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Sant Kabir Nagar News: पूर्व प्रधान और पूर्व सचिव को नोटिस
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संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मसिंहवा। सांथा ब्लॉक के ग्राम पंचायत बरघाट में शौचालय निर्माण के नाम पर गड़बड़ी सामने आई है। कागजों पर शौचालय दिखाकर धन निकासी के मामले में मुख्य विकास अधिकारी ने तत्कालीन ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पूर्व प्रधान और पूर्व सचिव को एक सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल करना है।
सांथा विकासखंड के सेवहां बाबू निवासी महेंद्र सिंह ने छह वर्ष पूर्व बरघाट गांव में बनाए गए शौचालय की अनियमितता को लेकर पत्राचार करते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि शौचालय का निर्माण कहीं अधूरा तो कहीं कराया ही नहीं गया है।
शिकायत के मामले में जांच की गई तो सामने आया कि पंचायत में 135 व्यक्तिगत शौचालयों का रिकॉर्ड प्रस्तुत किया गया, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग मिली। कई लाभार्थियों के नाम पर धनराशि जारी कर दी गई, जबकि मौके पर शौचालय का कोई अस्तित्व नहीं मिला। कुछ शौचालय अधूरे पाए गए तो कई मामलों में निर्माण केवल कागजों तक सीमित रहा।
जांच रिपोर्ट में 11 शौचालयों के निर्माण में वित्तीय अनियमितता और शासनादेशों की अनदेखी की पुष्टि हुई है। सीडीओ ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी जिम्मेदारों से साक्ष्य सहित जवाब मांगा है। निर्देश दिया गया है कि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जाए, अन्यथा संबंधितों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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धर्मसिंहवा। सांथा ब्लॉक के ग्राम पंचायत बरघाट में शौचालय निर्माण के नाम पर गड़बड़ी सामने आई है। कागजों पर शौचालय दिखाकर धन निकासी के मामले में मुख्य विकास अधिकारी ने तत्कालीन ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पूर्व प्रधान और पूर्व सचिव को एक सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल करना है।
सांथा विकासखंड के सेवहां बाबू निवासी महेंद्र सिंह ने छह वर्ष पूर्व बरघाट गांव में बनाए गए शौचालय की अनियमितता को लेकर पत्राचार करते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि शौचालय का निर्माण कहीं अधूरा तो कहीं कराया ही नहीं गया है।
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शिकायत के मामले में जांच की गई तो सामने आया कि पंचायत में 135 व्यक्तिगत शौचालयों का रिकॉर्ड प्रस्तुत किया गया, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग मिली। कई लाभार्थियों के नाम पर धनराशि जारी कर दी गई, जबकि मौके पर शौचालय का कोई अस्तित्व नहीं मिला। कुछ शौचालय अधूरे पाए गए तो कई मामलों में निर्माण केवल कागजों तक सीमित रहा।
जांच रिपोर्ट में 11 शौचालयों के निर्माण में वित्तीय अनियमितता और शासनादेशों की अनदेखी की पुष्टि हुई है। सीडीओ ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी जिम्मेदारों से साक्ष्य सहित जवाब मांगा है। निर्देश दिया गया है कि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जाए, अन्यथा संबंधितों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
