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Sant Kabir Nagar News: हरि नाम स्मरण ही जीव के कल्याण का श्रेष्ठ मार्ग
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कथा सुनाते कथा वाचक। संवादकथा सुनाते कथा वाचक। संवाद
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संतकबीरनगर। क्षेत्र के मुंडेरा सेमरडाडी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा वाचक उपेंद्र पाराशर ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग, बालकृष्ण की शरारतें, माखन चोरी, गो-प्रेम, कालिया नाग मर्दन और कंस के आमंत्रण पर श्रीकृष्ण का बलराम के साथ मथुरा प्रस्थान जैसे प्रसंगों को सुनाया, जिसे सुनकर श्रद्धालु मंत्र मुग्ध हो गए।
उन्होंने कलयुग की महिमा बताते हुए कहा कि इस युग में हरि नाम का स्मरण ही जीव के कल्याण का सरल और श्रेष्ठ मार्ग है। उन्होंने यह भी बताया कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को ज्ञान,वैराग्य और भक्ति का मार्ग दिखाती है। सच्चे मन से भगवान का स्मरण करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। माखन लीला, गोवर्धन धारण और कंस के अत्याचारों से पंचतत्व की अशुद्धि तथा भगवान द्वारा उनके शुद्धिकरण का प्रसंग प्रस्तुत किया।
इसमें तृणावर्त वध से वायु, मृदा भक्षण से धरती, कालिया नाग के दमन से जल, व्योमासुर वध से आकाश और अग्नि पान से अग्नि तत्व के शुद्धिकरण का उल्लेख किया गया।
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इस अवसर पर मुख्य यजमान वेणी माधव पांडेय, शारदा देवी, डॉ. जय प्रकाश शर्मा, गणेश पांडेय, डॉ. शिव कुमार पांडेय, राम सजीवन पांडेय, आचार्य गोविंद मिश्रा, आचार्य राम शंकर दुबे, आचार्य गोरखनाथ पांडेय, शुभम पांडेय आदि मौजूद रहे।
उन्होंने कलयुग की महिमा बताते हुए कहा कि इस युग में हरि नाम का स्मरण ही जीव के कल्याण का सरल और श्रेष्ठ मार्ग है। उन्होंने यह भी बताया कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को ज्ञान,वैराग्य और भक्ति का मार्ग दिखाती है। सच्चे मन से भगवान का स्मरण करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। माखन लीला, गोवर्धन धारण और कंस के अत्याचारों से पंचतत्व की अशुद्धि तथा भगवान द्वारा उनके शुद्धिकरण का प्रसंग प्रस्तुत किया।
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इसमें तृणावर्त वध से वायु, मृदा भक्षण से धरती, कालिया नाग के दमन से जल, व्योमासुर वध से आकाश और अग्नि पान से अग्नि तत्व के शुद्धिकरण का उल्लेख किया गया।
इस अवसर पर मुख्य यजमान वेणी माधव पांडेय, शारदा देवी, डॉ. जय प्रकाश शर्मा, गणेश पांडेय, डॉ. शिव कुमार पांडेय, राम सजीवन पांडेय, आचार्य गोविंद मिश्रा, आचार्य राम शंकर दुबे, आचार्य गोरखनाथ पांडेय, शुभम पांडेय आदि मौजूद रहे।