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Sant Kabir Nagar News: मौसम बदलाव से बढ़ रहे कमर और घुटनों में दर्द के मरीज
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ठंड बढ़ने, नमी और तेज हवा के संपर्क में आने से बढ़ जाती है जोड़ों में दर्द और अकड़न
जिला अस्पताल में रोजाना आ रहे 80-100 मरीज
महराजगंज। मौसम में हो रहे बदलाव के कारण जिला अस्पताल की ओपीडी में कमर और घुटने के दर्द से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास कुमार के अनुसार, रोजाना ओपीडी में 80 से 100 मरीज इस समस्या से ग्रस्त होकर पहुंच रहे हैं। एक सप्ताह पहले 40-50 मरीज आते थे। विशेष रूप से ठंड बढ़ने, नमी और तेज हवा के संपर्क में आने से जोड़ों में दर्द और अकड़न बढ़ जाती है।
डॉ. विकास कुमार ने बताया कि मौसम परिवर्तन के दौरान शरीर गर्मी बनाए रखने के लिए जोड़ों में रक्त संचार को कम कर देता है, जिससे जोड़ कठोर हो जाते हैं और दर्द उत्पन्न होता है। नमी के कारण मांसपेशियां और ऊतक प्रभावित होते हैं जबकि तेज हवा सीधे जोड़ों पर असर डालती है।
उन्होंने कहा कि यह समस्या मुख्य रूप से मध्यम आयु वर्ग और बुजुर्गों में अधिक देखी जा रही है लेकिन युवाओं में भी गलत बैठने की आदतों के कारण यह बढ़ रही है। डॉक्टर ने मरीजों को सलाह दी है कि झुककर काम न करें, मुक्की या पलथी मारकर न बैठें। इससे जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और दर्द बढ़ सकता है।
इसके बजाय सीधी कुर्सी पर बैठें, पीठ को सहारा दें और समय-समय पर हल्की सैर या स्ट्रेचिंग करें। गर्म पानी से सेंक लगाना, हल्की एक्सरसाइज और वजन नियंत्रित रखना भी फायदेमंद होता है। डॉक्टर ने जोर दिया कि यदि दर्द लगातार बना रहे तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें, क्योंकि अनदेखी करने से समस्या गंभीर हो सकती है।
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जिला अस्पताल में रोजाना आ रहे 80-100 मरीज
महराजगंज। मौसम में हो रहे बदलाव के कारण जिला अस्पताल की ओपीडी में कमर और घुटने के दर्द से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास कुमार के अनुसार, रोजाना ओपीडी में 80 से 100 मरीज इस समस्या से ग्रस्त होकर पहुंच रहे हैं। एक सप्ताह पहले 40-50 मरीज आते थे। विशेष रूप से ठंड बढ़ने, नमी और तेज हवा के संपर्क में आने से जोड़ों में दर्द और अकड़न बढ़ जाती है।
डॉ. विकास कुमार ने बताया कि मौसम परिवर्तन के दौरान शरीर गर्मी बनाए रखने के लिए जोड़ों में रक्त संचार को कम कर देता है, जिससे जोड़ कठोर हो जाते हैं और दर्द उत्पन्न होता है। नमी के कारण मांसपेशियां और ऊतक प्रभावित होते हैं जबकि तेज हवा सीधे जोड़ों पर असर डालती है।
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उन्होंने कहा कि यह समस्या मुख्य रूप से मध्यम आयु वर्ग और बुजुर्गों में अधिक देखी जा रही है लेकिन युवाओं में भी गलत बैठने की आदतों के कारण यह बढ़ रही है। डॉक्टर ने मरीजों को सलाह दी है कि झुककर काम न करें, मुक्की या पलथी मारकर न बैठें। इससे जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और दर्द बढ़ सकता है।
इसके बजाय सीधी कुर्सी पर बैठें, पीठ को सहारा दें और समय-समय पर हल्की सैर या स्ट्रेचिंग करें। गर्म पानी से सेंक लगाना, हल्की एक्सरसाइज और वजन नियंत्रित रखना भी फायदेमंद होता है। डॉक्टर ने जोर दिया कि यदि दर्द लगातार बना रहे तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें, क्योंकि अनदेखी करने से समस्या गंभीर हो सकती है।