करते रहे। कुछ अध्यापकों ने फोन के जरिये अभिभावकों से संपर्क किया तो पता चला कि बच्चे बाहर हैं। वहीं कुछ अभिभावकों ने तेज गर्मी में विद्यालय खोलने पर भी आपत्ति जताई। कुछ अध्यापक जनगणना के काम में भी लगे हैं। वह अलग परेशान दिखे।
उच्च प्राथमिक विद्यालय अछिया में केवल छह बच्चे आए थे, जिसमें दो बच्चे कुछ देर बाद घर चले गए, जबकि उच्च प्राथमिक नंदौर में 8 बच्चे उपस्थित रहे। लोहरौली संवाद के अनुसार विकास खण्ड बेलहर कला के अन्तर्गत कंपोजिट विद्यालय रसूलपुर पर भी बच्चे नहीं आए थे।
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प्रधानाध्यापक अंकित ने बताया कि विद्यालय का पहला दिन था, इसलिए बच्चे नहीं आए थे, लेकिन बच्चों के परिवार से संपर्क कर बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करेंगे।
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विद्यालय खुले, बच्चों की उपस्थिति रही कम, नहीं बना एमडीएम
लोहरैया। अधिकतर विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति बेहद कम रही। कई विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) का चूल्हा भी ठंडा रहा। प्राथमिक विद्यालय संठी में कुल 14 बच्चे उपस्थित रहे। विद्यालय पहुंचने पर शिक्षकों ने बच्चों का चंदन लगाकर स्वागत किया। 14 बच्चों के लिए एमडीएम भी तैयार किया गया था। विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामचंद्र सिंह ने बताया कि विद्यालय में कुल 78 बच्चे नामांकित हैं। विद्यालय के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्राथमिक विद्यालय मरवटिया में मात्र सात बच्चे उपस्थित मिले। सहायक अध्यापक जितेंद्र कुमार अनुपस्थित रहे। जबकि प्रधानाध्यापक रविंद्र कुमार बच्चों को पढ़ाते मिले। यहां एमडीएम नहीं बना था। प्रधानाध्यापक ने बताया कि रसोइया रसोई घर की साफ-सफाई में लगी होने के कारण भोजन नहीं बन सका और बच्चों को बिस्किट वितरित किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय पर सफाईकर्मी नियमित रूप से नहीं आते हैं।
कंपोजिट प्राथमिक विद्यालय औराडाड़ में भी कुछ ही बच्चे उपस्थित रहे। यहां भी एमडीएम नहीं बना। सहायक अध्यापक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि रसोइया रसोईघर की सफाई में लगी हुई थी तथा विद्यालय पर सफाईकर्मी नहीं पहुंचते हैं।
उच्च प्राथमिक विद्यालय औराडाड़ में भी बच्चों की उपस्थिति काफी कम रही। शिक्षक विद्यार्थियों के अभिभावकों को फोन कर बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करते नजर आए। प्राथमिक विद्यालय जिगिना में उपस्थित बच्चों ने बताया कि मध्याह्न भोजन नहीं बना था। हालांकि विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षामित्र उपस्थित रहे।
प्रधानाध्यापक कन्हईराम ने बताया कि सफाई कर्मी की उपस्थिति महीने में एक बार होती है।
कंपोजिट विद्यालय बैरहा के प्रधानाध्यापक जनार्दन चौधरी ने बताया कि विद्यालय में कुल 165 नामांकन हैं। अत्यधिक गर्मी के कारण एक भी बच्चा विद्यालय नहीं आया, जिसके चलते एमडीएम नहीं बनाया गया। उन्होंने बताया कि विद्यालय में ग्राम प्रधान द्वारा कायाकल्प कार्य कराया जा रहा है।
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बछईपुर में बच्चों का हुआ स्वागत
रोसयाबाजार। पौली के प्राथमिक विद्यालय बछईपुर में बच्चों का रोली चंदन व तिलक लगाकर बच्चों का स्वागत किया गया। हालांकि बच्चों की उपस्थिति अपेक्षा अनुसार कम रही। प्राथमिक विद्यालय रमवापुर मिश्र में उपस्थित 80 छात्र-छात्राओं को फूल देकर स्वागत किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी गरिमा यादव ने पीएमश्री विद्यालय गोइठहा में स्कूल चलो अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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पुष्प वर्षा कर स्वागत किया
सेमरियावां। प्राथमिक विद्यालय ढोढ़ई में बच्चों के स्वागत के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय पहुंचे बच्चों का तिलक लगाकर तथा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। स्वागत कार्यक्रम से बच्चों के चेहरे खिल उठे और विद्यालय परिसर उत्साह से भर गया।
मेंहदावल क्षेत्र में पहले दिन कई स्कूलों में बच्चे नहीं पहुंचे। अध्यापक विद्यालय में समय से पहुंच गए। विद्यालय की साफ-सफाई के बाद बैठ कर बच्चों का इंतजार करते रहे। कुछ अध्यापकों ने फोन के जरिये अभिभावकों से संपर्क किया तो पता चला कि बच्चे बाहर हैं। वहीं कुछ अभिभावकों ने तेज गर्मी में विद्यालय खोलने पर भी आपत्ति जताई। कुछ अध्यापक जनगणना के काम में भी लगे हैं। वह अलग परेशान दिखे।
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उच्च प्राथमिक विद्यालय अछिया में केवल छह बच्चे आए थे, जिसमें दो बच्चे कुछ देर बाद घर चले गए, जबकि उच्च प्राथमिक नंदौर में 8 बच्चे उपस्थित रहे। लोहरौली संवाद के अनुसार विकास खण्ड बेलहर कला के अन्तर्गत कंपोजिट विद्यालय रसूलपुर पर भी बच्चे नहीं आए थे।
प्रधानाध्यापक अंकित ने बताया कि विद्यालय का पहला दिन था, इसलिए बच्चे नहीं आए थे, लेकिन बच्चों के परिवार से संपर्क कर बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करेंगे।
विद्यालय खुले, बच्चों की उपस्थिति रही कम, नहीं बना एमडीएम
लोहरैया। अधिकतर विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति बेहद कम रही। कई विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) का चूल्हा भी ठंडा रहा। प्राथमिक विद्यालय संठी में कुल 14 बच्चे उपस्थित रहे। विद्यालय पहुंचने पर शिक्षकों ने बच्चों का चंदन लगाकर स्वागत किया। 14 बच्चों के लिए एमडीएम भी तैयार किया गया था। विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामचंद्र सिंह ने बताया कि विद्यालय में कुल 78 बच्चे नामांकित हैं। विद्यालय के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्राथमिक विद्यालय मरवटिया में मात्र सात बच्चे उपस्थित मिले। सहायक अध्यापक जितेंद्र कुमार अनुपस्थित रहे। जबकि प्रधानाध्यापक रविंद्र कुमार बच्चों को पढ़ाते मिले। यहां एमडीएम नहीं बना था। प्रधानाध्यापक ने बताया कि रसोइया रसोई घर की साफ-सफाई में लगी होने के कारण भोजन नहीं बन सका और बच्चों को बिस्किट वितरित किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय पर सफाईकर्मी नियमित रूप से नहीं आते हैं।
कंपोजिट प्राथमिक विद्यालय औराडाड़ में भी कुछ ही बच्चे उपस्थित रहे। यहां भी एमडीएम नहीं बना। सहायक अध्यापक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि रसोइया रसोईघर की सफाई में लगी हुई थी तथा विद्यालय पर सफाईकर्मी नहीं पहुंचते हैं।
उच्च प्राथमिक विद्यालय औराडाड़ में भी बच्चों की उपस्थिति काफी कम रही। शिक्षक विद्यार्थियों के अभिभावकों को फोन कर बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करते नजर आए। प्राथमिक विद्यालय जिगिना में उपस्थित बच्चों ने बताया कि मध्याह्न भोजन नहीं बना था। हालांकि विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षामित्र उपस्थित रहे।
प्रधानाध्यापक कन्हईराम ने बताया कि सफाई कर्मी की उपस्थिति महीने में एक बार होती है।
कंपोजिट विद्यालय बैरहा के प्रधानाध्यापक जनार्दन चौधरी ने बताया कि विद्यालय में कुल 165 नामांकन हैं। अत्यधिक गर्मी के कारण एक भी बच्चा विद्यालय नहीं आया, जिसके चलते एमडीएम नहीं बनाया गया। उन्होंने बताया कि विद्यालय में ग्राम प्रधान द्वारा कायाकल्प कार्य कराया जा रहा है।
बछईपुर में बच्चों का हुआ स्वागत
रोसयाबाजार। पौली के प्राथमिक विद्यालय बछईपुर में बच्चों का रोली चंदन व तिलक लगाकर बच्चों का स्वागत किया गया। हालांकि बच्चों की उपस्थिति अपेक्षा अनुसार कम रही। प्राथमिक विद्यालय रमवापुर मिश्र में उपस्थित 80 छात्र-छात्राओं को फूल देकर स्वागत किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी गरिमा यादव ने पीएमश्री विद्यालय गोइठहा में स्कूल चलो अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
पुष्प वर्षा कर स्वागत किया
सेमरियावां। प्राथमिक विद्यालय ढोढ़ई में बच्चों के स्वागत के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय पहुंचे बच्चों का तिलक लगाकर तथा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। स्वागत कार्यक्रम से बच्चों के चेहरे खिल उठे और विद्यालय परिसर उत्साह से भर गया।